राष्ट्रीय

'सभ्य और सम्मानजनक रहें', राहुल गांधी को ड्रग एडिक्ट बताने पर कांग्रेस ने BJP को दी नसीहत
20-Oct-2021 2:39 PM (42)

बेंगलुरु : कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार - जिन्होंने कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में अपनी पार्टी के "असभ्य" ट्वीट के लिए खेद व्यक्त किया था - ने अपने समकक्ष यानी कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष के राहुल गांधी पर नशीली दवाओं के उपयोग के आरोपों पर पलटवार किया है.

शिवकुमार ने बीजेपी को याद दिलाया कि उन्होंने अपनी पार्टी के दुर्भाग्यपूर्ण ट्वीट के लिए माफी मांग ली थी - जो "नौसिखिया सोशल मीडिया मैनेजर" ने किया था- और सत्ताधारी पार्टी से उसी तरह का बर्ताव करने को कहा है.

शिवकुमार ने बुधवार सुबह कहा, "कल मैंने कहा था कि मेरा मानना ​​है कि हमें अपने विरोधियों के लिए भी राजनीति में सभ्य और सम्मानजनक होना चाहिए. मुझे उम्मीद है कि भाजपा मुझसे सहमत होगी और राहुल गांधी के खिलाफ अपने प्रदेश अध्यक्ष की अपमानजनक और असंसदीय टिप्पणी के लिए माफी मांगेगी."

शिवकुमार की नसीहत तब आई है, जब एक दिन पहले ही कर्नाटक बीजेपी प्रमुख नलिन कुमार कटील ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए उन्हें "नशा करने वाला" बताया था और दावा किया था कि यह (उनके आरोपों का सबूत) समाचार रिपोर्टों में सामने आया है"

उन्होंने कांग्रेस में नेतृत्व के मुद्दों पर भी कटाक्ष किया था– इस सप्ताह सीडब्ल्यूसी की एक बैठक के दौरान राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा कि वह दोबारा पार्टी अध्यक्ष बनने पर विचार करेंगे.

कटील ने  कहा, "आपका G-23 कहता है कि सोनिया गांधी अध्यक्ष नहीं हैं. सोनिया गांधी कहती हैं कि वह अध्यक्ष हैं. दूसरी ओर, राहुल गांधी कहते हैं कि वह अध्यक्ष बनेंगे. मुझे बताओ कि राहुल गांधी क्या हैं? राहुल गांधी एक ड्रग एडिक्ट और ड्रग पेडलर हैं. मैं यह नहीं कह रहा हूं, यह समाचार रिपोर्टों में सामने आया है."

कटील ने समाचार एजेंसी एएनआई को कोट करते हुए कहा, "वे पार्टी चलाने में असमर्थ हैं.और जो पार्टी नहीं चला सकते, वे इस देश को कैसे चला सकते हैं?" (ndtv.in)

जम्मू-कश्मीर में मजदूरों की हत्या करने वाले आतंकियों में से 2 को आज सुरक्षाबलों ने मार गिराया : पुलिस
20-Oct-2021 2:38 PM (37)

जम्मू-कश्मीर में दो मजदूरों की हत्या करने वाले आतंकियों को सुरक्षाबलों ने बुधवार को शोपियां जिले में हुई मुठभेड़ में ढेर कर दिया. सुरक्षाबलों की इसे बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. इसे आतंकियों की आम नागरिकों को निशाना बनाने की साजिश का कड़ा जवाब माना जा रहा है. IG कश्मीर विजय कुमार ने कहा कि शोपियां एनकाउंटर में मारे गए एक आतंकी की पहचान आदिल अह वानी के तौर पर हुई है, जो जुलाई 2020 से इलाके में सक्रिय था. वो पुलवामा के लिटर इलाके में एक गैर कश्मीरी गरीब मजदूर की हत्या में शामिल था. अब तक दो हफ्ते में 15 आतंकियों को मार गिराया जा चुका है.

जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में बुधवार सुबह सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई खी. शोपियां के जैनपोरा के द्रागड़ इलाके में आतंकियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच भारी गोलीबारी में दो को घेरा गया था. इस इलाके में दो आतंकियों के छिपे होने की खबर के बाद ये ऑपरेशन शुरू किया गया था.

सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के जवान भी इस एनकाउंटर में शामिल थे. दरअसल, घाटी में सुरक्षाकर्मी आतंकियों के सफाये का लगातार अभियान चला रहे हैं. घाटी में अक्टूबर में हिन्दू और सिखों की हत्याओं की कई घटनाएं हुई हैं. आतंकी लगातार गैर कश्मीरियों को निशाना बनाकर दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.

लेकिन पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने संकेत दिया है कि इससे आतंकियों के खात्मे का अभियान धीमा नहीं पड़ेगा. उधर, पुंछ सेक्टर में आतंकियों की तलाश का अभियान भी चल रहा है. पुंछ सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ में अब तक 9 लोग शहीद हो चुके हैं. (ndtv.in)
 

अब महाराष्ट्र कांग्रेस में उठापटक, शीर्ष प्रवक्ता ने छोड़ा पद? सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी
20-Oct-2021 2:36 PM (30)

महाराष्ट्र में कांग्रेस के लिए मुसीबत खड़ी करते हुए, राज्य में उसके मुख्य प्रवक्ता सचिन सावंत ने कथित तौर पर अपना पद छोड़ दिया है. उनकी यह कार्रवाई पार्टी के राज्य प्रमुख नाना पटोले द्वारा की गई नई नियुक्तियों के विरोध में हुई है. खबर है कि नाना पटोले के कदम से परेशान सचिन सावंत ने कथित तौर पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी में अपने लिए नई भूमिका का अनुरोध किया है.

माना जाता है कि नाना पटोले ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पूर्व नेता अतुल लोंधे को महाराष्ट्र कांग्रेस का नया मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है. लोंधे 2016 में कांग्रेस में शामिल हुए थे.

10 साल से मुख्य प्रवक्ता रहे कांग्रेस महासचिव सचिन सावंत को कथित तौर पर सहायक प्रवक्ता के पद पर डिमोट कर दिया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्रवाई से गुस्साए सचिन सावंत ने मंगलवार को अपना इस्तीफा दे दिया. सावंत ने अपने ट्विटर अकाउंट से भी अपना पद हटा दिया है.

हालांकि, NDTV से बात करते हुए उन्होंने मुख्य प्रवक्ता पद से इस्तीफा देने या अपने राज्य प्रमुख के साथ किसी भी अनबन से इनकार किया है, लेकिन यह स्वीकार किया कि उन्होंने सोनिया गांधी को नई भूमिका के लिए चिट्ठी लिखी थी और अपने वर्तमान पद से मुक्त करने के लिए कहा था. सावंत ने इससे ज्यादा कुछ भी बताने से इनकार कर दिया.

तीन दशकों से राज्य में कांग्रेस का चेहरा रहे सावंत कथित तौर पर पद से हटाए जाने से अपमानित महसूस कर रहे थे. वह प्रतिद्वंद्वी भाजपा और पिछली देवेंद्र फडणवीस सरकार के खिलाफ पार्टी की सबसे मजबूत आवाजों में से एक रहे हैं.

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के बाद से 56 वर्षीय नाना पटोले ने पार्टी के लिए हलचल मचा दी है. माना जाता है कि कई दिग्गज उनके फैसलों से नाराज हैं. भाजपा के पूर्व सांसद पटोले 2019 के आम चुनावों से ठीक पहले बीजेपी नेतृत्व के साथ मतभेद के बाद कांग्रेस में शामिल हो गए थे.

