बलौदा बाजार
पूर्व कृषि उपज मंडी अध्यक्ष ने किया खरीदी केंद्रों का निरीक्षण
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भाटापारा, 14 दिसंबर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ की गई है। इस बीच धान खरीदी केंद्रों में निर्धारित दैनिक सीमा (लिमिट) को लेकर किसानों और जनप्रतिनिधियों द्वारा समस्याएं बताई जा रही हैं।
पूर्व कृषि उपज मंडी अध्यक्ष एवं प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि सुशील शर्मा ने कहा कि उन्होंने ग्राम लेवई, सिंगारपुर, कोनी बंजर और निपनिया स्थित सहकारी समिति धान खरीदी केंद्रों का दौरा कर वहां की स्थिति का अवलोकन किया। उनके अनुसार किसानों को समर्थन मूल्य पर धान विक्रय में विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सुशील शर्मा ने बताया कि धान खरीदी केंद्रों पर मौजूद किसानों ने उनसे शासन और प्रशासन के समक्ष धान खरीदी की दैनिक सीमा बढ़ाने की मांग रखने को कहा है। उनका कहना है कि वर्तमान में अलग-अलग समितियों में प्रतिदिन 1,000 से 9,000 क्विंटल तक की सीमा निर्धारित है, जबकि समिति कर्मियों के अनुसार एक केंद्र पर प्रतिदिन लगभग 2,500 से 3,000 क्विंटल धान खरीदी की क्षमता है।
निपनिया सहकारी समिति केंद्र के निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि प्रथम पाली के बाद कर्मचारी और हमाल कार्य में संलग्न नहीं थे। समिति कर्मियों ने बताया कि इसका कारण दैनिक खरीदी सीमा पूरी हो जाना है।
निपनिया केंद्र प्रभारी लीलाराम सेन ने बताया कि 20 नवंबर को जारी किए गए टोकन के अनुसार धान खरीदी 8 दिसंबर को की गई। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र से धान का उठाव अभी नहीं हो पाया है, हालांकि डीओ कट चुका है।
सुशील शर्मा ने कहा कि निपनिया समिति का कुल लक्ष्य लगभग 65,000 क्विंटल है, जबकि 23 दिन बीत जाने के बाद लगभग 1,156 क्विंटल धान की ही खरीदी हो सकी है। उनका कहना है कि शेष अवधि में लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रतिदिन अधिक मात्रा में खरीदी आवश्यक होगी, जो वर्तमान सीमा में संभव नहीं है।
सुशील शर्मा ने आरोप लगाया कि धान खरीदी की सीमा और टोकन व्यवस्था के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि धान खरीदी की सीमा नहीं बढ़ाई गई तो अनेक किसान समर्थन मूल्य पर धान बेचने से वंचित हो सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो उनकी पार्टी किसानों के हित में आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी।


