बेमेतरा

धान कटाई के बाद बची ठूंठ को किसान जला रहे, सरकार ने दंडनीय अपराध घोषित किया है...
02-Dec-2025 3:50 PM
धान कटाई के बाद बची ठूंठ को किसान जला रहे,   सरकार ने दंडनीय अपराध घोषित किया है...

खेत में जलती पराली को देख कार्रवाई नहीं की, मात्र चेतावनी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बेमेतरा, 2 दिसंबर। जिले में धान की कटाई के बाद किसानों के पराली (फसल अवशेष) जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। एक तरफ प्रशासन  ‘धरती माता बचाओ अभियान’ के तहत जागरूकता की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ नियमों के उल्लंघन पर बेरला क्षेत्र में कृषि विभाग की ढीली कार्रवाई सवालों के घेरे में है।

पराली जलाने पर जागरूकता और दंडात्मक कार्रवाई के बीच असमंजस की स्थिति तब उजागर हुई, जब बेरला क्षेत्र के ग्राम कठिया में एक किसान के खेत में पराली जलती हुई पाई गई, लेकिन कृषि विभाग ने मौके पर केवल चेतावनी जारी करने तक ही खुद को सीमित रखा।

 बताया गया कि बेरला कार्यालय के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ने ग्राम कठिया के एक किसान के खेत में पराली जलाए जाने की जानकारी मिलने पर जांच की। 29 नवंबर को जब अधिकारी किसान के खेत पर पहुंचे, तो उन्हें पराली जलती हुई या जली हुई मिली। इसके बावजूद, विभाग ने मौके पर कोई दंडात्मक या जुर्माना लगाने की कार्रवाई नहीं की।

अधिकारी ने किसान को केवल एक कड़ी चेतावनी जारी की कि पराली जलाना पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 और एनजीटी के तहत दण्डनीय अपराध है। हालांकि चेतावनी में यह स्पष्ट किया गया कि भविष्य में दोबारा ऐसी घटना पाए जाने पर ही नियमानुसार जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

नवागांव में जागरूकता जारी, पर सख्ती गायब

 इसी बीच, ग्राम नवागांव में धरती माता बचाओ अभियान के तहत किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया गया। अभियान में मल्चर, कपोस्टिंग, और गौशालाओं में पैरा दान करने की सलाह दी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता अपनी जगह है, लेकिन जब नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा हो, तब केवल चेतावनी देना नियमों की गंभीरता को कम करता है, और किसानों को दोबारा ऐसा करने के लिए अप्रत्यक्ष प्रोत्साहन मिल सकता है। इस बीच कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि वे पराली न जलाएं, बल्कि उसका वैज्ञानिक प्रबंधन करें।

आने वाले दिनों में कार्रवाई की जाएगी -कृषि अफसर

उपसंचालक कृषि मोरध्वज डडसेना ने कहा कि शुरुआत होने की वजह से किसानों को मौके पर पहुंचकर समझाइश दी जा रही है। आने वाले कुछ दिनों से लगातार कार्रवाई की जाएगी। राजस्व विभाग के माध्यम से सभी को नोटिस भेजी जा रही है। पराली जलाने की स्थिति में ढाई हजार से अधिक का फाइन लगाने का प्रावधान है।


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