बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 4 अप्रैल। रायपुर और महासमुंद जिलों की सीमावर्ती क्षेत्रों में महानदी के तटीय इलाकों में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की है। पलारी ब्लॉक के अंतिम छोर से लेकर आरंग और समोदा क्षेत्र तक रेत के भंडारण और परिवहन की गतिविधियां संचालित होने का आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, अछोला, अछोली और चिखली जैसे सीमावर्ती गांवों में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। उनका कहना है कि सीमा क्षेत्र होने के कारण कार्रवाई में समन्वय की कमी का लाभ उठाया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों के माध्यम से रेत का परिवहन किया जाता है, जिनमें कुछ वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं होने की भी बात कही गई है।
शिकायत करने पर धमकी का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अवैध गतिविधियों की शिकायत करने पर उन्हें धमकाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा क्षेत्र का निरीक्षण नहीं किया गया है।
रेत की परत से हो रहे हादसे
ग्रामीणों ने बताया कि रेत से लदे वाहनों द्वारा बिना ढके परिवहन किए जाने के कारण सडक़ों पर रेत गिरती है। उनके अनुसार, इससे पलारी-आरंग मार्ग पर फिसलन की स्थिति बनती है और दुर्घटनाओं की आशंका रहती है, विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए।
रेत भंडारण को लेकर भी सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, अछोला और चिखली के आसपास बड़े पैमाने पर रेत का भंडारण किया गया है। उनका कहना है कि यह भंडारण आगामी मानसून अवधि के लिए किया गया हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
नियमित की जा रही पेट्रोलिंग
बलौदाबाजार जिला प्रशासन का कहना है कि उनकी सीमा में नियमित रूप से पेट्रोलिंग की जा रही है। वहीं, ग्रामीणों ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं और संयुक्त कार्रवाई की मांग की है।
जगह-जगह सडक़ क्षतिग्रस्त
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पलारी-समोदा-आरंग मार्ग पर भारी वाहनों के दबाव से सडक़ की स्थिति प्रभावित हो रही है। उनके अनुसार, जगह-जगह सडक़ क्षतिग्रस्त हो रही है, जिससे आवागमन में कठिनाई हो रही है।
ग्रामीणों ने संबंधित जिलों के प्रशासन से समन्वय बनाकर जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।


