बस्तर

कई साल से वृद्धावस्था पेंशन के लिए भटक रहे
02-Jul-2022 10:11 PM
कई साल से वृद्धावस्था पेंशन के लिए भटक रहे

राज शार्दुल

विश्रामपुरी, 2 जुलाई (‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता)। नब्बे वर्ष की हो चुकी, अब जीवन के अंतिम पड़ाव तक पेंशन का इंतजार करना पड़ेगा। सरकार जरा मेरी भी फरियाद सुन लो। यह कह रही है गडरी बाई।

जनपद पंचायत बड़ेराजपुर के ग्राम बालेंगा निवासी 90 वर्षीय गडरी बाई इन दिनों दाने-दाने को मोहताज हो चुकी है। न तो उसे वृद्धावस्था पेंशन मिल रहा है न ही विधवा पेंशन। इस उम्र में सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते थक चुकी है। अब उसने प्रशासन के सहयोग का मोह छोडक़र अपने ही हाल में जीने का मन बना लिया।

गडरी बाई बताती हैं कि जब से वह पेंशन की पात्र हुई तब से लेकर अब तक पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों का चक्कर काट रही है। जिला मुख्यालय से लेकर पंचायत सचिवालय तक दौड़ लगाते लगाते अब थक चुकी पर कोई सुनने वाला नहीं है। कुछ कुछ दिनों के अंतराल पर कभी पंचायत का तो कभी बैंक का चक्कर लगाती रही। हर बार यही पूछती रही कि उनका पेंशन चालू हुआ क्या पर हर बार जवाब में ना सुनकर अब दिल बैठ चुका है।

गडरी बाई बताती है कि उम्र के अंतिम पड़ाव पर जब अब शरीर में चलने फिरने की हिम्मत भी नहीं है और लाठी ही सहारा बन चुका है। अब दफ्तरों का चक्कर काटने का हिम्मत भी खत्म हो चुका है। उसने बताया कि सरकारें बदली प्रशासनिक अधिकारी बदले पंचायत के सचिव से सरपंच तक भी कई बार बदल चुके किंतु किसी ने उनकी सुध नहीं ली।

ग्राम बालेंगा के ही हीरा सिंह ने बताया कि वह कई साल से वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन करते आ रहा है। किंतु अब तक उन्हें पेंशन की सुविधा नहीं मिल पाया है वह चलने फिरने में अब लाचार हो चुका है। लाठी के सहारे कुछ कदम चल पाता है। ऐसी स्थिति में वह अब दफ्तरों का चक्कर भी नहीं लगा पा रहा है जनही पिता सोमा मरकाम ,भादू पिता सुकड़ूसलाम की भी कमोबेश यही कहानी है।

जिले में केवल वृद्धावस्था पेंशन ही नहीं बल्कि दिव्यांग पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन का भी बुरा हाल है। लोग पंचायतों एवं जनपद कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं किंतु प्रशासन उनकी सुध नहीं ले रहा है। तुंहर सरकार तुंहर द्वार योजना के तहत प्रशासनिक अधिकारियों का अमला घर-घर पहुंच रहा था किंतु लगता है यह केवल औपचारिकता निभाई गई तथा इस योजना का लाभ भी लोगों को नहीं मिल पाया।

इस संबंध में उपसंचालक समाज कल्याण कोंडागांव ललिता लकड़ा ने बताया कि कई बार गरीबी रेखा सर्वे सूची में नाम नहीं होने के कारण दिक्कत आती है। जो लोग आवेदन किए हैं, उन्हें  पेंशन की सुविधा मिल रही है तथा जिन्हें नहीं मिल पा रहा है वह इसकी शिकायत कर सकते हैं । तत्पश्चात मामले की जांच कर के पात्र पाए जाने पर उन्हें वृद्धावस्था पेंशन की सुविधा दी जाएगी।


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