महाराष्ट्र में कांग्रेस के शीर्ष पद पर पदोन्नत होने के बाद से पटोले ने कई विवादास्पद टिप्पणियां की हैं, जिससे ने केवल उनकी अपनी पार्टी के लोग बल्कि सत्तारूढ़ गठबंधन में सहयोगी शिवसेना और राकांपा के भी लोग नाराज हुए हैं. जुलाई में, उन्होंने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार उनकी निगरानी करवा रही है. उन्होंने बार-बार कांग्रेस के अकेले चुनाव लड़ने की बात भी की है, जिस पर सहयोगी एनसीपी और शिवसेना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. (ndtv.in)
 

कल रात 1 बजे तक स्टेटस रिपोर्ट का इंतज़ार करते रहे : लखीमपुर हिंसा केस में UP सरकार से नाराज़ SC
20-Oct-2021 2:35 PM (29)

नई दिल्ली : लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को हुई हिंसा के मामले की अदालत की निगरानी में जांच की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है, जिसे  CJI  एनवी रमना , जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ कर रही है. यूपी सरकार की तरफ से हरीश साल्वे ने कहा कि हमने सील कवर में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है. CJI ने यूपी सरकार पर नाराजगी जताई. सीजेआई ने कहा कि आपकी स्टेट्स रिपोर्ट हमें अभी मिली है. आपको कम से कम 1 दिन पहले फ़ाइल करनी चाहिए. हरीश साल्वे ने कहा कि आप मामले की सुनवाई शुक्रवार तक टाल दीजिए. कोर्ट ने यूपी सरकार की ये मांग ठुकरा दी.  CJI ने कहा कि हमने कल रात एक बजे तक इंतजार करते रहे कि कुछ मैटेरियल मिले. आखिरी क्षणों में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई.

CJI ने यूपी सरकार से पूछा कि आपने 44 लोगों की गवाही ली है, बाकी की क्यों नहीं. साल्वे ने इस पर जवाब दिया कि फिलहाल प्रक्रिया चल रही है. साल्वे ने कहा कि दो अपराध हैं. एक मामला किसानों पर गाड़ी चढ़ाने का और दूसरा लिंचिंग का. पहले मामले में दस लोग गिरफ्तार किए गए हैं.CJI ने पूछा कि कितने लोग न्यायिक हिरासत और कितने पुलिस हिरासत में हैं ? यूपी सरकार की ओर से बताया गया है कि 4 आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और 6 आरोपी पहले पुलिस हिरासत में थे अब न्यायिक हिरासत में हैं.

लखीमपुर खीरी केस में आरोपियों की आगे पुलिस हिरासत ना लेने पर SC ने उठाए सवाल
कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा कि बाकी आरोपी जो इस समय न्यायिक हिरासत में हैं, क्या उनकी पुलिस हिरासत की जरूरत नहीं है?  यूपी सरकार ने कहा कि 70 से ज्यादा वीडियो मिले हैं. यूपी सरकार ने कहा कि क्राइम सीन को रिक्रिएशन ही चुकी है. उनसे पूछताछ भी हो चुकी है. कोर्ट ने पूछा कि पीड़ितों के मजिस्ट्रेट के सामने 164 के बयान का क्या हुआ. आप पुलिस से कहिए कि जल्द से जल्द 164 यानी मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराएं. CJI ने कहा कि गवाहों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है. इस मामले में अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी.

बता दें कि 8 अक्तूबर को  पीठ ने आठ लोगों की ''बर्बर'' हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की कार्रवाई पर आठ अक्टूबर को असंतोष व्यक्त किया था.  पीठ ने शीर्ष अदालत ने मामले में सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के आरोपियों को गिरफ्तार ना करने के कदम पर सवाल उठाए थे. यूपी सरकार को सबूतों को संरक्षित रखने का निर्देश दिया था. साथ ही यूपी सरकार से कहा था कि वो सीबीआई से जांच के हक में नहीं है.  सरकार की SIT भी सवाल उठाते हुए पूछा था कि किस एजेंसी से मामले की जांच कराई जा सकती है. केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी ना होने से नाराज पीठ ने कहा था कि कानून सभी आरोपियों के खिलाफ समान रूप से लागू होना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुख्य आरोपी होने के बावजूद मिश्रा को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया. आठ लोगों की बर्बर हत्या की जांच में विश्वास जगाने के लिए सरकार को इस संबंध में सभी उपचारात्मक कदम उठाने होंगे. राज्य सरकार की ओर से पेश हरीश साल्वे ने माना था कि चूक हुई है. उन्होंने शीर्ष अदालत को आश्वासन दिया था कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी. मामले में अभी तक केन्द्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

