रायपुर

गणतंत्र दिवस परेड शिविर में राजपथ पर परेड के गौरव संग छत्तीसगढ़ी संस्कृति की छटा बिखेर रहे हैं स्वयंसेवक
22-Jan-2021 5:19 PM 33
गणतंत्र दिवस परेड शिविर में राजपथ पर परेड के गौरव संग छत्तीसगढ़ी संस्कृति की छटा बिखेर रहे हैं स्वयंसेवक

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर 22 जनवरी। नई दिल्ली गणतंत्र दिवस परेड शिविर में शामिल छत्तीसगढ़ के छह स्वंयसेवकों में से चार स्वंय सेवक 26 जनवरी को राजपथ में होने वाली परेड में शामिल होगें। विदित हो कि गणतंत्र दिवस परेड शिविर के लिए चयनित छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वंय सेवक इन दिनों जहां राजपथ पर परेड का अभ्यास कर रहे हैं वहीं रोजाना होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की संस्कृति की छटा बिखेर रहे हैं।  

नई दिल्ली गणतंत्र दिवस परेड शिविर में शामिल संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय की यशोदा राजवाड़े ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि आर डीसी कैंप के लिए छत्तीसगढ़ से कुल 6 स्वंय सेवकों का चयन हुआ था। कोरोना की चुनौतियों के बीच एहतियात के साथ  आगरा में आयोजित प्री आरडीसी कैंप में प्रशिक्षण के बाद 30 दिसंबर को उनकी टोली दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। 

दिल्ली मेें कड़ाके की ठंड और बारिश के कारण 5 जनवरी तक उनका अभ्यास स्थगित रहा। 6 जनवरी से अभ्यास शुरु हुआ। इंटरनेशनल यूथ हॉस्टल में रहते हुए सुबह 4.30 से उनकी दिनचर्या शुरु हो जाती है। सुबह 8 बजे वे अभ्यास के लिए निर्धारित स्थल में पहुंच जाते हैं। फिलहाल छत्तीसगढ़ के 6 स्वंय सेवकों में से चयनित 4 स्वंय सेवक राजपथ में परेड का अभ्यास कर रहे हैं। अभ्यास में उनके अलावा भावना जायसवाल, विशाल देवांगन, जितेश शामिल हैं।

बी.कॉम प्रथम वर्ष की छात्रा यशोदा ने बताया कि शिविर में पूरे  देश से 200 स्वंयसेवक जुटे हुए हैं। शिविर मिनी इंडिया में तब्दील हो गया है। 23जनवरी को फाइनल रिहर्सल होगी। शिविर के दौरान रोजाना शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। विगत 16 जनवरी को उनके दल द्वारा सैला नृत्य तथा  20 जनवरी को द्वारा बस्तरिहा नृत्य प्रस्तुत किया गया था।

गणतंत्र दिवस परेड शिविर में शामिल अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर की भावना जायसवाल ने बताया कि शिविर में रहते हुए देश की संस्कृति को करीब से जानने का उन्हें मौका मिल रहा है। 23 जनवरी को फाइनल रिहर्सल के बाद 24 जनवरी को प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात होगी। एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत गुजरात के साथ उनकी  जोड़ी होने के कारण गुजरात की संस्कृति से उनका साझा हो गया है। राजपथ पर परेड को लेकर वह खासी रोमांचित हैं और साथ ही साथ गौरव का अनुभव कर रही हैं।

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