बीजापुर

नक्सलवाद खत्म होते ही ‘रेत माफिया राज’ शुरू!
25-Apr-2026 2:57 PM
नक्सलवाद खत्म होते ही  ‘रेत माफिया राज’ शुरू!

इंद्रावती में 200 मीटर सडक़, पानी रोककर तस्करी का खेल
तेलंगाना के ठेकेदार सक्रिय, ग्रामीणों को भनक तक नहीं
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 25 अप्रैल।
जिले में नक्सलवाद के कमजोर पड़ते ही अब रेत तस्करों का नेटवर्क तेजी से पैर पसारने लगा है। भोपालपटनम ब्लॉक के अटटूकपल्ली पंचायत अंतर्गत कोंडामौसम गांव में इंद्रावती नदी के भीतर ही करीब 200 मीटर लंबी सडक़ बनाकर अवैध रेत तस्करी का रास्ता तैयार कर दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा निर्माण बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के किया गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक नदी के बीच मुरूम और रेत डालकर सडक़ बनाई गई है, साथ ही पाइप पुलिया डालकर नदी का पानी दूसरी ओर मोड़ दिया गया है, जिससे तस्करों को रेत निकालने और वाहनों की आवाजाही में आसानी हो सके। इस पूरे मामले में तेलंगाना के ठेकेदारों की सक्रिय भूमिका सामने आ रही है।

पंचायत पर गंभीर आरोप, ग्रामीणों को अंधेरे में रखा
गांव के लोगों का आरोप है कि सरपंच और सचिव की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा है। बिना ग्रामसभा की अनुमति और बिना ग्रामीणों को जानकारी दिए सडक़ निर्माण कर दिया गया। ग्रामीण मोडेम गणपत पंच ने बताया कि सिर्फ नारियल फोडक़र काम शुरू कर दिया गया, हमें कोई जानकारी नहीं दी गई। विरोध करने पर भी अनसुना किया गया।
वहीं ग्रामीण तलाड़ी इरैया ने कहा कि गांव में इस विषय पर कोई बैठक नहीं हुई, किसकी अनुमति से सडक़ बनी यह हमें नहीं पता।
नदी के प्रवाह से खिलवाड़, पर्यावरण पर खतरा
इंद्रावती नदी में पानी का प्रवाह रोककर पाइप के जरिए दिशा बदलना गंभीर पर्यावरणीय खतरा माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप और जलस्तर पर असर पड़ सकता है।
 मालिकों की जमीन
पर जबरन सडक़
जानकारी के अनुसार यालम शिवेया, दूबा तुलसीराम और दूबा नागेय की जमीन से होकर सडक़ बनाई गई है। जमीन मालिकों को इस कार्य की पूर्व सूचना तक नहीं दी गई।
सचिव पर पुराने आरोप,
फिर विवादों में नाम
ग्रामीणों ने पंचायत सचिव रवि दुर्गम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले भी तालाब निर्माण में भ्रष्टाचार और गबन के आरोप लग चुके हैं, और अब इस अवैध सडक़ निर्माण में उनकी भूमिका सामने आ रही है।
कागजों में खदान प्रक्रिया, जमीनी स्तर पर तस्करी शुरू !
कोंडामौसम रेत खदान पंचायत को स्वीकृत जरूर है, लेकिन उसकी प्रक्रिया अभी कागजों में ही चल रही है। इसके बावजूद नदी में सडक़ बनाकर पहले ही तस्करी शुरू कर दी गई है, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रशासन बोला—जांच
कर होगी कार्रवाई


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