बलौदा बाजार
श्रीसीमेंट संयंत्र ने 300 कर्मचारियों को किया टर्मिनेट
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 20 दिसंबर। ग्राम खपराडीह स्थित सीमेंट संयंत्र में श्रमिकों की हड़ताल के 9वें दिन बीते गुरुवार से संयंत्र प्रबंधन ने आगामी आदेश तक लॉकआउट की घोषणा कर दी हैं।
इस निर्णय के बाद संयंत्र की सभी गतिविधियां बंद कर दी गई हैं। इसके साथ ही संयंत्र ने अपने लगभग 300 रेगुलर कर्मचारियों को टर्मिनेशन लेटर भी जारी कर दिया हैं।
विदित हो कि संयंत्र के लगभग 1300 श्रमिक बीते 10 दिसंबर से ओवर टाइम का दोगुना भुगतान न्यूनतम मजदूरी पदोन्नति बोनस सहित मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे थे। संयंत्र प्रबंधन ने 5 बिंदुओं पर लॉकआउट की वजह बताते हुए स्पष्ट किया है कि श्रमिकों की हड़ताल औद्योगिक अधिनियम के विपरीत हैं।
साथ ही प्रबंधन का आरोप है कि इंटक यूनिट की मांगे कानून और सेवा समझौते के खिलाफ हैं। इसके साथ ही हड़ताल के चलते रॉ मटेरियल की कमी उत्पादन प्रभावित होना और संयंत्र संचालक में बाधा जैसे कारण शामिल हैं।
संयंत्र ने श्रमिकों को लॉकआउट की अवधि के दौरान श्रमिकों पर नो वर्क नो पेमेंट का नियम का स्पष्ट उल्लेख किया हैं। हड़ताल के 9वें दिन भाटापारा विधायक इंदर साव श्रमिकों के समर्थन में खड़े होकर उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया हैं।
लॉकआउट के बाद संयंत्र के श्रमिकों में तनाव का माहौल बना हुआ है और आगे की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
इंटक अध्यक्ष गिरफ्तार, 300 कर्मचारी टर्मिनेट
श्रमिकों ने बताया कि लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद गुरुवार शाम इंटक के अध्यक्ष दिलीप वर्मा को पुलिस अपने साथ ले गई। और संयंत्र के 300 कर्मचारियों को प्रबंधन ने टर्मिनेशन लेटर जारी किया हैं। श्रमिकों का कहना है कि टर्मिनेशन लेटर में जिन कर्म का उल्लेख किया है वह पूरी तरह से निराधार हैं।