दरअसल, CJI  को एक पत्र लिखकर दो वकीलों ने घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की थी, जिसमें सीबीआई को भी शामिल किया जाए. इसके बाद ही शीर्ष अदालत ने मामले पर सुनवाई शुरू की. गौरतलब है कि किसानों का एक समूह उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की यात्रा के खिलाफ तीन अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहा था, तभी लखीमपुर खीरी में एक एसयूवी (कार) ने चार किसानों को कुचल दिया. इससे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के दो कार्यकर्ताओं और एक चालक की कथित तौर पर पीट कर हत्या कर दी, जबकि हिंसा में एक स्थानीय पत्रकार की भी मौत हो गई. (ndtv.in)
 

आसाराम के बेटे को सुप्रीम कोर्ट से लगा बड़ा झटका, रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहा है नारायण साईं
20-Oct-2021 2:31 PM (33)

नई दिल्ली : आसाराम के बेटेनारायण साईं को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. रेप केस में दो हफ्ते के फरलॉ  के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है. उच्चतम न्यायालय ने गुजरात उच्च न्यायलय के फैसले को रद्द किया है. साईं को उम्रकैद की सजा मिली है. 12 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने 2014 के रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम के बेटे नारायण साईं को मिले दो हफ्ते के फरलॉ  के आदेश पर रोक लगा दी थी. एसजी तुषार मेहता गुजरात हाईकोर्ट के जून के आदेश को चुनौती देने के लिए गुजरात सरकार की ओर से पेश हुए. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के फरलॉ देने के आदेश पर रोक लगाने की मांग की. कोर्ट में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने गुजरात सरकार की याचिका पर हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी.

गुजरात सरकार की ओर से पेश एसजी तुषार मेहता ने कहा था कि साईं पर गंभीर आरोप हैं. इस मामले के गवाह पहले भी मारे जा चुके हैं. पुलिस अधिकारियों और चिकित्सा अधिकारियों को पहले भी रिश्वत दी जा चुकी है. पहले जब उनकी मां बीमार थीं तो हमने उनके फरलॉ का विरोध नहीं किया था, लेकिन इस बार यह उचित नहीं है. नारायण साईं के वकील ने कहा था कि फरलॉ प्राप्त करने के लिए किसी कारण की आवश्यकता नहीं है. यह पैरोल नहीं है जो सख्त है. आदतन अपराधियों को फरलॉ से वंचित किया जाता है.  मेरा मुवक्किल आदतन अपराधी नहीं है. उनके खिलाफ सिर्फ एक एफआईआर है.

दरअसल, गुजरात हाईकोर्ट ने नारायण साईं को दो हफ्ते के लिए फरलॉ देने का आदेश दिया था, दरअसल गुजरात के सूरत स्थित आश्रम में दो बहनों से दुष्कर्म के मामले में निचली अदालत ने आसाराम के बेटे नारायण साईं को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इस मामले की शिकायत साल 2013 में दर्ज कराई गई थी. अक्टूबर 2013 में नारायण साईं पर सूरत की रहने वाली महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया.  पीड़िता नारायण साईं के आश्रम की साधिका थी और उसने नारायण साईं पर आश्रम में ही रेप का आरोप लगाया था.  पीड़िता का ये भी आरोप था कि नारायण साईं कि ओर से उसे और उसके पिता को जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं. दिसंबर, 2013 में नारायण साई को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पीपली इलाके से गिरफ्तार किया गया था.

