बस्तर
एक ही दिन में 8 हजार से अधिक ग्रामीणों की जांच
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 4 फरवरी। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर जिला स्वास्थ्य विभाग एवं गैर संचारी रोग प्रकोष्ठ, बस्तर द्वारा आयोजित बस्तर कैंसर-मुक्त संकल्प अभियान ने जनजागरूकता का नया कीर्तिमान स्थापित किया। जिले के सातों विकासखंडों बस्तर, बकावंड, बास्तानार, दरभा, जगदलपुर, लोहंडीगुड़ा एवं तोकापाल में ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों तक कैंसर के विरुद्ध एकजुट जनआंदोलन देखने को मिला।
इस अवसर पर जिले के 261 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, 7 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पताल में व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग की गई। केवल एक दिन में 8,000 से अधिक लोगों की जांच की गई, जिसमें 5000 से अधिक लोगों की ओरल कैंसर जांच, 3500से अधिक महिलाओं की स्तन जांच तथा 600 से अधिक महिलाओं की वीआईए विधि से सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की गई। प्रारंभिक लक्षण पाए गए 45 मरीजों को आगे के उपचार हेतु जिला अस्पताल/मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
आशा की दीवार गतिविधि के अंतर्गत 8790 नागरिकों ने बैंगनी रंग में अंगूठा लगाकर तंबाकू-मुक्त जीवन एवं नियमित कैंसर जांच का संकल्प लिया। वहीं लगभग 4000 स्कूली बच्चों ने अपने माता-पिता को भावनात्मक पत्र लिखकर तंबाकू एवं नशा छोडऩे का आग्रह किया।
कैंसर सर्वाइवर्स हेतु विशेष पहल
कैंसर से उबर चुके मरीजों की दीर्घकालीन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला अस्पताल के दीर्घायु कैंसर वार्ड में कल 45 कैंसर सर्वाइवर्स को निमोनिया से बचाव की वैक्सीन लगाई गई। यह पहल कमजोर प्रतिरक्षा वाले मरीजों में संक्रमण की रोकथाम हेतु की गई एक महत्वपूर्ण चिकित्सकीय उपलब्धि रही।
कलेक्टर आकाश चिकारा ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ाई केवल अस्पतालों में नहीं, बल्कि समाज के हर घर से शुरू होती है।
बस्तर जिले में आज जो जनभागीदारी देखने को मिली है, वह अत्यंत प्रेरणादायक है। हमारा लक्ष्य केवल इलाज नहीं, बल्कि समय रहते पहचान, रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली को जन-आंदोलन बनाना है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि तंबाकू से दूरी बनाएँ, नियमित स्वास्थ्य जांच कराएँ और अपने परिवार को भी इसके लिए प्रेरित करें। जिला प्रशासन बस्तर को कैंसर-मुक्त बनाने हेतु हरसंभव प्रयास करता रहेगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता नहीं बल्कि संभावित मरीजों की पहचान भी था, जिसमें विभाग को उल्लेखनीय सफलता मिली है।
गैर संचारी रोग के जिला नोडल अधिकारी डॉ. भंवर लाल शर्मा ने जानकारी दी कि चिन्हित सभी संदिग्ध मरीजों की सूची तैयार कर ली गई है तथा आगामी 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच सुनिश्चित कर उपचार प्रारंभ किया।


