बस्तर

युवक ने मेडिकल शिक्षा के लिए शवदान फॉर्म भरा
10-Nov-2025 10:20 PM
युवक ने मेडिकल शिक्षा के लिए शवदान फॉर्म भरा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

जगदलपुर, 10 नवंबर। दंतेश्वरी वार्ड निवासी सरजू नाग (42 वर्ष) ने मृत्यु उपरांत अपने शरीर को चिकित्सा शिक्षा के लिए दान करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने डिमरापाल स्थित चिकित्सा महाविद्यालय (मेकाज) में शवदान से संबंधित आवेदन पत्र भरा है।

सरजू नाग मोची का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि परिवार में कुछ सदस्य जीवित हैं और अपनी बेटी को जानकारी देने के बाद उन्होंने अस्पताल में जाकर प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उनका कहना है कि चिकित्सा संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए मानव शरीर की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है।

चिकित्सा शिक्षा में शवदान का महत्व

मेकाज के अधिकारियों के अनुसार, मेडिकल छात्रों को शरीर रचना विज्ञान की पढ़ाई के दौरान मानव शव की आवश्यकता होती है। शरीर दान से भविष्य के चिकित्सकों को प्रशिक्षण प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

अधिकारी बताते हैं कि इच्छुक व्यक्ति जीवित अवस्था में ही इसके लिए सहमति फॉर्म भर सकते हैं। मृत्यु के बाद परिवार के सहयोग से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शव महाविद्यालय को सौंपा जाता है।


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