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि निर्धारित सालों की सजा के बाद बिना किसी कारण के फरलॉ दिया जा सकता है. यह देखा गया कि इसका उद्देश्य कैदी को पारिवारिक जीवन और समाज में घुलने-मिलने की अनुमति देना है, हालांकि, बिना किसी कारण के फरलॉ का दावा किया जा सकता है, एक कैदी को फरलॉ का पूर्ण कानूनी अधिकार नहीं है. फरलॉ के लिए कैदी के हित को जनहित के खिलाफ संतुलित किया जाना चाहिए और कैदियों की कुछ श्रेणियों को फरलॉ से इनकार किया जा सकता है. साईं को फरलॉ से इनकार करते हुए, पीठ ने कहा कि संबंधित जेल अधीक्षक ने इस तथ्य के आधार पर नैगेटिव राय दी है कि साईं ने अवैध रूप से जेल में एक मोबाइल फोन रखा और बाहरी दुनिया से संपर्क बनाने की कोशिश की. पीठ ने कहा कि साईं के कहने पर जांच दल और गवाहों को धमकियां देने के कई मामले सामने आए हैं. सुनवाई के दौरान सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने का प्रयास किया गया. जेल में भी साईं का आचरण भी ठीक नहीं है.  उनके पास वफादारी रखने वाले बहुत सारे अनुयायी हैं और सार्वजनिक शांति बिगड़ने की आशंका है.  इन परिस्थितियों को देखते हुए फरलॉ हाईकोर्ट के अंतरिम फैसले और आदेश को रद्द करते हैं. (ndtv.in)
 

आर्यन खान केस : जावेद अख्तर बोले- 'कीमत चुकानी पड़ती...'
20-Oct-2021 2:30 PM (32)

मुंबई : गीतकार जावेद अख्तर ने मंगलवार को कहा कि अपने ‘हाई प्रोफाइल' मिजाज के कारण हिन्दी सिनेमा उद्योग जांच के दायरे में है और उसे इसकी ''कीमत'' चुकानी पड़ती है. जावेद अख्तर का यह बयान ऐसे समय आया है जब क्रूज पोत से मादक पदार्थों की कथित जब्ती के संबंध में सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की गिरफ्तारी को लेकर बॉलीवुड और इसके सेलिब्रेटी संस्कृति पर फिर से लोगों का ध्यान गया है. सोशल मीडिया पर आवाज उठाने वाले ऐसे कई लोग हैं, जिनका मानना है कि आर्यन खान के खिलाफ यह मामला सिर्फ फिल्मी जगत को निशाना बनाने के लक्ष्य से दर्ज किया गया है.

यह पूछने पर कि क्या उन्हें ऐसा लगता है कि बॉलीवुड को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, अख्तर ने पत्रकारों से कहा, ‘‘फिल्मी जगत को हाई प्रोफाइल होने के नाते यह कीमत चुकानी पड़ती है. जब आप हाई प्रोफाइल होते हैं तो, लोगों को आपको नीचे गिराने और आप पर कीचड़ उछालने में मजा आता है. अगर आपको कोई नहीं जानता, तो आप पर पत्थर उछालने का किसी के पास वक्त नहीं है?''लेखकों अल्मस विरानी और श्वेता समोता की पुस्तक ‘चेंजमेकर्स' के विमोचन पर अख्तर ने उक्त बातें कहीं.

आर्यन खान (23) को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने तीन अक्टूबर को मुंबई तट पर एक क्रूज से गिरफ्तार किया था. नाम लिए बगैर अख्तर ने कहा कि सुपरस्टर के बेटे के मामले को एक बंदरगाह से ‘एक अरब डॉलर' कीमत की मादक पदार्थ बरामदगी मामले के मुकाबले ज्यादा तव्वजो मिली. वह गुजरात के कच्छ जिले में स्थित मुंद्रा बंदरगाह से 2,988 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती के संदर्भ में बोल रहे थे. यह पूछने पर कि क्या उन्हें लगता है कि शाहरुख खान और आर्यन खान को निशाना बनाया जा रहा है, अख्तर ने विस्तार से कुछ कहने से इंकार कर दिया.  (ndtv.in)
 

छापेमारी से बौखलाया आतंकी संगठन TRF, NIA को दी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी
20-Oct-2021 2:07 PM (34)

नई दिल्ली : जम्मू कश्मीर में सेना के ऑपरेशन से बौखलाए आतंकियों ने पिछले कुछ दिनों में गैर कश्मीरी लोगों की हत्या की. इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ने घाटी में आतंकी संगठनों के खिलाफ एक्शन तेज कर दिया है. इसी एक्शन से बौखलाए आतंकी संगठन टीआरएफ ने एनआईए को धमकी दी है. एनआईए लगातार टीआरएफ के ओवर ग्राउंड वर्कर पर छापे मार रहा है.

