बलौदा बाजार
विद्यालयों में शाला प्रवेश उत्सव, विद्यार्थियों का स्वागत
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 16 जून। उत्साह, उमंग और नई उम्मीदों के साथ जिले में शैक्षणिक सत्र 2026-27 का आगाज हुआ। शासकीय हायर सेकेंडरी, पूर्व माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालयों में मंगलवार 16 जून को शाला प्रवेश उत्सव एवं प्रथम दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नए बैग, नई किताबें और ढेर सारे सपनों के साथ बच्चे विद्यालय पहुंचे, जहां उनका आत्मीय स्वागत किया गया।
तिलक, पुष्प और मिठाई से हुआ स्वागत
विद्यालयों में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, पुष्प भेंट कर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया गया। पहले ही दिन बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ नजर आया। कोई नए दोस्तों से मिलने को उत्सुक दिखा तो कोई नई कक्षा और शिक्षकों के साथ अपनी पढ़ाई शुरू करने को लेकर रोमांचित दिखाई दिया।
प्रार्थना सभा और सांस्कृतिक
गतिविधियों से गूंजे स्कूल
प्रथम दिवस पर विद्यालयों में प्रार्थना सभा, परिचय सत्र और विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। जनप्रतिनिधियों, पालकों और शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अनुशासन का पालन करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का संकल्प भी लिया।
प्रार्थना सभा की नई व्यवस्था लागू
नए शैक्षणिक सत्र से विद्यालयों में प्रार्थना सभा की नई व्यवस्था लागू की गई है। अब सुबह राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र और महापुरुषों की जीवनी का वाचन किया जाएगा। वहीं मध्यान्ह भोजन के समय भोजन मंत्र तथा छुट्टी के समय राज्यगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का पाठ कराया जाएगा।
शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य
जिले के सभी शिक्षकों के लिए अब ष्टत्रङ्कस््य मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा अवकाश भी ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकृत होंगे। ऑफलाइन आवेदन को मान्यता नहीं दी जाएगी। प्रशासन के अनुसार जिलेभर में शाला प्रवेश उत्सव 16 जून से 30 जून तक आयोजित किया जाएगा।
नई उम्मीदों के साथ शुरू हुई नई यात्रा
नए शैक्षणिक सत्र का पहला दिन बच्चों के लिए नई उम्मीदों, नए सपनों और नई दोस्ती की शुरुआत लेकर आया। विद्यालयों में बच्चों की मुस्कान, उत्साह और सीखने की ललक ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।


