बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 15 जून। पुलिस ने ऑनलाइन साइबर ठगी करने वाले और उन्हें सहयोग करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
सिटी कोतवाली पुलिस को मिली सूचना थी कि इंडियन बैंक की बेमेतरा शाखा के एक खाते का उपयोग म्यूल अकाउंट (धोखाधड़ी की राशि प्राप्त करने वाला खाता)के रूप में किया जा रहा है। जांच में पाया कि आरोपी धर्मराज साहू के खाते में लाखों रुपए का संदेहास्पद लेनदेन हुआ था, जिसके आधार पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में अपराध पंजीकृत कर विवेचना शुरू की।
गहन पूछताछ और जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपी धर्मराज साहू, संतोष साहू और अन्य लोगों ने मिलकर ठगी का जाल बिछाया था। संतोष साहू और उसके साथी भोले भाले लोगों को लोन दिलाने का प्रलोभान देकर उनके नाम से बैंक खाता खुलवाते थे। इसके बाद में उन खातों के पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड अपने पास रख लेते थे और साइबर ठगी के जरिए पैसों को जमा करते थे।
प्राप्त अवैध राशि को इन खातों में के माध्यम से खपाते थे। इस प्रारंभिक जांच में पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 पासबुक, 2 चेक बुक, 8 एटीएम और 2 मोबाइल जब्त कर अप्रैल 2026 में ही मुख्य आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। लेकिन विवेचना को आगे बढ़ते हुए पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज की, जिससे एक और अहम कड़ी सामने आई।
पूछताछ में पता चला कि रायपुर निवासी सैकी दरड़ा इस गिरोह के मुख्य सूत्रधार था, जो कमीशन का लालच देकर ग्रामीणों के नाम से बैंक खाता खुलवाता था। वह इन खातों का उपयोग ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए करता था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर बेमेतरा पुलिस ने सैकी दरड़ा को केंद्रीय जेल रायपुर के प्रोडक्शन वारंट के जरिए हिरासत में लिया गया व गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।


