बलौदा बाजार

निजी अस्पताल के खिलाफ शिकायत के बाद धमकी देने का आरोप, ऑडियो फैला
17-Dec-2025 8:27 PM
निजी अस्पताल के खिलाफ शिकायत के बाद धमकी देने का आरोप, ऑडियो फैला

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 17 दिसंबर।
बलौदाबाजार स्थित ओमकार हॉस्पिटल के खिलाफ इलाज के नाम पर अधिक राशि वसूले जाने और मरीज को छुट्टी न दिए जाने की शिकायत के बाद शिकायतकर्ता को धमकी दिए जाने का आरोप सामने आया है। इस संबंध में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है। पीडि़त ने मामले की शिकायत प्रशासन को आवेदन देकर की है और कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम गिरौदपुरी, कसडोल निवासी राधेलाल पटेल ने बताया कि उसने ओमकार हॉस्पिटल के खिलाफ इलाज के दौरान मरीज को रोके जाने और अधिक रकम मांगे जाने की शिकायत कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, कलेक्टर बलौदाबाजार और बलौदाबाजार प्रेस क्लब अध्यक्ष से की थी। उसके अनुसार प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिली।
राधेलाल पटेल का आरोप है कि शिकायत के बाद अस्पताल प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों द्वारा उसे डराया और धमकाया गया। पीडि़त के अनुसार 10 दिसंबर को शाम के समय, प्रेस क्लब में हुई प्रेस वार्ता के बाद जब वह मरीज को छुट्टी दिलाने अस्पताल पहुंचा, तो काउंटर पर उससे लगभग डेढ़ लाख रुपये जमा करने को कहा गया। उसका कहना है कि इलाज का पूरा विवरण और बिल मांगने पर केवल दस हजार रुपये का कच्चा बिल दिखाया गया और शेष राशि का विवरण नहीं दिया गया।
पीडि़त के अनुसार जब उसने इतनी राशि देने से इनकार किया तो विवाद हुआ। उसका आरोप है कि उसी दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद डॉक्टर और 2 अन्य लोगों ने एम्बुलेंस रुकवाकर उसे डॉक्टर के कमरे में बुलाया और शिकायत करने को लेकर सवाल किए। पीडि़त का कहना है कि उसे बिना कैमरे में बयान दिए अस्पताल से न जाने की बात कही गई।
राधेलाल पटेल ने दावा किया है कि इस पूरी बातचीत को उसने अपने मोबाइल फोन में ऑडियो रिकॉर्ड किया है, जिसकी अवधि लगभग 22 मिनट बताई जा रही है। उसका कहना है कि इस ऑडियो में कथित रूप से धमकी और दबाव की बातें दर्ज हैं। पीडि़त ने यह ऑडियो बलौदाबाजार प्रेस क्लब को सौंपने की बात कही है।
इसके अलावा पीडि़त का आरोप है कि एक पुराने वीडियो को कथित रूप से संपादित कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है, जिससे उसकी छवि और प्रेस क्लब को नुकसान पहुंचाया जा सके।
पीडि़त ने बताया कि उसने इस पूरे मामले की शिकायत मंत्री, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को लिखित रूप में दी है, लेकिन अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं होने की बात कही है।
इस संबंध में ओमकार हॉस्पिटल प्रबंधन या आरोपित व्यक्तियों का पक्ष इस समाचार के लिए प्राप्त नहीं हो सका है। प्रशासनिक स्तर पर भी इस मामले में किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


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