बीजापुर

हाईवे को कब्जामुक्त करने प्रशासन सख्त, 74 अवैध निर्माणों को नोटिस
16-Apr-2026 1:55 PM
हाईवे को कब्जामुक्त करने प्रशासन सख्त, 74 अवैध निर्माणों को नोटिस

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 16 अप्रैल।
बीजापुर जिले के भोपालपटनम नगर में लंबे समय से नेशनल हाइवे के किनारे जमे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अब प्रशासन सख्त रवैया अपनाने में जुटा हुआ है। बीजापुर जिला मुख्यालय के चट्टान पारा में हाल ही में हुए बुलडोजर एक्शन के बाद अब भोपालपटनम प्रशासन भी पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है।

नगर की चरमराई यातायात व्यवस्था और भविष्य में होने वाले रोड चौड़ीकरण की कार्ययोजना को देखते हुए तहसीलदार लक्ष्मण कुमार राठिया ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नेशनल हाईवे के किनारे स्थित 74 मकान और दुकान मालिकों को नोटिस जारी कर पेशी पर तलब किया है। प्रशासन के इस कड़े रुख से नगरवासियों में चर्चा का माहौल है।

 व्यापारियों द्वारा सडक़ों पर शेड निकालकर और मकान मालिकों द्वारा नालियों के ऊपर अवैध पक्का निर्माण कर लिए जाने के कारण भोपालपटनम की सूरत बिगड़ चुकी है। प्रशासन की इस सक्रियता की खबर जैसे ही बाजार में फैली, कई दुकानदारों ने आनन-फानन में अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है।
चर्चा है कि प्रशासन इस बार केवल खानापूर्ति नहीं करेगा, बल्कि चट्टान पारा की तर्ज पर यहाँ भी अवैध निर्माणों को जमींदोज करने के लिए कार्रवाई की जाएगी। जिन 74 लोगों को नोटिस थमाया गया है, उन्हें तहसील कार्यालय में उपस्थित होकर पक्ष रखने को कहा गया है।

प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण के कारण आए दिन मार्केट में जाम की स्थिति बनी रहती है। गाडिय़ां दुकानों के सामने बेतरतीब खड़ी रहती है अतिक्रमण हटेगा तो नगर और सुन्दर दिखाई देगा। आने वाले दिनों में रोड चौड़ीकरण के बाद न केवल व्यापार बढ़ेगा, बल्कि सडक़ दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि विकास की राह में बाधा बनने वाले किसी भी निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा। वर्तमान में दी गई नोटिस की मियाद खत्म होते ही प्रशासन मैदान में उतरेगा। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में एक साथ कब्जेधारियों को चिन्हित कर हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

इस संबंध में भोपालपटनम तहसीलदार लक्ष्मण कुमार राठिया ने बताया कि नगर में बढ़ते अतिक्रमण के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित हो चुका है और आगामी दिनों में नेशनल हाईवे और मुख्य मार्गों का चौड़ीकरण किया जाना प्रस्तावित है, जिसके लिए शासकीय भूमि को रिक्त कराना अनिवार्य है। फिलहाल हमने 74 मकान और दुकान मालिकों को नोटिस जारी कर पेशी के लिए बुलाया है ताकि वे अपना पक्ष रख सकें। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वेच्छा से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो प्रशासन को मजबूरन सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना पड़ेगा।
 


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