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रायपुर, 31 मार्च। प्रगति कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सौम्या नैयर ने बताया कि कॉलेज में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य कौशल एवं व्यवसायिक विकास को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती निवेदिता पांडा रही। सर्वप्रथम पूजा एवं दीप प्रज्वलन कर इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। किताबी ज्ञान और व्यवसायिक कौशल के बीच की दूरी को कम करना है। ताकि छात्र आधुनिक कला तकनीकों और व्यवसायिक बारीकियां का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर सके।
डॉ. नैयर ने बताया कि कार्यशाला के प्रथम दिवस पर प्रशिक्षिका श्रीमती निवेदिता पांडा द्वारा मग आर्ट - साधारण मग को कलात्मक रूप देकर उसे उपहार या सजावट की वस्तु में बदलने की कला सिखाई गई। द्वितीय दिवस पर धातु और लकड़ी पर की जाने वाली पारंपरिक मीनाकारी को आधुनिक माध्यम से करने का तरीका सिखाया गया इसमें बारीकी से रंगों को भरने और डिजाइन उभरने की तकनीक बताई गई। ताकि बढ़ते आधुनिकता में भारतीय कला एवं परंपरा से जुड़े रहे।
डॉ. नैयर ने बताया कि कार्यशाला के तीसरे दिन आर्कषक और कस्टमाइज्ड नेम प्लेट तैयार करने के तरीके बताए गए जो वर्तमान में एक लोकप्रिय व्यावसायिक विकल्प है और विद्यार्थी इस घर और ऑफिस के लिए उपयोग कर सकते है।
श्रीमती पांडा ने बताया कि कैसे छात्र इन छोटी-छोटी कलाकृतियों के माध्यम से अपना स्वयं का स्टार्टअप या छोटा व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। सभी छात्र-छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ इस सत्र में भाग लिया। कार्यशाला के अंतिम दिन इन सभी हस्त निर्मित वस्तुओं की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गुजंन शर्मा और धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती उपासना श्रीवास्तव ने किया।