बता दें कि टीआरएफ का मुखिया पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद का दामाद है. एनआईए के लिए धमकी भरी पोस्ट करते हुए टीआरएफ ने गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है. टीआरएफ ने आईए से कहा कि वह अपने आतंकी ऑपरेशन का दायरा और बढ़ा रहे है. अब एनआईए और ज्यादा स्ट्राइक झेलने को तैयार रहें.

आज भी अलग अलग इलाकों में छापेमारी जारी
इस बीच खबर है कि एनआईए ने आज भी कश्मीर की अलग अलग जगहों पर छापेमारी की है. इसमें श्रीनगर के कुछ घर भी शामिल हैं. जिन इलाकों में छापेमारी हुई है उनमें श्रीनगर के ईदगाह और चनपुरा के अलावा कुलगाम, बारामुला और सोपोर शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक कुल 11 जगहों पर छापेमारी जारी है.

कश्मीर में बढ़ी रही है टार्गेट किलिंग
एक प्रमुख कश्मीरी पंडित और श्रीनगर की सबसे प्रसिद्ध फार्मेसी के मालिक माखन लाल बिंदरू की पांच अक्टूबर को उनकी दुकान पर आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके दो दिन बाद सुपिंदर कौर और दीपक चंद की यहां एक सरकारी स्कूल में हत्या कर दी गई. दोनों ही शिक्षक थे.

जिस दिन बिंदरू की हत्या हुई थी, उसी दिन बिहार के चाट विक्रेता वीरेंद्र पासवान और टैक्सी चालक मोहम्मद शफी लोन की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

पांच हत्याओं के अलावा, आतंकवादियों ने दो अक्टूबर को श्रीनगर के करण नगर इलाके में माजिद अहमद गोजरी और शहर के बटमालू इलाके में मोहम्मद शफी डार की हत्या कर दी थी. श्रीनगर और पुलवामा जिलों में 16 अक्टूबर को बिहार के अरविंद कुमार साह और उत्तर प्रदेश के सगीर अहमद की हत्या कर दी गयी थी (abplive)

उत्तराखंड में भारी बारिश से बिगड़े हालात के बीच आज गृह मंत्री अमित शाह का दौरा, कल करेंगे हवाई सर्वे
20-Oct-2021 1:40 PM (35)

उत्तराखंड में भारी बारिश से बिगड़े हालात के बीच केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज शाम देहरादून जाएंगे. वहां पर गृह मंत्री उच्चाधिकारियों और राहत टीम में शामिल लोगों के साथ उच्च स्तरीय बैठक करेंगे. बैठक में सीएम पुष्कर सिंह धामी और एनडीआरएफ के अधिकारी भी मौजूद होंगे. कल अमित शाह बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे भी करेंगे. उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में मूसलाधार बारिश होने से मंगलवार को 42 और लोगों की मौत हो गयी और कई मकान ढह गए. कई लोग अब भी मलबे में फंसे हुए हैं. इसके साथ ही वर्षाजनित घटनाओं में अब तक मरने वालों की संख्या 47 हो गई है.

अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम के बीच कई घंटे के संघर्ष के बाद मंगलवार की शाम नैनीताल से संपर्क बहाल कर दिया गया. कुमाऊं क्षेत्र में 42 और लोगों की मौत के साथ ही आपदा के कारण मरने वालों की संख्या 47 हो गई है क्योंकि पांच लोगों की मौत सोमवार को हुई थी.

