बलौदा बाजार
बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष ने की स्वदेशी अपनाने की अपील
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 2 दिसंबर। स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने और देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से देश भर में निकाली जा रही स्वदेशी जागरण रथ यात्रा का बलौदाबाजार नगर में उत्साह पूर्ण स्वागत किया गया। रथ यात्रा के आगमन पर बड़ी संख्या में व्यापारी, युवाओं और सामाजिक संगठनों ने सहभागिता जताई।
इस अवसर पर राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने कार्यक्रम में शामिल होकर लोगों से स्वदेशी अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का अधिक से अधिक उपयोग न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत प्रदान करता है बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं।
वर्णिका शर्मा ने स्वदेशी आंदोलन के ऐतिहासिक संदर्भ को भी रेखांकित करते हुए बताया कि जिसका उद्भव बंगाल विभाजन और बंग भंग आंदोलन के साथ हुआ था। सैकड़ो वर्ष बीतने के बाद भी स्वदेशी का भाव आज भारतीयों के मन मानसिक में जीवंत हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमरकंटक आदिवासी विश्वविद्यालय के कार्य परिषद सदस्य मोरध्वज पैकरा ने कहा कि भारत की प्रगति और आत्मनिर्भरता का मूल मंत्र स्वदेशी हैं। उन्होंने कहा कि देश के व्यापार कृषि और लघु उद्योगों को मजबूती देने के लिए प्रत्येक नागरिक को स्थानीय उत्पादकों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
नगर में संकल्प रथ के स्वागत की अगुवाई कर रहे राष्ट्रीय स्वयं संघ के जयनारायण केसरवानी ने भी उद्बोधन करते हुए कहा कि स्वदेशी से विकसित छत्तीसगढ़ स्वदेशी से विकसित भारत केवल एक नारा नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता की राह में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम हैं। स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था से लेकर राष्ट्रीय विकास तक हर स्तर पर सकारात्मक प्रभाव डालता हैं।
कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच के जिला संयोजक सौरभ साहू चेंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष जुगल भट्टर कपड़ा व्यापारी संघ के अध्यक्ष श्याम केसरवानी, महेश अग्रवाल, सुरेश साहू, मुरारी साहू, नवल अग्रवाल, लक्ष्मी साहू सहित बड़ी संख्या में व्यापारी बुद्धिजीवी और समाजसेवी व उपस्थित थे। रथ यात्रा के शहर आगमन से लोगों में स्वदेशी के प्रति जागरूकता और उत्साह दोनों दिखाई दिया।


