बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 20 जनवरी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में ‘बालवाड़ी योजना’प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभाप्रारम्भ हुआ। डाइट के प्राचार्य जेके घृतलहरे ने बताया कि प्रथम चरण के अंतर्गत 19 से 21 जनवरी तक तीन दिवस बालवाड़ी प्रशिक्षण होगा।
इस प्रशिक्षण के लिए चारों विकासखंड से 160 शिक्षक शिक्षिकाओं को आमंत्रित किया गया है। जिसमें आज प्रथम दिवस 118 ही प्रशिक्षार्थी ही उपस्थित रहे।प्रथम दिवस के उद्घाटन सत्र में डाइट प्राचार्य जेके घृतलहरे और उप प्राचार्य डॉ कमल कपूर बंजारे सहित प्रशिक्षण प्रभारी जीएल खुटियारे उपस्थित रहे।
डाइट में चल रहे बालवाड़ी प्रशिक्षण का समय 9.30 से शाम 5 बजे तक रहेगा। आज प्रथम दिवस सभी प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए डाइट प्राचार्य जे के घृतलहरे ने कहा कि बच्चों को बालवाड़ी में इसलिए भेजा जाता है ताकि वह एक दूसरे से अच्छी तरह से बातचीत करना सीख सके, और खेलें। एक शिक्षक उन्हें बहुत से सामग्री उपलब्ध कराता है और यहां पर भी बहुत सी गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं जिससे यह बच्चे भाषा सीखने के लिए प्रेरित होते हैं, शब्दों को पढऩा सीखते हैं, अपने स्तर का गणितीय और वैज्ञानिक ज्ञान प्राप्त करते हैं, और साथ ही संगीत कला और सामाजिक व्यवहार की शिक्षा भी प्राप्त करते हैं। वे बच्चे जिन्होंने इससे पहले अपना अधिकांश समय घर पर ही बिताया है बालवाड़ी ऐसे बच्चों को बिना किसी चिंता के अपने माता-पिता से दूर रहकर सीखने में मदद करता है। यहां पर उन्हें पहली बार नियमित रूप से खेलने का और बच्चों के एक ही समूह के साथ बातचीत करने का मौका मिलता है। बालवाड़ी बच्चों को प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश के लिए वातावरण तैयार करता है। साथ ही बच्चों में अच्छी आदतों का विकास करना, बच्चों में सुनने और बोलने के कौशल का विकास करना, विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बुद्धि व व्यक्तित्व का विकास करना, पूर्व प्राथमिक विद्यालय से प्राथमिक विद्यालय में सहज रूप से पारगमन के लिए वातावरण तैयार करना। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण गतिविधियों पर आधारित कार्यक्रम है। बच्चों के उम्र के अनुरूप सीखने की भिन्न-भिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सीखने के परिवेश को बच्चों के लिए अनुकूल बनाना।
तीनों भूपेंद्र साहू, शीतल बैस और विधि शर्मा मास्टर ट्रेनरों के द्वारा शाला आने से पूर्व बच्चों को शिक्षक एवं शाला के भय से मुक्त किस प्रकार किया जाय, बताया गया। इस पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही खेल खेल में नन्हें बच्चों का किस प्रकार सर्वांगीण किया जा सकता हैं, समझाया गया। अनौपचारिक शिक्षा के माध्यम से कैसे बच्चों को शाला हेतु तैयार किया जाए बताया गया, थीम आधारित शिक्षण पर भी विस्तृत चर्चा की गई विकास के आयामों की जानकारी दी गई, सभी प्रशिक्षार्थियों ने बहुत ही उत्साह से प्रशिक्षण लिया। आज के प्रशिक्षण समाप्त होने के पूर्व डाइट प्राचार्य जेके घृतलहरे ने कहा कि संचालक एससीईआरटी के सभी डाइट प्राचार्यो को दिए मौखिक निर्देश के अनुसार परीक्षा को देखते हुए आगामी तिथि तक सभी प्रशिक्षण स्थगित करने के निर्देश दिए है और इस संबंध में जिले के चारों विकासखंड शिक्षा अधिकारियोंं को त्वरित सूचना भेजी गई।


