बस्तर

एआई से नवाचार करेंगे छात्र-छात्राएं
31-Mar-2026 4:42 PM
एआई से नवाचार करेंगे छात्र-छात्राएं

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 31 मार्च ।
दंतेवाड़ा में शिक्षा से कृत्रिम बुद्धिमत्ता को  जोड़ा गया है जिससे तकनीक की मदद से नवाचार किया जा सके। जिला प्रशासन दंतेवाड़ा द्वारा नवगुरुकुल फाउंडेशन के तकनीकी सहयोग तथा समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित पोटा केबिन विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में शिक्षा सत्र 2025-26 से डिजिटल साक्षरता एवं ‘एआई के माध्यम से करियर अन्वेषण’ कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
हैकाथॉन में जिले के 22 विद्यालयों से 229 छात्र-छात्राएं 59 टीमों के रूप में शामिल हुए। विद्यार्थियों ने पर्यावरण एवं सतत विकास, विद्यालय एवं सामुदायिक समस्याएं, स्वास्थ्य एवं पोषण, स्मार्ट कृषि तथा दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं जैसे विषयों पर कार्य करते हुए स्थानीय स्तर पर समाधान प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न समस्याएं दी गईं, जिनका उन्होंने एआई उपकरणों की सहायता से विश्लेषण कर समाधान तैयार किया। इन समाधानों को पावर प्वाइंट प्रस्तुति, पोस्टर एवं चैटबॉट जैसे माध्यमों से प्रस्तुत किया गया। सभी टीमों ने उत्साह, रचनात्मकता और सामूहिक कार्य का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

विधायक श्री चैतराम अटामी ने भी कार्यक्रम का अवलोकन कर विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें आधुनिक तकनीकी कौशल के महत्व के बारे में प्रेरित किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद दंतेवाड़ा के बच्चे लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और अब एआई जैसे आधुनिक कौशल उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। अरविंद कुंजाम ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ-साथ पारंपरिक ज्ञान और सामाजिक जिम्मेदारी को भी साथ लेकर चलना आवश्यक है।
इसी क्रम में 29 मार्च को एजुकेशन सिटी जावांगा स्थित नवगुरुकुल परिसर में एक दिवसीय ‘एआई के माध्यम से करियर अन्वेषण- हैकाथॉन 2026’ का आयोजन कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा के मार्गदर्शन में किया गया।

जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा ने विद्यार्थियों की तकनीकी समझ की सराहना करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा के दूरस्थ क्षेत्रों से आए कक्षा 6 से 8 तक के बच्चे आज उन्नत एआई उपकरणों का प्रभावी उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि एआई का उपयोग करते समय सतर्कता और विवेक बनाए रखना आवश्यक है तथा किसी भी जानकारी को परखना जरूरी है।
कार्यक्रम में पोटा केबिन बचेली के विद्यार्थियों द्वारा विकसित परीक्षा तैयारी एवं तनाव प्रबंधन में सहायक एआई आधारित चैटबॉट विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं पोटा केबिन कारली के विद्यार्थियों द्वारा प्लास्टिक के दुष्प्रभाव पर आधारित प्रस्तुति ने भी सराहना प्राप्त की।

जिला मिशन समन्वयक श्री हरीश गौतम ने बताया कि यह कार्यक्रम जिले के 22 विद्यालयों में कम लागत में संचालित किया जा रहा है। इसकी विशेषता यह है कि एआई प्रशिक्षक के रूप में कार्य कर रहे युवा स्वयं दंतेवाड़ा के हैं, जो प्रशिक्षण प्राप्त कर अब स्थानीय बच्चों को प्रशिक्षित कर रहे हैं।

कार्यक्रम में निर्णायक के रूप में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विशेषज्ञों ने सहभागिता की। आयोजन के सफल संचालन में समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारियों, अधीक्षकों, अनुदेशकों एवं एआई प्रशिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए सीखने का एक प्रभावी मंच साबित हुआ है और दंतेवाड़ा को शिक्षा में नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिला रहा है।
 पर प्रत्येक विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों से प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर उन्होंने एआई की सहायता से प्रस्तुत कर सभी को प्रभावित किया। समापन समारोह जावंगा स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ।जिसमें जिला पंचायत उपाध्यक्ष  अरविंद कुंजाम तथा जनपद पंचायत दंतेवाड़ा के उपाध्यक्ष रमेश गावड़े मौजूद थे। 


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