बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 4 फरवरी। मैत्री संघ मार्ग स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर में आयोजित प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन का कार्यक्रम बुधवार को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह श्रद्धालुओं के आरोग्य एवं कल्याण की कामना के साथ सूर्य नमस्कार एवं भगवान सूर्य की आराधना से की गई। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवान भास्कर की उपासना कर नगरवासियों के उत्तम स्वास्थ्य हेतु प्रार्थना की गई।
इसके पश्चात गौ माता का विधिवत पूजन किया गया। मुख्य यजमान संजय पाण्डेय एवं श्रीमती रेखा पाण्डेय सहित सभी भक्तों ने श्रद्धा भाव से गौ पूजा सम्पन्न कराई। वैदिक मंत्रों के माध्यम से गौ माता के विभिन्न अंगों में निवास करने वाले देवी-देवताओं का पूजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने गौ माता को गो-ग्रास अर्पित किया।
यज्ञ आचार्यों ने गौ पूजा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि केवल मंत्रोच्चारण से ही गौ सेवा का पुण्य नहीं मिलता, बल्कि प्रतिदिन घर का शुद्ध एवं प्रथम भोजन अथवा पहली रोटी गौ माता को अर्पित करना अत्यंत पुण्यदायी होता है। उन्होंने घर का बचा हुआ या जूठा भोजन गाय को न खिलाने की अपील की तथा गौ संरक्षण एवं सेवा के लिए सभी से निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। आचार्यों ने बताया कि गौ माता में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना जाता है।
गौ पूजा के उपरांत श्रद्धालुओं द्वारा यज्ञ मंडप के पश्चिमी भाग में गौरी-गणेश का विधि-विधान से पूजन किया गया। यज्ञ आचार्यों ने वार्डवासियों एवं नगर के नागरिकों के सुख, शांति, समृद्धि तथा सनातन धर्म के प्रति आस्था वृद्धि हेतु विशेष पूजन का संकल्प कराया।
आचार्यों ने इस अवसर पर बताया कि शास्त्रों में देव कार्य से भी पितृ कार्य को श्रेष्ठ माना गया है। इसके बाद यजमानों एवं आचार्यों को रक्षा सूत्र बांधकर यज्ञ विधि सम्पन्न कराई गई। अंत में देवी-देवताओं का स्थापना पूजन, आरती एवं पुष्पांजलि के साथ दूसरे दिन का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में आचार्य रोमित राज त्रिपाठी, आचार्य शिव मिश्रा, आचार्य मानस रंजन दास, आचार्य हेमंत शर्मा, पंडित चंदन तिवारी, पंडित शुभंकर मिश्रा सहित अनेक आचार्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इसके अलावा मुख्य यजमान संजय पांडे, श्रीमती रेखा पांडे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं वार्डवासी मौजूद रहे।


