बलौदा बाजार

कार्यस्थल में लैगिक उत्पीडऩ अधिनियम पर जागरूकता शिविर
29-Nov-2025 4:31 PM
कार्यस्थल में लैगिक उत्पीडऩ अधिनियम पर जागरूकता शिविर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 29 नवंबर। कल अब्दुल जाहिद कुरैशी, प्रधान जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार के निर्देशन में अमिता जायसवाल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार द्वारा कार्यस्थल में लैंगिक उत्पीडऩ अधिनियम 2013 के संबंध में विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन जिला अस्पताल बलौदाबाजार में किया गया।

कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडऩ 2013 के परिपालन में कमीटी शासकीय एवं गैर सरकारी संस्थाओं में बनाई गई है परंतु इस अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही किस प्रकार की जानी है जिसकी जागरूकता कर्मचारी एवं अधिकारी को नहीं है जिसके लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 15 के अंतर्गत समता का अधिकार तथा संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्राण और गरिमा से जीवन व्यतीत करने सं. किसी महिला के मूल अधिकारो व्यवसाय करने उपजीविका, व्यापार एवं कारोबार करने का अधिकर जिसकी अंतर्गत लैगिक उत्पीडऩ से मुक्त सुरक्षित वातावरण देने के लिए अधिनियम बनाया गया है।

सचिव के द्वारा यह भी बताया गया कि कार्यस्थल में लैंगिक उत्पीडऩ अधिनियम के अंतर्गत समस्त शासकीय अशासकीय संस्थानों में एवं प्राइवेट संस्थाओं में कार्यस्थल से लैंगिक उत्पीडऩ के संबंध में आंतरिक परिवाद समिति का गठन किया जाना है। संस्थानों के द्वारा समिति का गठन तो कर दिया गया है परंतु उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है कि समिति कार्य कैसे करेगी? समिति से कैसे शिकायत किया जा सकता है? कार्यस्थल में लैंगिक उत्पीडन अंतर्गत क्या-क्या आता है?

 कार्यशाला मे ना केवल यह बताया गया कि लैंगिक उत्पीडऩ के संबंध में उनके क्या अधिकार है बल्कि यह भी बताया गया कि यदि उनके द्वारा अधिकारों का दुरूपयोग किया गया तो उनके विरुद्ध भी कार्यवाही हो सकती है, इसलिये कार्यशाला में महिला व पुरुष दोनो ही अधिकारी/कर्मचारियों की सहभागिता रखी गई है।

कार्यशाला में अधिकारों के उपयोग और उसके दुरूपयोग के परिणाम भी बताये गये साथ में यह भी बताया गया कि लैंगिक उत्पीडऩ किया जाता है तो दण्ड विधि के अधीन कार्यवाही के साथ-साथ सिविल सेवा आचरण नियम के अंतर्गत कार्यवाही की जा सकती है।


अन्य पोस्ट