बेमेतरा

बेमेतरा की बेटियों ने रचा इतिहास
30-Apr-2026 3:04 PM
बेमेतरा की बेटियों ने रचा इतिहास

 पैदल चलकर और मोबाइल से दूर रहकर तय किया मेरिट सूची का सफर

 ‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बेमेतरा, 30 अप्रैल  छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा बुधवार को घोषित कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों ने बेमेतरा जिले को गौरवान्वित किया है। इस वर्ष के परिणाम जिले के लिए उपलब्धियों की नई गाथा लेकर आए हैं, जिसमें बेटियों ने न केवल जिले में टॉप किया, बल्कि प्रदेश की प्रावीण्य सूची में भी अपना दबदबा कायम किया है। यह सफलता उन तमाम मिथकों को तोड़ती है जो कहते हैं कि बेहतर शिक्षा के लिए बड़े शहरों या महंगी सुख-सुविधाओं की आवश्यकता होती है। जिला मुख्यालय से लेकर नवागढ़ के ग्रामीण अंचलों तक, छात्राओं के घरों में उत्सव का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

अभावों को मात देकर ओमनी ने हासिल किया प्रदेश में दूसरा स्थान

जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर 2 की रहने वाली कुमारी ओमनी वर्मा ने वह कर दिखाया है जो किसी भी छात्र के लिए एक मिसाल है। ओमनी ने 12वीं की परीक्षा में 98.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे छत्तीसगढ़ में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उनकी यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बिना किसी निजी कोचिंग और बिना मोबाइल फोन के यह मुकाम हासिल किया। ओमनी स्वामी आत्मानंद शासकीय कन्या स्कूल बेमेतरा की वाणिज्य (कॉमर्स) संकाय की छात्रा हैं। उनकी दिनचर्या किसी तपस्या से कम नहीं थी।  वह प्रतिदिन सुबह अपनी बहन चुलेश्वरी के साथ करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाती थीं।

घर पहुँचने पर सुखद समाचार की जानकारी दी, तो ओमनी और उनकी माता उत्तरा वर्मा की आँखों में खुशी के आँसू छलक आए। उनकी माँ और दादी शांति बाई ने बताया कि ओमनी रोजाना करीब 11 घंटे पढ़ाई करती थी। ओमनी का मानना है कि यदि मन में पढऩे की ललक हो, तो सुविधाओं के अभाव में भी लक्ष्य पाया जा सकता है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों और परिवार के अटूट सहयोग को दिया है। भविष्य में वह चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहती हैं और एमबीए फाइनेंस करने की इच्छा रखती हैं। उनके पिता कमोद वर्मा, जो काम के सिलसिले में कवर्धा गए हुए थे, खबर सुनकर तुरंत लौटे और उन्होंने अपनी मेधावी बिटिया के लिए उपहार स्वरूप एक दो-पहिया वाहन लेने की घोषणा की है।

ग्रामीण अंचल की प्रतिभा लक्ष्मी साहू ने प्रदेश के टॉप-10 में बनाई जगह

सफलता की दूसरी बड़ी कहानी नवागढ़ ब्लॉक के ग्राम कुंरा से आती है, जहाँ सरकारी स्कूल की छात्रा कुमारी लक्ष्मी साहू ने 96.16 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश की मेरिट सूची में 9वां स्थान प्राप्त किया है। लक्ष्मी एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता पुरुषोत्तम साहू खेती-किसानी करते हैं और माता भुवनेश्वरी साहू गृहणी हैं। माता-पिता दोनों ने केवल 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की है, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी के सपनों को हमेशा पंख दिए। लक्ष्मी ने पूरी तैयारी स्वयं की और जहाँ भी उन्हें विषय समझने में कठिनाई हुई, वहाँ स्कूल के शिक्षकों ने उनका भरपूर मार्गदर्शन किया।

लक्ष्मी का लक्ष्य बहुत स्पष्ट है। वह भविष्य में एक प्रशासनिक अधिकारी  बनना चाहती हैं और समाज सेवा करना चाहती हैं। उनकी यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्रों के उन बच्चों के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी के कारण पीछे हट जाते हैं। लक्ष्मी ने 10वीं कक्षा में भी 90 प्रतिशत अंक हासिल किए थे, जिससे यह स्पष्ट था कि वह 12वीं में कुछ बड़ा करेंगी। उनकी सफलता पर जिला शिक्षा अधिकारी जीआर चतुर्वेदी और स्थानीय पार्षद नीतू कोठारी ने घर पहुँचकर उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।

12वीं में बढ़ा सफलता का ग्राफ

जिले में इस वर्ष कक्षा 12वीं के परिणामों में पिछले वर्ष की तुलना में 1.36 प्रतिशत का सुधार देखा गया है। सांख्यिकी आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 8677 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से 7116 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इस प्रकार जिले का कुल परिणाम 82.39 प्रतिशत रहा। सफलता के इन आंकड़ों में बालिकाओं का प्रदर्शन लडक़ों की तुलना में उत्कृष्ट रहा है। जहाँ 85.40 प्रतिशत छात्राएं सफल रहीं, वहीं छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत 77.77 रहा।

श्रेणीवार विभाजन को देखें तो जिले के शैक्षणिक स्तर में सुधार स्पष्ट झलकता है। कुल सफल विद्यार्थियों में से 4238 ने प्रथम श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है, जबकि 2754 परीक्षार्थी द्वितीय श्रेणी और 114 परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। हालांकि, 1000 परीक्षार्थी ऐसे भी हैं जो एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण होने के कारण पूरक की श्रेणी में आए हैं, जबकि 520 परीक्षार्थी पूर्णत: अनुत्तीर्ण रहे। जिले के अधिकारियों का मानना है कि छात्राओं की राज्य स्तरीय रैंकिंग से अन्य छात्रों के बीच भी प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ेगी।

 सफलता में बालिकाओं का दबदबा बरकरार

कक्षा 10वीं (हाईस्कूल) के परिणामों की बात करें तो बेमेतरा जिले का प्रदर्शन स्थिर रहा है, जिसमें पिछले सत्र के मुकाबले महज 0.20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष जिले के 12,009 परीक्षार्थियों में से 11,983 का परिणाम जारी किया गया। कुल 8,607 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए, जिससे जिले का कुल औसत परिणाम 71.82 प्रतिशत रहा। इसमें बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 76.06 रहा, जबकि बालकों का प्रतिशत 65.74 दर्ज किया गया।

श्रेणीवार आंकड़ों के तहत, 4444 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं, 3830 द्वितीय श्रेणी में और 333 विद्यार्थियों ने तृतीय श्रेणी प्राप्त की है। इस स्तर पर चिंता का विषय यह रहा कि जिले का कोई भी छात्र प्रदेश की टॉप-10 सूची में जगह नहीं बना सका। इसके अलावा, 896 परीक्षार्थी पूरक आए हैं और 2480 परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण हुए हैं। शिक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि आगामी सत्र में 10वीं के शैक्षणिक स्तर को ऊँचा उठाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी ताकि हाईस्कूल के बच्चे भी ओमनी और लक्ष्मी की तरह प्रदेश स्तर पर जिले का नाम रोशन कर सकें।


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