बलौदा बाजार

भाटापारा व्यवहार न्यायालय के 20वें स्थापना दिवस पर उपलब्धियों की गूंज
05-Dec-2025 6:25 PM
भाटापारा व्यवहार न्यायालय के 20वें स्थापना दिवस पर उपलब्धियों की गूंज

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार-भाटापारा, 5 दिसंबर। अधिवक्ता संघ भाटापारा द्वारा बुधवार को व्यवहार न्यायालय परिसर, भाटापारा में व्यवहार न्यायालय भाटापारा का 20वें स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को विशेष भव्यता एवं महत्व प्रदान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम में न्यायमूर्ति राकेश मोहन पाण्डेय की  उपस्थिति रही।

 समारोह में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने अपने उद्बोधन में न्यायपालिका एवं अधिवक्ता समुदाय की भूमिका पर गहन और प्रेरक विचार व्यक्त किया। मुख्य न्यायाधीश ने इस अवसर को केवल औपचारिक आयोजन न बताते हुए कहा कि यह सामूहिक यात्रा, साझा मूल्यों और विधिक समुदाय की अटूट भावना का उत्सव है। उन्होंने बार एवं बेंच के संतुलित संबंध को न्याय व्यवस्था की आधारशिला बताते हुए कहा कि जब दोनों संस्थाएं सौहार्द और परस्पर सम्मान के साथ कार्य करती हैं, तभी न्याय प्रणाली विश्वास एवं स्पष्टता के साथ आगे बढ़ती है। उन्होंने भाटापारा बार एसोसिएशन की स्थापना से लेकर आज तक की प्रगति को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि एसोसिएशन ने अधिवक्ताओं के व्यावसायिक उत्थान, मार्गदर्शन, नैतिकता और अनुशासन को सदैव प्राथमिकता दी है।

मुख्य न्यायाधीश ने विशेष रूप से युवा अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आपके तर्क मुकदमे तो जिता सकते हैं, लेकिन आपकी ईमानदारी ही न्याय व्यवस्था में स्थायी विश्वास अर्जित करती है। अनुशासन, विनम्रता और निरंतर सीखने की भावना ही आपको इस पवित्र पेशे में सफलता दिलाएगी।

 वरिष्ठ अधिवक्ताओं के अनुभव को उन्होंने प्रकाशस्तंभ की उपमा देते हुए कहा कि अगली पीढ़ी इन्हीं के मार्गदर्शन से अपने पेशेवर जीवन की दिशा तय करती है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी बार एसोसिएशन की वास्तविक शक्ति उसकी संख्या में नहीं, बल्कि उसकी एकता, पेशेवर आचरण और न्याय के प्रति उसकी निष्ठा में होती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भाटापारा बार एसोसिएशन आगे भी समाज सेवा, निष्पक्षता और विधिक उत्कृष्टता का प्रतीक बनी रहेगी।

मुख्य न्यायाधीश ने भाटापारा व्यवहार न्यायालय की न्यायिक प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि 3 दिसंबर 2005 को भाटापारा सिविल कोर्ट का उद्घाटन हुआ था, वर्तमान में भाटापारा बार एसोसिएशन अधिवक्ताओं की संख्या 163 सदस्यों तक पहुँच चुकी है।  प्रारंभ में सिविल जज जूनियर डिवीजन एवं एडीजे न्यायालय की स्थापना हुई, बाद में सिविल जज सीनियर डिवीजन और अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय की स्थापना की गई।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि 06 नवंबर 2025 को छ: नए न्यायालय कक्षों के निर्माण हेतु शिलान्यास किया गया, जो क्षेत्र की न्यायिक आवश्यकताओं को देखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्य न्यायाधीश द्वारा सभी को भाटापारा व्यवहार न्यायालय की स्थापना दिवस की बधाई दी गई है।


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