बलौदा बाजार
पुलिस की बैंक शाखाओं के प्रबंधकों के साथ समन्वय बैठक
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 2 दिसंबर। जिले की पुलिस ने सभी बैंक शाखाओं के प्रबंधकों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक की। यह बैठक पुलिस कार्यालय के सभाकक्ष में हुई, इसमें साइबर क्राइम, वित्तीय धोखाधड़ी और बैंकिंग अपराधों की रोकथाम को लेकर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने की।
साइबर और वित्तीय अपराधों पर रोक को प्राथमिकता
एसपी भावना गुप्ता ने कहा कि साइबर अपराधों में बैंक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील होती है। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी मामले में पुलिस द्वारा मांगी गई जानकारी तुरंत और सटीक उपलब्ध कराई जाए। जानकारी में देरी होने पर अपराधी फरार हो जाते हैं और पीडि़त को न्याय मिलने में बाधा आती है।
नए बैंक खाते खोलने में सख्ती
बैठक में सभी बैंक प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि खाता खोलते समय सही दस्तावेज़, पूरी पूछताछ और सत्यापन जरूर किया जाए। भावना गुप्ता ने कहा कि फर्जी या म्यूल अकाउंट भविष्य में अपराध को बढ़ावा देते हैं, इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।
होल्ड राशि पर तुरंत कार्रवाई जरूरी
साइबर अपराध के मामलों में न्यायालय द्वारा दिए गए होल्ड राशि के आदेशों पर कार्रवाई में देरी को गंभीर माना गया। पुलिस अधीक्षक गुप्ता ने चेतावनी दी कि ऐसी देरी न्यायालय अवमानना की श्रेणी में आ सकती है, इसलिए सभी बैंक प्राथमिकता से कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैंक सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा
बैठक में सुरक्षा गार्ड, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच पर जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि बैंक के बाहर पर्याप्त पार्किंग, सुरक्षित यातायात, हेलमेट पहनने के लिए प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
एसपी भावना गुप्ता ने कहा कि बैंक और पुलिस का समन्वय न सिर्फ अपराध रोकने के लिए जरूरी है, बल्कि पूरे जिले की वित्तीय सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है. डिजिटल बैंकिंग बढऩे के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी साइबर अपराध तेजी से बढ़े हैं, इसलिए बैंक प्रबंधन को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सतर्कता बढ़ानी होगी।
म्यूल अकाउंट रोकने पर विशेष जोर
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि बिना सत्यापन, अधूरे दस्तावेज़ों या संदिग्ध जानकारी वाले व्यक्तियों के खाते तुरंत न खोले जाएं. ऐसे खाते साइबर अपराधियों के काम आते हैं और जांच को प्रभावित करते हैं।
इस बैठक में जिले के राष्ट्रीयकृत, ग्रामीण सहकारी और निजी बैंकों के सभी शाखा प्रबंधक मौजूद रहे. सभी ने साइबर सुरक्षा बढ़ाने, बैंकिंग पारदर्शिता कायम रखने और पुलिस के साथ तालमेल सुधारने पर सहमति जताई।


