बस्तर
आत्मसमर्पितों के जीवन में घुल रहे कौशल के रंग, कलेक्टर ने नुवा बाट में परखी हकीकत
जगदलपुर, 3 फरवरी। बस्तर में हिंसा का रास्ता छोडक़र समाज की मुख्यधारा में लौटे लोगों के जीवन में अब उम्मीद की नई किरण दिखाई देने लगी है। इसी बदलाव का साक्षी बनने और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए कलेक्टर आकाश छिकारा मंगलवार को आड़ावाल स्थित नुवा बाट पहुँचे। जिला प्रशासन का यह दौरा केवल एक औपचारिक निरीक्षण नहीं था, बल्कि उन 28 आत्मसमर्पित माओवादियों के प्रति शासन की संवेदनशीलता का प्रतीक था, जो अब जंगलों की भटकन छोडक़र कौशल विकास के जरिए अपना भविष्य गढ़ रहे हैं।
कलेक्टर श्री छिकारा ने बारीकी से यह जाना कि उनकी ट्रेनिंग किस स्तर पर चल रही है और क्या उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना तो नहीं करना पड़ रहा। इस दौरान प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर रहा कि मुख्यधारा में लौटे ये लोग न केवल हुनरमंद बनें, बल्कि स्वाभिमान के साथ अपना जीवन भी व्यतीत करें।
इस निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के साथ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन और डिप्टी कलेक्टर नंदिनी साहू भी मौजूद रहीं। अधिकारियों ने नुवा बाट की गतिविधियों को देखा और यह सुनिश्चित किया कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। बंदूक छोडक़र हाथों में औजार थामने वाले इन युवाओं का उत्साह और प्रशासन की यह पहल बस्तर में शांति और विकास की एक नई इबारत लिख रही है।


