कारोबार
प्रगति कॉलेज में एआई पर इंटरनेशनल सेमिनार
रायपुर, 18 मई। प्रगति कॉलेज, चौबे कॉलोनी, रायपुर में दो दिवसीय इंटरनेशनल सेमिनार का आयोजन किया गया। शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का विषय भारतीय ज्ञान प्रणाली एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता का वर्तमान परिदृश्य में एकीकरण था। प्राचार्या एवं कार्यक्रम संरक्षक डॉ. सौम्या नैयर ने बताया कि आज का समय भारतीय ज्ञान परंपरा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इन दोनों को अलग-अलग देखने के बजाय उन्हें जोडऩे का है।
प्रो. राजीव चौधरी ने भारतीय ज्ञान परंपरा की आवश्यकता को समझाया। उन्होंने कहा कि पाश्चात्य शिक्षा दर्शन के दीर्घकालीन प्रभाव से हटकर एकीकृत विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने प्राचीन बुद्धिमत्ता की तुलना एक मजबूत वृक्ष की जड़ों से की, जिसके बिना हमारा विकास अस्थिर और अस्थायी है।
प्रो. राजीव चौधरी ने भारतीय विज्ञान एवं कलाओं में परा और लौकिक विद्या के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने ईशा उपनिषद, ब्रह्मांड की उत्पत्ति तथा ब्रह्मांडीय चेतना के विषय में विस्तारपूर्वक चर्चा की। श्री चौधरी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा अनुसंधान में उनकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
श्री नलिन शुक्ला ने भारतीय ज्ञान परंपरा की समझ, दर्शन, गणित एवं चिकित्सकीय क्षेत्रों में इसकी उपयोगिता को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि पारंपरिक डिजिटलीकरण के प्रयास अक्सर विफल क्यों होते हैं, इस पर अपने विचार व्यक्त किए तथा बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता कैसे भारतीय ज्ञान प्रणाली के साथ समन्वय स्थापित कर सकती है। डिजिटलीकरण के लिए मजबूत शासन व्यवस्था की आवश्यकता है, ताकि विकृति और दुरुपयोग को रोका जा सके। श्री शुक्ला ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को प्रश्न-उत्तर के माध्यम से शांत किया।


