बीजापुर

तेंदूपत्ता संग्रहकों को नगद भुगतान की मांग, कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन, निकाली रैली
10-Apr-2026 10:00 PM
 तेंदूपत्ता संग्रहकों को नगद भुगतान की मांग, कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन, निकाली रैली

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बीजापुर, 10 अप्रैल। जिला मुख्यालय में आज तेंदूपत्ता संग्रहकों को संग्रहण केंद्रों पर ही नगद भुगतान करने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर के झंडे तले विशाल धरना-प्रदर्शन एवं रैली का आयोजन किया गया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर बीजापुर को ज्ञापन सौंपा गया।

कांग्रेस ने मांग की है कि प्रदेश की भाजपा सरकार अपने चुनावी घोषणा-पत्र मोदी की गारंटी में किए गए वादों के अनुरूप तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्रों पर ही नगद भुगतान सुनिश्चित करे तथा लगातार 15 दिनों तक बिना किसी बाधा के तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य कराए।

इस दौरान बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनावों में मोदी की गारंटी के नाम पर तेंदूपत्ता संग्राहकों से कई बड़े वादे किए थे। इनमें मुख्य वादे थे , संग्रहण केंद्र पर नगद भुगतान, लगातार 15 दिनों तक निर्बाध संग्रहण, तेंदूपत्ता की दर बढ़ाना, फड़मुंशियों का मानदेय बढ़ाना, मजदूरों की मजदूरी बढ़ाना और परिवहन वाहनों का किराया बढ़ाना। लेकिन सरकार बनने के 27 महीने बीत जाने के बावजूद भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार ने मोदी की गारंटी का एक भी वादा पूरा नहीं किया है, और भाजपा अपने वादों से मुंह मोड़ रही है। विधायक ने आगे कहा कि जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब आदिवासियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। रोजगार के अभाव में लोग तेलंगाना और महाराष्ट्र की ओर पलायन कर रहे हैं।

 उन्होंने आगे कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण से मिलने वाली आय आदिवासी परिवारों की कृषि के अलावा घरेलू जरूरतों को पूरा करती थी, लेकिन भाजपा सरकार इस आय के स्रोत को भी आदिवासियों से छीनने पर आमादा है।

विधायक ने यह भी कहा कि जिले के अंदरूनी इलाकों में बैंकिंग व्यवस्था नहीं है। आधे से अधिक आदिवासियों के पास अभी तक बैंक खाता या आधार कार्ड भी नहीं है। ऐसे में बैंक खाते के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्राहकों को भुगतान करने से समस्या उत्पन्न होगी।

विधायक विक्रम मंडावी ने आरोप लगाया कि बस्तर की जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर उद्योगपतियों की नजर है तथा भाजपा सरकार इन संसाधनों को उद्योगपतियों को सौंपने की साजिश रच रही है।

इन मांगों को लेकर सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन

1- तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्र पर ही नगद (कैश) भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

2- वर्तमान दर 5500/- रुपये प्रति मानक को बढ़ाकर 7000/- रुपये किया जाए।

3- ग्रामीणों की मांग के अनुसार आवश्यकतानुसार तत्काल नए तेंदूपत्ता फड़ खोले जाएं।

4- नेशनल पार्क, पामेड़ अभ्यारण्य एवं टिण्डोड़ी अभ्यारण्य क्षेत्र में भी तेंदूपत्ता तोडऩे की व्यवस्था की जाए।

5- फड़मुंशियों के कमीशन में वृद्धि करते हुए घोषणानुसार 25,000/- रुपये वार्षिक मानदेय दिया जाए।

6- तेंदूपत्ता तोड़ाई एवं खरीदी का कार्य लगातार 15 दिनों तक बिना किसी रुकावट के चलाया जाए।

7- तेंदूपत्ता परिवहन में लगने वाले ट्रैक्टर एवं अन्य वाहनों के किराए में उचित वृद्धि की जाए।

8- तेंदूपत्ता कार्य (उल्टाई-पलटाई, बोरा भराई आदि) में लगे मजदूरों की मजदूरी दर बढ़ाने जैसे मांगे शामिल है।

इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।


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