बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 15 जून। पत्रकारों पर सीधे एफआईआर दर्ज किए जाने की घटनाओं के विरोध में बस्तर जिला पत्रकार संघ ने सोमवार को जगदलपुर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। पत्रकारों ने राज्य सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून का पूर्ण और प्रभावी पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून वर्ष 2023 से लागू है और इसके तहत किसी भी पत्रकार के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज करने से पूर्व डीएसपी स्तर के अधिकारी द्वारा जांच किया जाना अनिवार्य है। इसके बावजूद कई मामलों में पत्रकारों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जा रही हैं, जो कानून की भावना और प्रावधानों के विपरीत है।
पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कानून का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया तो पत्रकार समुदाय आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगा।
धरना-प्रदर्शन के माध्यम से पत्रकारों ने राज्य सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून के सभी प्रावधानों को सख्ती से लागू करने तथा पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।


