बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 12 जून। खपराडीह स्थित श्री सीमेंट संयंत्र में एक ट्रक चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. परिजनों और ड्राइवर यूनियन ने मामले की जांच की मांग की है। परिजन मुआवजा देने की मांग को लेकर भी अड़े हुए हैं. ड्राइवर यूनियन ने बड़े आंदोलन की भी चेतावनी दी है।
मृतक चालक की पहचान संतोष मानिकपुरी के रूप में हुई है, जो सीमेंट लोड करने के लिए प्लांट के भीतर गया था। बताया जा रहा है कि वह पिछले दो दिनों से संयंत्र परिसर में मौजूद था। इसी दौरान उसकी मौत हो गई. घटना सामने आने के बाद परिजनों और ड्राइवर यूनियन में भारी नाराजगी है।
समय पर सूचना तक नहीं दी गई-परिजन
मृतक के परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद उन्हें समय पर जानकारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि जब तक उन्हें मौत की सूचना मिली, तब तक कई प्रक्रियाएं आगे बढ़ चुकी थीं। परिवार का आरोप है कि यदि घटना गंभीर थी तो सबसे पहले परिजनों को सूचित किया जाना चाहिए था। इसी बात को लेकर परिवार में नाराजगी और अविश्वास बढ़ गए। परिजनों का कहना है कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे मामले को जल्द से जल्द खत्म करने का प्रयास किया जा रहा हो।
मृतक की छोटी बहन राजकुमारी का कहना है कि हमारे भाई का मुआवजा चाहिए। भाई की मौत कैसे हुई, हमें बिना बताए भाई का पोस्टमॉर्टम भी कराया, पुलिस वालों ने कहा है कि मुआवजा दिलाएंगे। हमने कहा कि मुआवजा देने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं कराएंगे तो पुलिस वाले कह रहे हैं कि कहीं भी अंतिम संस्कार कर देंगे।
ड्राइवर यूनियन भी मैदान में
घटना के बाद ड्राइवर यूनियन ने भी मोर्चा खोल दिया है। यूनियन नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की मौत का मामला नहीं है बल्कि पूरे परिवहन समुदाय की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। यूनियन का आरोप है कि कई श्री सीमेंट औद्योगिक इकाइयों में ट्रक चालकों को घंटों और कई बार दिनों तक इंतजार करना पड़ता है, लेकिन उनके लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहता है। ड्राइवर यूनियन के प्रदेश प्रभारी संतोष देवांगन का कहना है कि यदि चालक दो दिनों से परिसर के भीतर था तो उसकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और आवश्यक सुविधाओं की जिम्मेदारी किसकी थी, इसका जवाब प्रबंधन को देना होगा.
संतोष देवांगन, ड्राइवर यूनियन प्रदेश प्रभारी का कहना है कि संतोष मानिकपुरी की श्री सीमेंट प्लांट के अंदर मौत हो गई है। परिजनों को मालिक ने मौत की सूचना दी। उसके बाद प्रशासन परिजनों को डरा धमका रहा है। अब तक मुआवजा नहीं दिया गया है। पोस्टमॉर्टम कहां हुआ है ये भी नहीं बता रहे हैं. मुआवजा नहीं मिलने पर धरना प्रदर्शन करेंगे।
पुलिस कर रही जांच
एसडीओपी कौशल किशोर वासनिक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
कौशल किशोर वासनिक, एसडीओपी का कहना है कि अमोदी के रहने वाले संतोष मानिकपुरी प्लांट में ट्रक ड्राइवर का काम करते हैं। कोल लेकर विशाखापटनम से प्लांट गए थे. यार्ड में गाड़ी खड़ी करने के बाद संदिग्ध परिस्थियों में मौत हुई। मामले में मर्ग कायम कर शव पंचनामा की कार्रवाई की गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसा संभव नहीं है कि बिना परिजनों की उपस्थिति के पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया की जाए।
आंदोलन की तैयारी
परिजनों और ड्राइवर यूनियन ने साफ कर दिया है कि वे केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे। परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो दो दिन बाद संयंत्र के मुख्य द्वार के सामने बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। यूनियन भी इस आंदोलन को समर्थन देने की तैयारी में हैं।


