बस्तर
नेतानार में युवाओं ने श्रमदान कर हटाई जहाज लाटा घास, रोपे जाएंगे उपयोगी पौधे
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 16 जून। सस्टेनेबल विलेज और सामुदायिक भागीदारी का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए ग्राम सभा नेतानार के बिजलीपारा में ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।
बिजलीपारा स्थित निस्तार क्षेत्र और मरघट स्थल में आज सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति तथा स्थानीय युवाओं द्वारा संयुक्त रूप से विशेष श्रमदान अभियान चलाया गया, जिसके तहत क्षेत्र में तेजी से फैल रही आक्रामक खरपतवार क्रोमोलेना (जिसे स्थानीय भाषा में जहाज लाटा कहा जाता है) को पूरी तरह से साफ किया गया।
इस सराहनीय अभियान में पारा के युवाओं और ग्राम सभा के सदस्यों ने बढ़-चढक़र अपनी जिम्मेदारी निभाई। ग्राम सभा सदस्य सोनू नाग ने आगामी योजनाओं को साझा करते हुए बताया कि क्रोमोलेना घास हटाए जाने के बाद जो भूमि खाली हुई है, उसका उपयोग बेहद योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा और इस क्षेत्र में जल्द ही बांस, कटहल, जपरा (लाल सिंदूर) और अन्य कई उपयोगी व फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस पहल से न केवल क्षेत्र का हरित आवरण (ग्रीन कवर) बढ़ेगा और जैव विविधता का संरक्षण होगा, बल्कि आने वाले समय में ग्रामवासियों को विभिन्न महत्वपूर्ण वन उपजों का प्रत्यक्ष लाभ भी मिल सकेगा।
इस सामूहिक प्रयास को सफल बनाने के लिए गांव के युवा और बुजुर्ग एक साथ मैदान में उतरे, जिसमें मुख्य रूप से सहदेव, कमल, सोनू, मोतीराम, बलदेव, जयदेव, जलदेव, सोनसाय, जुलपू, कोया, समलू, रामसाय, देवनाथ, जयसिंह, जानिक, सीताराम, फुलसिंह, पतीराम, धनीराम, सुंदरू, दिपेश, मंगलसाय, मोती, सुखराम, पंकज और तुलाराम सहित बहुत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता निभाया।
यह अभियान सिर्फ एक दिन की गतिविधि तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्राम सभा नेतानार ने सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया है कि सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से वन संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन तथा निस्तार क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के लिए इस तरह के सामूहिक प्रयास भविष्य में भी निरंतर जारी रखे जाएंगे। नेतानार के युवाओं का यह प्रयास आज के समय में अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गया है।


