बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 3 दिसंबर। प्रदेशभर के 16 हजार से अधिक एनएचएम(राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को अक्टूबर और नवंबर माह का वेतन अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। बलौदाबाजार जिले के 516 कर्मचारी दो महीने से बिना वेतन काम कर रहे हैं। कर्मचारियों ने कलेक्टर से मिलकर लंबित वेतन जारी करने का अनुरोध दोहराया।
कर्मचारियों का आरोप- हड़ताल का प्रभाव वेतन पर पड़ा
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि 18 अगस्त से 19 सितंबर 2025 तक चली 33 दिनों की हड़ताल के कारण उनका वेतन रोका गया है। उनका कहना है कि हड़ताल समाप्त हो चुकी है, लेकिन विभाग ने वेतन जारी नहीं किया।
कर्मचारियों के अनुसार वेतन न मिलने से परिवार के खर्च, बच्चों की फीस, किराया और बैंक ईएमआई का भुगतान करना कठिन हो गया है।
एनएचएम संविदा कर्मचारी 18 अगस्त से 19 सितंबर तक आंदोलन पर रहे। कर्मचारियों के अनुसार सरकार की ओर से कुछ मांगों पर आश्वासन दिया गया था, पर ज्यादातर मुद्दों पर निर्णय अभी नहीं हुआ।
हड़ताल समाप्त होने के बाद कर्मचारी काम पर लौट आए, लेकिन अक्टूबर और नवंबर का वेतन जारी नहीं हुआ। संविदा कर्मचारी रोशन लाल का कहना है कि वे नियमित रूप से कार्य कर रहे हैं, लेकिन वेतन रोक दिया गया है।
संविदा कर्मचारी गंगाराम धीवर ने कहा कि हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने के बावजूद उनकी मांगों पर निर्णय नहीं हुआ और वेतन रोका गया। उन्होंने चेतावनी दी कि समाधान न मिलने पर वे दोबारा आंदोलन कर सकते हैं।
बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली की मांग
कर्मचारियों ने बताया कि हड़ताल अवधि में राज्यभर से 25 संविदा कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया था, जिनमें बलौदाबाजार जिले के तीन कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इनकी सेवा में वापसी की मांग की।
कलेक्टर ने कर्मचारियों की बात सुनने के बाद कहा कि वे मामले को स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक भेजेंगे और वेतन रोकने से संबंधित जानकारी प्राप्त कर आगे की प्रक्रिया तय करेंगे।
कर्मचारियों ने कहा कि यदि कुछ दिनों में वेतन जारी नहीं हुआ और मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन पर जाने पर विचार करेंगे।
दो माह से वेतन न मिलने का मुद्दा प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। बलौदाबाजार में कर्मचारियों का बार-बार कलेक्टर से संपर्क यह संकेत देता है कि समस्या का समाधान आवश्यक है।


