बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 9 मई। धुरवा समाज बस्तर संभाग द्वारा 20वां स्थापना दिवस टांगियाजोड़ी में छोटे गुडरा, बड़ेआरपुरबड़े, बारुपारा, केलाऊर गांव के लोगों ने धूमधाम, पारंपरिक उत्साह एवं सामाजिक एकता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर 95 जोड़ों का सामूहिक विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया, जिसमें पूरे बस्तर संभाग से बड़ी संख्या में धुरवा समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम ने समाज की एकता, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक समरसता का प्रेरणादायी संदेश दिया।
कार्यक्रम में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से समाज प्रमुख, पदाधिकारी, युवा, महिलाएं एवं समाजजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाज, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, लोकनृत्य, वेशभूषा तथा पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मनमोहक प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ समाज के वरिष्ठजनों एवं अतिथियों द्वारा मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद समाज की गौरवशाली परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत को मंच के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। युवाओं ने अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजकर आने वाली पीढिय़ों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
सभा को संबोधित करते हुए समाज प्रमुखों ने कहा कि धुरवा समाज का स्थापना दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज की पहचान, एकता, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोडऩे का महत्वपूर्ण अवसर है। वक्ताओं ने शिक्षा को बढ़ावा देने, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, युवाओं को नेतृत्व में आगे लाने तथा समाज को संगठित रखने पर विशेष जोर दिया।
इस अवसर पर संभागीय अध्यक्ष पप्पू राम नाग एवं कोषाध्यक्ष मोहरू राम कश्यप सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं वरिष्ठजन उपस्थित रहे।


