बीजापुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 4 मई। जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य का शुभारंभ होते ही ग्रामीण अंचलों में उत्साह का माहौल बन गया है। जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित बीजापुर के अंतर्गत 1 मई से इस महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत हो चुकी है, जिसकी पहली झलक भैरमगढ़ समिति के फड़ों में देखने को मिली।
यहां फड़ पर पहुंचे संग्राहकों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे उनके उत्साह में और बढ़ोतरी हुई। इस पहल ने न केवल कार्य की सकारात्मक शुरुआत की, बल्कि संग्राहकों में अपनापन और सम्मान की भावना भी मजबूत की। भैरमगढ़ के बाद अन्य फड़ों में भी आगामी दिनों में संग्रहण कार्य शुरू होने जा रहा है।
तेंदूपत्ता तोड़ाई को लेकर संग्राहक पूरे जोश और लगन से जुटे हुए हैं। जंगलों में अच्छी गुणवत्ता वाले पत्तों की उपलब्धता ने उनकी मेहनत को और सार्थक बना दिया है। संग्राहकों का मानना है कि इस बार उत्पादन बेहतर रहेगा, जिससे उनकी आमदनी में भी इजाफा होगा।
नई तेंदूपत्ता नीति के तहत पारिश्रमिक राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भुगतान प्रक्रिया पहले से अधिक सरल और तेज होगी। साथ ही, फड़ों में जरूरी संसाधनों और व्यवस्थाओं को भी सुनिश्चित किया गया है, जिससे कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके।
जिला यूनियन के अंतर्गत 28 समितियों के 45 लॉट और 582 फड़ों में संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस बार बेहतर गुणवत्ता और अधिक संग्रहण से ग्रामीणों को अधिक लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कुल मिलाकर, तेंदूपत्ता संग्रहण की यह शुरुआत बीजापुर के ग्रामीणों के लिए नई उम्मीद और खुशहाली का संदेश लेकर आई है।


