बलौदा बाजार
बायपास मार्ग संगम पर हाई मास्टर लैंप लगाने से किया इंकार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 26 अगस्त। नगर की करीब 13 किलोमीटर लंबी बायपास में चार स्थानों पर मार्ग संगम में हाई मास्टर लैंप लगाए जाने की योजना शासकीय विभागों के नियम कायदों व तकनीकी करणों से लगातार लंबित होती जा रही है। जबकि इन स्थानों पर यातायात के अत्यधिक दबाव के चलते अक्सर दुर्घटना घटित होती रहती है। विशेष का रात्रि के दौरान इन स्थानों पर अंधेरे की वजह से छोटे वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है।
ज्ञात हो कि पूर्व जिलाधीश द्वारा इन स्थानों पर डीएमएफ मद से हाई मास्टर लैंप लगाए जाने की योजना बनाई गई थी, परंतु इस संबंध में कार्यालय पुलिस अधीक्षक द्वारा नगर पालिका से संवेदनशील व दुर्घटनाजन्य बायपास संगम स्थल पर हाई मास्टर लैंप लगाने पत्र लिखा गया था। वहीं पालिका द्वारा गत दिवस इस संबंध में एक पत्र जिलाधीश एवं पुलिस अधीक्षक को प्रेषित कर उक्त स्थान पर नगर पालिका क्षेत्र से बाहर होने के चलते हाई मास्टर लैंप लगाने में असमर्थ व्यक्त किया जा रहा है।
गौरतलब है कि बायपास करीब 13 किलोमीटर लंबा है, जो पनगांव के समीप से प्रारंभ होता है। यहां बलौदाबाजार से कसडोल की तरफ आने जाने वाले वाहनों का तांता लगा रहता है। यहां तीन रास्ते मिलते हैं। इसी प्रकार सकरी बायपास से चार मार्गों का संगम है। जहां लवन रिसदा रायपुर और बलौदाबाजार की ओर से वाहनों का आवागमन होता है। वाहनों के रेला की वजह से लोगों को आवागमन में जान का जोखिम बना रहता है। बायपास में ही रिसदा के समीप ही चार मार्गों का और कुकुरदी बायपास के पास भी बलौदाबाजार भाटापारा ग्राम भरसेला व रिसदा मार्ग का संगम है। उक्त चारों स्थानों के अलावा बायपास से कुछ स्थानों पर अन्य ग्रामों की सडक़ों का भी संगम होता है। इन स्थानों पर लगातार भारी वाहन सडक़ पार करते हैं, जिससे कई बार गंभीर हादसे होते हैं।
रात्रि के दौरान तो दो पहिया छोटे चार पहिया वाहनों के चालकों को इन मार्ग संगम स्थान को अत्यधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार सडक़ के मध्य स्थित डिवाइडर भी रात्रि में नजर ना आने की वजह से वहां डिवाइडर से ही भिड़ते रहते हैं।
हाई मास्टर लगाया जाना संभव नहीं
मुख्य नगर पालिका अधिकारी बलौदाबाजार द्वारा विगत दिवस जिलाधीश एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पत्र प्रेषित कर बायपास संगम स्थलों पर हाई मास्टर लैंप लगाने की असमर्थता व्यक्त किया गया है। जिसमें उल्लेख है कि
वर्तमान में शासन के आदेश अनुसार निकायों पर लाइट क्रय किए जाने को प्रतिबंधित किया गया है। इसके कारण उक्त स्थलों पर पालिका द्वारा हाई मास्टर लगाया जाना संभव नहीं है।
सीमेंट संयंत्रों के सहयोग से हाई मास्टर लैंप लगाने की मांग
नगर वासियों के अनुसार क्षेत्र में 7 बड़े सीमेंट संयंत्र स्थित हंै। अधिकांशत इस मार्ग का उपयोग संयंत्रों के भारी वाहनों के द्वारा किया जाता है। यदि प्रशासन इस दिशा में पहल कर संयंत्र प्रबंधन को डीएमएफ मद के तहत इन स्थलों स्थान पर हाई मास्टर लैंप लगाए जाने के लिए प्रेषित करें तो इन स्थानों पर हादसों को बहुत हद तक रोकने में सफलता मिल सकेगी।


