बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 20 दिसंबर। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार के मार्गदर्शन में 18 दिसंबर को गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर तीर्थ स्थल गिरौधपुरी में विधिक जागरूकता शिविर एवं विधिक सहायता केंद्र का स्टॉल लगाया गया। यह आयोजन दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को विधिक जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लगाए गए स्टॉल के माध्यम से राष्ट्रीय लोक अदालत (दिनांक 14 मार्च 2026), मध्यस्थता प्रक्रिया, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीडऩ से संबंधित कानून, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम, बच्चों के कानूनी अधिकार, महिलाओं के भरण-पोषण संबंधी अधिकार, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, छत्तीसगढ़ टोनही प्रताडऩा निवारण अधिनियम 2005, नि:शुल्क कानूनी सहायता, बाल श्रम निषेध अधिनियम, बाल विवाह निवारण अधिनियम तथा मानसिक अक्षमता से पीडि़त व्यक्तियों के अधिकारों से संबंधित जानकारी दी गई। इस अवसर पर संबंधित विषयों के पाम्पलेट वितरित किए गए।
इस विधिक जागरूकता शिविर में श्वेता मिश्रा, अध्यक्ष, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी, कसडोल के निर्देशन में पैरालीगल वॉलंटियर्स केशव साहू, अश्वनी साहू, चंद्रशेखर श्रीवास, हिमांशु, पीयूष साहू एवं ओजस्व अग्रवाल की ड्यूटी लगाई गई। पैरालीगल वॉलंटियर्स द्वारा जरूरतमंद व्यक्तियों को नि:शुल्क विधिक सलाह दी गई तथा नालसा के टोल-फ्री नंबर 15100 की जानकारी दी गई। आयोजन के दौरान लगभग 600 व्यक्तियों को करीब 5000 पाम्पलेट वितरित किए गए।
अज्ञात युवती को सखी वन स्टॉप सेंटर भेजा गया
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देशानुसार गुमशुदा बच्चों एवं व्यक्तियों की निगरानी के लिए पैरालीगल वॉलंटियर्स की नियुक्ति की गई है। इसी क्रम में पैरालीगल वॉलंटियर अजय वर्मा द्वारा सूचना दी गई कि थाना हथबंध अंतर्गत ग्राम रिंगनी क्षेत्र में एक अकेली युवती घूमती हुई पाई गई, जिसे सुरक्षा के दृष्टिकोण से थाना हथबंध लाया गया।
पूछताछ में युवती ने अपना नाम मनीषा बताया। इस संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अमिता जायसवाल को सूचना दी गई। प्राधिकरण के निर्देश पर थाना प्रभारी हथबंध द्वारा आवश्यक व्यवस्था करते हुए युवती को कपड़े उपलब्ध कराए गए।
महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग से समन्वय स्थापित कर युवती को अस्थायी रूप से सखी वन स्टॉप सेंटर, बलौदाबाजार में सुरक्षित रखा गया है।