डीआईजी निलेश आनंद भारने ने बताया, ‘‘कुमाऊं क्षेत्र में मरने वालों की संख्या 42 से अधिक हो गई है.’’ अधिकारी ने बताया कि इन 42 मौतों में से 28 लोग नैनीताल जिले में मारे गए, छह-छह लोगों की मौत अल्मोड़ा एवं चंपावत जिलों में, एक-एक व्यक्ति की मौत पिथौरागढ़ और उधम सिंह नगर जिले में हुई है. मुख्यमंत्री धामी ने वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और प्रभावित लोगों से बातचीत किया ताकि क्षति का आकलन किया जा सके. उन्होंने राज्य में पिछले दो दिनों में वर्षाजनित घटनाओं में मारे गए लोगों के परिजन को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की भी घोषणा की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी फोन पर धामी से बात की और स्थिति का जायजा लिया तथा हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ कुमाऊं क्षेत्र में वर्षा प्रभावित इलाकों का दौरा करने गए पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि नैनीताल के काठगोदाम और लालकुआं तथा ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर में सड़कों, पुलों और रेल पटरियों को नुकसान पहुंचा हैं. कुमार ने कहा कि क्षतिग्रस्त पटरियों को ठीक करने में कम से कम चार-पांच दिन लगेंगे. (abplive)

राजस्थान: भैंस चराने गई महिला की गला काटकर हत्या, पैर काटकर चांदी की पायल भी ले गए हमलावर
20-Oct-2021 1:39 PM (36)

राजस्थान की राजधानी जयपुर से आज एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां जयपुर के खतेपुरा में अज्ञात हमलावरों ने एक महिला की गला काटकर हत्या कर दी. इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है. वहीं, महिला की हत्या के बाद ग्रामीण धरने पर बैठ गए हैं और शव की अंत्येष्टि से किया इनकार कर दिया है. जानिए पूरा मामला क्या है.

30 टीमें कर रही हैं हमलावरों की तलाश
जयपुर ग्रामीण एसपी शंकर दत्त शर्मा ने बताया है कि महिला पर अज्ञात हमलावरों ने उस वक्त हमला किया, जब वह भैंस चराने गई थी. पुलिस ने बताया है कि हमलावर महिला के पैरों को काटकर उसकी चांदी की पायल भी चुराकर ले गए. पुलिस को शुरूआती जांच में यह लूट की वारदात लग रही है. पुलिस की 30 टीमें हमलावरों की तलाश कर रही हैं.

बता दें कि गुस्साए ग्रामीण आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने, मुआवजा और परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं. गीता देवी नाम की महिला की उम्र 55 साल थी. ग्रामीण शव को वहां से हटाने नहीं दे रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि हम ग्रामीणों और परिजनों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं.

महिला अपराध में राजस्थान अव्वल है- बीजेपी
इस बीच, बीजेपी के राज्यसभा सदस्य किरोड़ीलाल मीणा ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को संबोधित करते हुए ट्वीट किया, 'आपको महिलाएं उत्तर प्रदेश में ही असुरक्षित लग रही हैं. शर्मनाक तथ्य यह है कि देशभर में महिला अपराध में राजस्थान अव्वल है.' मीणा ने आरोप लगाया कि राज्य के मुखिया महिला सुरक्षा को नजरंदाज कर केवल आपके यशोगान में व्यस्त हैं.

वहीं, बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजयवर्धन सिंह राठौर ने कहा है कि राजस्थान में ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं और उन्हें छुपाया जाता है ताकि यह मीडिया में न आए. अपराधियों का हौंसला इतना बढ़ गया है कि पुलिस का कोई डर नहीं है. उन्हें सिर्फ मंत्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात किया जाता है. कांग्रेस सरकार खुद को बचाने में लगी है. (abplive)
 

सेना के साथ मुठभेड़ में दो आतंकी ढेर, सर्च ऑपरेशन जारी
20-Oct-2021 1:38 PM (40)

जम्मू कश्मीर में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है. समाचार लिखे जाने तक सेना के साथ जारी मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए हैं. इलाके को पूरी तरह से सुरक्षित घोषित करने और आतंकियों के खात्मे को लेकर सेना की ओर से सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. जवानों की कोशिश है कि जल्द से जल्द इलाके में छुपे हुए आतंकियों को गिरफ्तार करके भय मुक्त घोषित कर दिया जाए. बता दें कि इलाके में छुपे आतंकी जवानों की ओर से चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान गोलीबारी शुरू कर दी. आतंकियों की ओर से जारी गोलीबारी के बाद जवानों ने मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी.

