बलौदा बाजार

बलौदाबाजार के शासकीय स्कूलों में 2.6 लाख बच्चे जबकि शिक्षक मात्र 5888, नए सेटअप में 60 बच्चों पर दो शिक्षक, हो रहा विरोध
12-Aug-2024 7:51 PM
बलौदाबाजार के शासकीय स्कूलों में 2.6 लाख बच्चे जबकि शिक्षक मात्र 5888, नए सेटअप में 60 बच्चों पर दो शिक्षक, हो रहा विरोध

युक्तियुक्तकरण पर फेडरेशन अध्यक्ष बोले यह शिक्षा व्यवस्था पर मजाक है

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 12 अगस्त। शासन द्वारा प्रदेश सहित जिले के स्कूलों व शिक्षकों के लिए युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। 60 बच्चों में एक प्रधान पाठक और एक सहायक शिक्षक सहित कुल दो लोगों का सेटअप लागू किया गया है। इससे पढ़ाई की गुणवत्ता पर विपरीत असर पड़ेगा। क्योंकि दो शिक्षक पांच कक्षा वाले स्कूल में पढ़ाई नहीं करवा पाएंगे। नई व्यवस्था का विरोध में भी किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ ने स्कूल शिक्षा विभाग के युक्ति युक्तकारण की नीतियों का खुलकर विरोध करना शुरू कर दिया है। पालक भी नई व्यवस्था से परेशान हो रहे हैं।

शिक्षाविद प्रोफेसर एसएन पांडे ने बताया कि प्राथमिक शाला में पांच कक्षाएं होती हैं प्रत्येक कक्षा के लिए एक शिक्षक की व्यवस्था होनी चाहिए। जबकि युक्ति युक्तकरण में 60 बच्चों पर दो शिक्षक दी जा रही है। जबकि प्राथमिक शाला में पांच कक्षाएं होती हैं, साथ ही प्राथमिक विद्यालयों में आए दिन सर्वे से लेकर अनेक कार्य के लिए एक शिक्षक हमेशा गैर शिक्षककीय कार्य में संलग्न रहते हैं।

उन्होंने बताया कि यदि पहली बार दूसरी तथा तीसरी व चौथी कक्षा को एक साथ बैठाया जाएगा तो पांचवी कक्षा के लिए एक शिक्षक की आवश्यकता होगी। इस प्रकार हर विद्यालय में काम से कम तीन शिक्षक व एक हेड मास्टर की जरूरत है।

शिक्षकों की कमी से गुणवत्ता गिरेगी, निजी स्कूलों को लाभ

इसी मुद्दे पर 9 अगस्त को छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन द्वारा आयोजित वर्चुअल मीटिंग के दौरान अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने कहा की युक्ति युक्तकारण से प्रतीत होता है कि शासन को गुणवत्ता से कोई लेना-देना नहीं है। केवल विद्यालय संचालित करने पर कार्य किया जाएगा। 60 बच्चों पर दो शिक्षकों का सेटअप यह शिक्षण व्यवस्था के साथ अब तक का सबसे बड़ा मजाक है। दो शिक्षक तो मध्यान भोजन व शासकीय कार्य में उलझ कर रह जाएंगे तो बच्चों को पढ़ाएंगे कब और क्या इसका सीधा फायदा निजी स्कूलों को होगा। शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी और गुणवत्ता के अभाव की वजह से पलक निजी विद्यालयों की ओर आकर्षित होंगे। जबकि इससे पहले 60 बच्चों पर प्रधान पाठक और दो सहायक शिक्षक रखने का सेटअप था।

कम शिक्षक वाले स्कूलों को मिलेगा फायदा

बलौदाबाजार जिला पहले ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। जिले में 2061 शासकीय स्कूल है। जिसमें 1189 प्राथमिक शाला 638 माध्यमिक शाला 98 हाई स्कूल एवं 133 हाई सेकेंडरी स्कूल संचालित हैं।

इन स्कूलों में 2 लाख 15919 छात्र अध्यनरत हैं। इतने छात्रों को पढऩे के लिए पहले ही मात्रा 5888 शिक्षक हैं। यानी एक शिक्षक के ऊपर 73 बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा है। जिले में दो स्कूल ऐसे भी हैं जहां शिक्षक ही नहीं है। जिन स्कूलों में पांच कक्षाएं हैं और शिक्षक कम है वहां इस व्यवस्था से फायदा होगा।

इससे शिक्षण व्यवस्था सुधरेगी- डीईओ

इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती ने कहा कि युक्ति युक्तकारण के आदेश के बाद पहले स्कूलों की युक्तिकरण की सूची बनाई जा रही है। इसके बाद शिक्षकों का युक्तिकरण किया जाएगा। इससे शिक्षण व्यवस्था बेहतर होगी।


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