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रायपुर, 29 मार्च। व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन जितेंद्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, अध्यक्ष परमानंद जैन, महामंत्री सुरिंदर सिंह, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र जग्गी, राम मंधान, वासु मखीजा, भरत जैन, राकेश ओचवानी तथा शंकर बजाज ने संयुक्त रूप से बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर विशेष एक्साइज ड्यूटी में की गई महत्वपूर्ण कटौती का स्वागत करते हुए इसे अंर्तराष्ट्रीय संकट के समय देश की जनता के हित में एक अत्यंत सराहनीय कदम बताया है।
श्री पारवानी ने बताया कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के बीच केंद्र सरकार का यह निर्णय आम जनता को राहत देने तथा आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी पहल है। सरकार द्वारा पेट्रोल पर विशेष एक्साइज ड्यूटी को ?13 से घटाकर ?3 प्रति लीटर तथा डीजल पर ?10 से घटाकर शून्य कर दिया जाना न केवल उपभोक्ताओं के लिए राहतकारी है, बल्कि इससे परिवहन एवं लॉजिस्टिक क्षेत्र को भी बड़ी मजबूती मिलेगी। इस निर्णय का सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव लॉजिस्टिक लागत पर पड़ेगा।
श्री पारवानी ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता आने से परिवहन खर्च में वृद्धि पर अंकुश लगेगा, जिससे वस्तुओं की ढुलाई लागत नियंत्रित रहेगी और बाजार में कीमतों के अनावश्यक बढऩे पर रोक लगेगी। इसका सीधा लाभ देश के करोड़ों उपभोक्ताओं को मिलेगा, क्योंकि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें संतुलित बनी रहेंगी।
श्री पारवानी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय संकट के इस दौर में सरकार के सामने यह चुनौती थी कि या तो खुदरा कीमतों में वृद्धि होने दी जाए या फिर स्वयं वित्तीय भार वहन किया जाए। केंद्र सरकार ने जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए एक संतुलित और जन कल्याणकारी निर्णय लिया है। प्रदेश का व्यापारिक समुदाय इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करता है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इस राहत का लाभ अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचे तथा किसी भी प्रकार से आपूर्ति श्रृंखला बाधित न हो।


