बलौदा बाजार

बाइक चोरी करने वाले दो गिरोह का भंडाफोड़, 17 मोटरसाइकिलें बरामद, 3 आरोपी गिरफ्तार
07-Dec-2025 5:59 PM
बाइक चोरी करने वाले दो गिरोह का भंडाफोड़, 17 मोटरसाइकिलें बरामद, 3 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़’ संवाददाता
 बलौदाबाजार, 7 दिसंबर।
 बलौदाबाजार में बाइक चोरी करने वाले दो गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 17 मोटरसाइकिलें बरामद की है। चोरी की गई बाइक की कीमत 10 लाख 80 हजार रुपए आंकी गई है। पुलिस ने 3 आरोपी को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
 एएसपी अभिषेक सिंह ने इस मामले में खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी चोरी की बाइक को पूरी तरह से मॉडिफाइड कर देते थे, ताकि असली पहचान मिट जाए।

पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों गिरोह साल 2022 से सक्रिय है। बाइक चोरी करने के बाद गिरोह उसके पार्ट्स और लुक्स में चेंज करता था- बाइक के वाइजर, मडगार्ड और बॉडी पार्ट्स बदलना, असली इंजन नंबर और चेसिस नंबर को मिटाना, नई नंबर प्लेट लगाना गाड़ी पर नए नाम रेडियम से लिखवाना, ग्रामीण इलाकों में ग्राहक को बेचना।

पुलिस की माने तो गाडिय़ों के ऊपर ऐसे नाम लिखे जाते थे जो देखने में आकर्षक और ध्यान खींचने वाले हों,  इससे गाड़ी एक मॉडिफाइड बाइक जैसी दिखती थी और असली मालिक पहचान नहीं पाता था।

एएसपी अभिषेक सिंह के मुताबिक गिरोह भाटापारा ग्रामीण, अर्जुनी, टिकुलिया, हिर्मी, खरोरा सहित कई गांवों में लगातार सक्रिय था। ये लोग भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजार, मकई-धान मंडी, पेट्रोल पंप के सामने और घरों के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल को निशाना बनाते थे। कई बार आरोपी वाहनों की पहले से रेकी करते थे और रात होने पर बाइक लेकर फरार हो जाते थे।

साइबर सेल ने आरोपियों को किया ट्रैक
साइबर सेल ने चोरी हुई कई बाइकों की लोकेशन और मूवमेंट को तकनीकी के जरिए ट्रैक किया. इसके साथ ही ग्रामीणों से मिली जानकारी, सीसीटीवी फुटेज और नंबर प्लेट के पैटर्न के आधार पर गिरोह की पहचान की गई। कई हफ्तों से पुलिस इन पर नजर रख रही थी। जैसे ही पुख्ता इनपुट मिला, टीम ने दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ करने पर बाइक चोरी करने के दो गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। जांच में सामने आया कि बाइक चोरी का यह काम एक ही गैंग नहीं कर रहा था। दो अलग-अलग ग्रुप अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय थे। पहला गिरोह भानु वर्मा ग्रुप के नाम से जाना जाता था। ये गैंग अर्जुनी और आसपास के क्षेत्र में सक्रिय था। दूसरा गिरोह लकी ध्रुव/योगेश यादव ग्रुप था। ये गिरोह भाटापारा शहर, ग्रामीण और हिर्मी के आसपास चोरी करता था। दोनों ग्रुप के सदस्य अपने-अपने दोस्तों को साथ रखकर इस काम को अंजाम देते थे, इसमें कई युवा शामिल थे जो बाइक चलाने के शौकीन थे।

आरोपियों में  टिकेश्वर उर्फ राजा यादव, निवासी हिर्मी, योगेश यादव उर्फ सर्किट, निवासी कुम्हारपारा, भाटापारा, भानू वर्मा, निवासी अर्जुनी है।

17 चोरी की बाइक बरामद
आरोपियों के पास से 17 चोरी की बाइक बरामद की गई है। इन बाइकों के रजिस्ट्रेशन नंबर पुलिस ने निकालकर असली वाहन मालिकों को सूचना दी है।
बरामद बाइकों में से कई ऐसे वाहन हैं जिनके मालिक पिछले वर्षों से परेशान थे. इनसे पूछताछ जारी है और कई और चोरी की घटनाएं खुलने की संभावना है। एएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए साइबर सेल लगातार निगरानी कर रही थी. इनपुट मिलने के बाद तकनीकी विश्लेषण किया गया, जिसमें दोनों गिरोह की गतिविधियां सामने आईं।
 

एएसपी अभिषेक सिंह ने बताया- हमारी टीम लगातार जिले में सक्रिय गैंगों पर नजऱ रख रही है। इस मामले में मिली सफलता साइबर इंवेस्टिगेशन और फील्ड टीम की मेहनत का परिणाम है। आगे भी चोरी की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कुछ और आरोपी इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है।

पुलिस इस मामले में अब ये जांच कर रही है कि चोरी की बाइकें कितने लोगों तक बेची गईं। खरीदारों की पहचान कर नोटिस जारी किए जाएंगे। इंजन-चेसिस नंबर मिटाने से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर भी जांच चल रही है। अन्य जिलों में भी संबंधित गिरोह सक्रिय थे या नहीं, इस पर टीम काम कर रही है।


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