बस्तर

जन्म से बंद थे मलद्वार और मूत्र मार्ग, दो सफल ऑपरेशनों ने बदली अरुलेश की जिंदगी
12-Jun-2026 10:13 PM
जन्म से बंद थे मलद्वार और मूत्र मार्ग, दो सफल ऑपरेशनों ने बदली अरुलेश की जिंदगी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

जगदलपुर, 12 जून। बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड के ग्राम छापर भानपुरी निवासी तीन वर्षीय अरुलेश बघेल के जीवन में अब खुशियों ने दस्तक दे दी है। जन्म से ही मलद्वार और मूत्र मार्ग बंद होने जैसी गंभीर जन्मजात समस्या से जूझ रहे इस मासूम के लिए बीते कुछ वर्ष बेहद कठिन रहे, लेकिन समय पर चिकित्सा और विशेषज्ञ डॉक्टरों के प्रयासों ने उसकी जिंदगी बदल दी।

अरुलेश के पिता तुलसीदास बघेल बताते हैं कि बेटे की बीमारी उनके परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता का कारण थी। जन्म से ही मलद्वार और पेशाब का रास्ता बंद होने के कारण बच्चे को लगातार शारीरिक तकलीफों का सामना करना पड़ता था। अपने बेटे को पीड़ा में देखकर माता-पिता भी बेहद व्याकुल रहते थे।

विगत वर्ष फरवरी 2025 में स्वास्थ्य केन्द्र में जांच के दौरान अरुलेश की गंभीर स्थिति का पता चला, जिसके बाद उसे बेहतर उपचार के लिए रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। वहां आयुष्मान कार्ड के माध्यम से नि:शुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जून 2025 में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उसके मलद्वार का पहला सफल ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद बच्चे की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला और उसके जीवन में नई उम्मीद जगी।

इसके बाद चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी रहा। विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार फरवरी 2026 में रायपुर में ही अरुलेश के मूत्र मार्ग का दूसरा ऑपरेशन किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। दोनों जटिल ऑपरेशन के साथ ही लगातार उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श सहित समुचित देखभाल के फलस्वरूप अब अरुलेश स्वस्थ जीवन जी रहा है और सामान्य बच्चों की तरह खेल-कूद तथा दैनिक गतिविधियां कर पा रहा है।

तुलसीदास बघेल कहते हैं कि बेटे को स्वस्थ देखकर पूरे परिवार को सुकून मिला है, सबसे ज्यादा खुशी अरूलेश की दादी को मिली है जो उसके साथ ज्यादा समय बिताती है। उन्होंने उपचार में सहयोग करने वाले स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों तथा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर के विशेषज्ञ डॉक्टरों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही आयुष्मान योजना के माध्यम से मिली उपचार सुविधा के लिए सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस सहायता ने उनके परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों प्रकार की बड़ी राहत दी है।


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