बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भाटापारा, 9 अगस्त। गोवर्धन मठ पूरी पीठ के शंकराचार्यजी द्वारा स्थापित पीठपरिषद, आदित्यवाहिनी, आनंद वाहिनी के द्वारा पं. झम्मन शास्त्रीजी के मार्गदर्शन मे धर्म सम्राट श्रीस्वामी करपात्री जी के 117 वॉ जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में शिव मंदिर, मारवाड़ी कुँवा, भाटापारा में शिव जी का रुद्राभिषेक, संकीर्तन, सामोहिक हनुमान चालीसा पाठ एवं प्रसादी वितरण किया गया। जिसमे क्षेत्र के सनातनी धर्म प्रेमी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के पश्चात आदित्यवाहिनी के राष्ट्रीय महामंत्री विजय शर्मा ने बताया की आद्य शंकराचार्य भगवान के बाद पूरे भारतवर्ष में वैदिक सनातन हिन्दू धर्म एवं भारतीय संस्कृति तथा सनातन धर्म के सार्वभौम सिद्धांतों की स्थापना हेतु स्वामी जी जीवन पर्यन्त दृढ़तापूर्वक तत्पर रहे। विशेष साधना के क्रम में अपने करकमलों में जितना भोजन आ जाए प्रसन्नतापूर्वक प्रसाद मानकर ग्रहण कर लेते थे, इसलिए आपको करपात्रीजी महाराज के नाम से ख्याति प्राप्त हुई। अपने अल्प जीवनकाल में साहित्य सृजन के माध्यम से जो चेतना जागृत की है वह सदैव इतिहास में अविस्मरणीय रहेगा। पूंजीवाद, समाजवाद और रामराज्य आपके द्वारा लिखित ऐतिहासिक ग्रंथ है। इससे प्रेरणा मिलती है कि लोकतंत्र में राष्ट्र को समृद्धशाली बनाने हेतु अध्यात्मवाद की आवश्यकता है।
पीठपरिषद के जिला संयोजक सत्यनारायण जोशी ने बताया कि भाटापारा की भूमि भी स्वामी करपात्री जी के चरणों से धन्य हो चुकी है और आगे उन्होंने उनके जीवनकाल के संघर्षो के बारे में बताते हुए कहा कि स्वामी जी की गौ मां के प्रति अपार श्रद्धा थी। आपके जीवनकाल में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगे, इस हेतु सन् 1966 में आपके नेतृत्व में गौ रक्षा अभियान समिति द्वारा सत्याग्रहपूर्वक विशाल आंदोलन दिल्ली में हुआ, जिसमें 10 लाख गौ भक्त उपस्थित थे । इस पावन कार्य के लिए वे जीवन पर्यन्त संघर्षरत थे। इसके लिए उन्हे कई बार जेल की कठोर यातनाएं भी सहन करना पड़ा। इसी क्रम में पीठपरिषद से प्रेमचन्द भूषानिया, महेश चौबे एवं अन्य भक्तो ने भी उनके जीवन के बारे मे अपने भाव रखे और उसके पश्चात प्रसाद वितरण के बाद आयोजन संम्पन्न हुवा। इस जयंती महोत्सव मे नरेश शर्मा, सरिता शर्मा, सरिता जोशी,रवि गुप्ता, गौरव बावला, जगदीश वैष्णव, मिलिन जोशी, लोकेश जोशी, चेतन शर्मा, आकाश पुरोहित, शिवांश बावला, जय देवांगन एवं अन्य भी पीठपरिषद, आदित्यवाहिनी, आनंदवाहिनी के सदस्यों साथ साथ शहर के गणमान्यजनों की उपस्थिती रही।


