बलौदा बाजार
3 साल से अवैध रूप से संचालित अस्पताल की पोल खुली
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 1 दिसंबर। बलौदाबाजार जिले के कटगी में बीते तीन साल से अवैध रूप से संचालित एक अस्पताल की पोल तब खुली जब प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई। मामले में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई हैं।
अमलडीहा निवासी विजय केवट ने बताया कि 27 जून को प्रसव पीड़ा होने पर उसकी पत्नी पिंकी केवट को वे इस निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अगले दिन सर्जरी द्वारा बच्ची का जन्म हुआ। ऑपरेशन के बाद खून की कमी बताकर अस्पताल प्रबंधन ने शिवरीनारायण के एक ब्लड बैंक से बिना जांच परख किए ब्लड मंगाया। आधा यूनिट बढ़ते ही पिंकी की हालत बिगडऩे लगी। सीने में दर्द घबराहट वह बेचैनी होने लगी।
मौजूद डॉक्टर ने ब्लड चढ़ाना बंद तो कर दिया लेकिन स्थिति गंभीर होते ही महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिवार को मरीज की फाइल देने से भी अस्पताल ने मना कर दिया। इसके बाद रायपुर में इलाज के दौरान पिंकी की मौत हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि ब्लड इंफेक्शन के कारण लक्स, लीवर व किडनी बुरी तरह प्रभावित थे।
पीडि़त के अनुसार चार महीने बीत जाने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने नवजात का जन्म प्रमाण पत्र व पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई। शिकायत करने पर उसे अस्पताल से भगा दिया गया।
अस्पताल में 16 नर्स बताया गया जबकि सिर्फ तीन के पास एएनएम की डिग्री हैं। अस्पताल डायरेक्ट पहले एमआर का नाम काम करते थे अस्पताल में ऑपरेशन किराए के डॉक्टर से कराए जाते थे। कई बार हॉस्पिटल का फर्जी डॉक्टर खुद ही ऑपरेशन करता था जबकि वह पिछले साल ही 12वीं पास हुआ हैं। जब टीम ने नर्सिंग स्टाफ से बातचीत करनी चाहिए तो कर्मचारियों ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। 3 साल से संचालित इस फर्जी अस्पताल को लेकर प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
टीम ने अस्पताल का जब निरीक्षण किया तो कई गंभीर गड़बडिय़ां सामने आई। अस्पताल बीते 3 वर्षों से कटगी की सकरी गली में 10 बेड के रूप में संचालित हैं। आईसीयू या एनआईसीयू नहीं है फिर भी प्रसव व अन्य सर्जरी होती हैं। एक भी और एनेथीसिया विशेषज्ञ नहीं हैं। एक्स रे सोनोग्राफी की सुविधा नहीं हैं। एक छोटी सी दिखावटी लैब मौजूद हैं।
पीडि़त पति ने एसडीओपी और बीएमओ कसडोल को लिखित शिकायत सौंपा हैं। जिसके बाद देर शाम एसडीएम और ब्लॉक मेडिकल की टीम ने कटगी पहुंचकर संस्कार हॉस्पिटल का निरीक्षण किया जहां भारी अनियमित पाई गई। निरीक्षण के दौरान अस्पताल संचालक गायब रहे वही निरीक्षण के दौरान न हीं कोई डॉक्टर मिला और ना ही एनेथीसिया के डॉक्टर पाए गए जिसके बाद टीम ने नर्सिंग होम एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए अस्पताल को सील कर दिया।
हॉस्पिटल में भारी अनियमितताएं पाई गई हैं। तत्कालीन कार्यवाही करते हुए अस्पताल को सील कर दिया गया है।
आर आर दुबे एसडीएम कसडोल
हॉस्पिटल की दो शिकायत प्राप्त हुई है जिसके बाद आज कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया गया हैं। साथ ही दो महिलाओं की मौत की भी विधिवत टीम बनाकर जांच की जाएगी। जहां सही पाए गई तो प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
रवि अजगल्ले बीएमओ कसडोल


