बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 27 अप्रैल। बलौदाबाजारा-भाटापारा जिले में नए पुलिस अधीक्षक के रूप में ओमप्रकाश शर्मा की नियुक्ति के बाद कानून-व्यवस्था और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर अपेक्षाएं बढ़ी हैं। 10 जून 2024 की एक घटना के बाद से जिले को संवेदनशील माना जाता रहा है। जानकारी के अनुसार, ओमप्रकाश शर्मा इससे पहले बलौदाबाजार और भाटापारा क्षेत्र में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) के रूप में कार्य कर चुके हैं। स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी होने के कारण उनसे प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। हाल के समय में जिले में चोरी की घटनाओं को लेकर लोगों ने चिंता जताई है। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में घरों, दुकानों और वाहनों से सामान चोरी होने की घटनाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों का कहना है कि छोटी चोरी के मामलों में कार्रवाई को लेकर संतोषजनक स्थिति नहीं रही, जिससे अपराधियों को बढ़ावा मिल सकता है। पूर्व में किसानों के खेतों से सोलर पैनल और पंप चोरी के मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वहीं, कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि बाद में छोटे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने में कमी बरती गई। जिले में घुमंतू गिरोहों की गतिविधियों की भी चर्चा होती रही है। चेंबर ऑफ कॉमर्स सहित अन्य संगठनों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ज्ञापन दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
सट्टा गतिविधियों को लेकर शिकायतें
जिले में सट्टा संचालन को लेकर भी शिकायतें मिलती रही हैं। कुछ स्रोतों के अनुसार, पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ मोबाइल और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। इससे निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया जटिल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, पुलिस को समय-समय पर सूचना मिलने की बात सामने आती है, लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि कार्रवाई के बाद भी गतिविधियां दोबारा शुरू हो जाती हैं।
मीडिया की सुरक्षा को लेकर अपेक्षा
मीडिया से जुड़े लोगों के लिए सुरक्षित माहौल की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि वे अपने कार्य बिना दबाव के कर सकें। कुछ स्रोतों के अनुसार, जिला मुख्यालय में कुछ व्यक्तियों के खिलाफ पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज होने और उनके प्रभाव को लेकर चर्चाएं रही हैं। इस संबंध में प्रशासन द्वारा स्थिति स्पष्ट करना और आवश्यक कार्रवाई करना अपेक्षित माना जा रहा है।
अन्य गतिविधियों पर निगरानी की मांग
अवैध शराब, सूदखोरी और कुछ स्थानों पर अन्य गतिविधियों को लेकर भी समय-समय पर शिकायतें सामने आई हैं।
इन मामलों में निरंतर कार्रवाई की आवश्यकता जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अपराध नियंत्रण के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ तकनीकी निगरानी और सूचना तंत्र को मजबूत करना जरूरी है।
नए पुलिस अधीक्षक के सामने प्रमुख चुनौती आमजन का विश्वास बनाए रखना और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना माना जा रहा है।


