रायगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 21 मार्च। घरघोड़ा थाना क्षेत्र में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के विरुद्ध पुलिस को एक बड़ी न्यायिक सफलता मिली है। तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक शरद चन्द्रा के कुशल नेतृत्व और सटीक विवेचना के परिणाम स्वरूप, विशेष न्यायालय रायगढ़ ने आरोपी को 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
घटना 25 जुलाई 2023 की है, जब मुखबिर की सूचना पर घरघोड़ा पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी विकास महंत (निवासी नवागढ़) को गिरफ्तार किया था। आरोपी के पास से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल बरामद की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन एसडीओपी धरमजयगढ़ दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन तत्कालीन थाना प्रभारी शरद चन्द्रा के नेतृत्व में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) रायगढ़, अश्वनी कुमार चतुर्वेदी के न्यायालय ने प्रकरण के तथ्यों और साक्ष्यों को दृष्टिगत रखते हुए आरोपी विकास महंत को दोषी पाया। 15 दिसंबर 2025 को सुनाए गए फैसले में आरोपी को 12 वर्ष का कठोर कारावास 1,20,000 रुपये का अर्थदंड (जुर्माना न भरने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास). कि सजा सुनाई है।


