बीजापुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 30 अप्रैल। वनमण्डल बीजापुर के अंतर्गत तेन्दूपत्ता संग्रहण सीजन 2026 की शुरुआत 1 मई 2026 से प्रस्तावित है। इस बीच, राज्य के प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति प्रबंधक संघ द्वारा अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर 27 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए संघ कार्यालय रायपुर में ज्ञापन सौंपा गया था। संभावित हड़ताल के चलते तेन्दूपत्ता तोड़ाई कार्य प्रभावित होने और शासन को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने 29 अप्रैल को कड़ा कदम उठाते हुए एस्मा लागू कर दिया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य में लगे सभी कर्मचारी एवं प्रबंधक अब अत्यावश्यक सेवाओं के अंतर्गत माने जाएंगे।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी कर्मचारी या प्रबंधक अपने निर्धारित कार्यों के निष्पादन से इंकार नहीं कर सकेगा। ऐसा करना पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा और नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार के इस फैसले का उद्देश्य तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य को सुचारु रूप से संचालित करना और संभावित आर्थिक नुकसान से बचाव करना है। यह आदेश राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से आगामी तीन माह की अवधि तक प्रभावी रहेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, तेन्दूपत्ता संग्रहण राज्य की वन आधारित अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे बड़ी संख्या में वनवासियों और श्रमिकों की आजीविका जुड़ी हुई है।


