देउरझाल के ग्रामीण बरसों से कर रहे मांग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
उतई, 26 दिसंबर । राजस्व गांव की चाह में देउरझाल के ग्रामीण एक अलग रास्ता अपनाकर प्रशासन तक बात पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। आज सुबह भी गांव के तालाब में कड़ाके की ठंड में महिलाओं के साथ पुरुषों ने भी जल समाधि लेकर आंदोलन किए। आज जलसमाधि का 5वां दिन है।
पाटन विधानसभा के पतोरा के आश्रित गांव देउरझाल के लोग कई वर्षों से स्वतंत्र राजस्व गांव बनने का सपना देख रहे हैं, लेकिन लगातार प्रशासन से मांग करने के बाद भी मांगों को गंभीरता से नहीं लेने पर ग्रामीण अपने गांव के तालाब में गत पांच दिनों से रोज सुबह जाकर 5 से 11 बजे तक प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन को ध्यान आकृष्ट करने हेतु यह कदम उठा रहे हैं।
दो बार सडक़ पर बैठ कर प्रदर्शन भी
विगत दो बार पाटन से दुर्ग जाने के मुख्य मार्ग पर पूरे ग्रामीणों द्वारा प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन अधिकारियों द्वारा सिर्फ आश्वासन मिला, जिससे नाराज ग्रामीणों आज इस तरह जल में प्रदर्शन को मजबूर हो गए।
2018 में भूपेश बघेल ने भी की थी पहल
ग्रामीणों की मांग पर वर्तमान विधायक भूपेश बघेल ने पहल की थी। बाकायदा घोषणा भी की गई थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री बनने के बाद भी प्रक्रिया में किसी प्रकार की गति नहीं होने से नाराज ग्रामीणों को इस तरह का प्रदर्शन करना पड़ रहा है
ग्राम सभा से 2017 में प्रस्ताव भी पास
2017 में तत्कालीन सरपंच तारिणी वर्मा की अध्यक्षता में ग्राम सभा का अनुमोदन भी किया गया, उसके बाद किसी प्रकार की आपत्ति भी नहीं लगाई गई थी, स्वतंत्र राजस्व गांव बनने जा रहे ग्रामीणों को फिर धोखा का सामना करना पड़ा।
जब तक ठोस कार्रवाई नहीं, तब तक प्रदर्शन करने का निर्णय
ग्रामीणों ने बैठक कर निर्णय लिया कि जब तक शासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं करती है, तब तक लगातार हर दिन 3 घंटे तालाब में जलसमाधि की तरह प्रदर्शन किया जाएगा।
सबसे ज्यादा गुस्सा अपने ही सीएम पर
उस समय के विधायक व अब के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का लिखित में आश्वासन मिला था, लेकिन अभी तक कार्रवाई शून्य होने पर ग्रामीणों में नाराजगी है। आज जलसमाधि में चेलाराम, यशवंत कुर्रे, भूपेंद्र मनहरे, खूबचंद देशलहरा, प्रेमिन बाई, उत्तरा जांगड़े, राजेश शांति साहू चंद्रा यादव, योगेश्वर जांगड़े, किरण टंडन, सतन बाई, आहेलिया बाई, सजनी बाई, रमला, सरोजनी बाई, मोतिम, हेमिन, पुरेन्द्र जांगड़े सहित ग्रामीणजन शामिल हुए।