बस्तर
जगदलपुर, 11 मई। छत्तीसगढ़ शासन की ‘मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना’ के अंतर्गत प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों के सुनहरे भविष्य को संवारने के उद्देश्य से ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बस्तर जिले में इस परीक्षा के लिए जगदलपुर स्थित निर्मल विद्यालय को प्रमुख केंद्र बनाया गया था। परीक्षार्थियों के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे। इस विशेष पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट स्कूली शिक्षा के साथ-साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग, सीए, सीएस, क्लैट और एनडीए जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जाना है। परीक्षा की गरिमा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर श्री मनीष वर्मा एवं आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री गणेश राम सोरी ने परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का सघन भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित कराया। बस्तर जिले में इस परीक्षा के प्रति छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह देखा गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, परीक्षा के लिए कुल 1455 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 1192 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, जबकि 263 परीक्षार्थी अनुपस्थित पाए गए।
रविवार को आयोजित इस चयन परीक्षा की प्रक्रिया सुबह 9:30 बजे ओएमआर शीट भरने के साथ शुरू हुई, जिसके पश्चात 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक मुख्य परीक्षा आयोजित की गई। विभाग द्वारा अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए 1 मई से ही प्रवेश पत्र ऑनलाइन उपलब्ध करा दिए गए थे और तकनीकी सहायता के लिए सहायक आयुक्त कार्यालय को भी मुस्तैद रखा गया था। प्रशासन की सुव्यवस्थित योजना और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में परीक्षा का आयोजन सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है, जो बस्तर के मेधावी बच्चों को शैक्षणिक सफलता के राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।