आतंकियों ने शुरू की गोलीबारी
कश्मीर के आईजीपी विजय कुमार ने बताया कि मारे गए एक आतंकी की पहचान हो गई है. आईजीपी के मुताबिक ढेर आतंकी का नाम आदिल आह वानी है. उन्होंने बताया कि यह पिछले सा जुलाई महीने से सक्रिय हुआ था. आईजीपी के मुताबिक वह पुलवामा में एक गरीब मजदूर की हत्या में शामिल था. आईजीपी विजय कुमार के मुताबिक पिछले दो हफ्ते में 15 आतंकियों को मार गिराया गया है.

जवानों के हताहत होने की खबर नहीं
सेना की ओर से जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी ढेर हो गए हैं. इस घटना में किसी भी जवान के हताहत होने की खबर नहीं है. बता दें कि जवानों को शुरुआती जानकारी मिली थी कि इलाके में आतंकी छुपे हुए हैं. आतंकियों की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने इलाके को घेर लिया और आतंकियों को हथियार डालने को कहा. जिसके बाद जवानों की आहट को सुनते ही आतंकियों ने हथियार न डालकर उल्टे फायरिंग शुरू कर दी. जिसके बाद जवानों को मोर्चा संभालना पड़ा. दोनों ओर से रुक-रुककर गोलीबारी की जा रही थी. इस बीच जवानों ने निशाना साधते हुए एक-एककर दो आतंकियों को ढेर कर दिया. (abplive)
 

लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, चार किसानों समेत 8 की हुई थी मौत
20-Oct-2021 1:37 PM (42)

लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को हुई हिंसा के मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. इस हिंसा में 4 किसानों समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई थी. चीफ जस्टिस एनवी रमण, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की एक पीठ मामले पर सुनवाई करेगी. इसी पीठ ने 8 लोगों की ‘‘बर्बर’’ हत्या के मामले में यूपी सरकार की कार्रवाई पर आठ अक्टूबर को असंतोष व्यक्त किया था. इस मामले में अभी तक केन्द्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को एक पत्र लिखकर दो वकीलों ने घटना की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की और इसमें सीबीआई को भी शामिल करने को कहा. इसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई शुरू की.

गौरतलब है कि किसानों का एक समूह यूपी प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की यात्रा के खिलाफ तीन अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहा था, तभी लखीमपुर खीरी में एक एसयूवी (कार) ने चार किसानों को कुचल दिया. इसके बाद गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी के 2 कार्यकर्ताओं और एक ड्राइवर की कथित तौर पर पीट-पीट र हत्या कर दी, जबकि हिंसा में एक स्थानीय पत्रकार की भी मौत हो गई.

गौरतलब है कि किसान संगठनों की तरफ से तीन नए कृषि कानून ‘कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार कानून, 2020’, ‘कृषक उत्पाद व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) कानून, 2020’ और ‘आवश्यक वस्तु (संशोधन) कानून’ को वापस लेने की मांग को लेकर पिछले साल नवंबर से प्रदर्शन कर रहे हैं.

पहले पंजाब से शुरू हुआ यह आंदोलन धीरे-धीरे दिल्ली की सीमाओं के आसपार, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी फैल गया. सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में कानूनों को अमल में लाने पर रोक लगा दी थी. कोर्ट ने आठ अक्टूबर को लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले में सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के आरोपियों को गिरफ्तार ना करने के कदम पर सवाल उठाए थे और सबूतों को संरक्षित रखने के निर्देश दिए थे. पीठ ने कहा था कि कानून सभी आरोपियों के खिलाफ समान रूप से लागू होना चाहिए और ‘‘आठ लोगों की बर्बर हत्या की जांच में विश्वास जगाने के लिए सरकार को इस संबंध में सभी उपचारात्मक कदम उठाने होंगे.’’ राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने आठ अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया था कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी. (abplive)

बांग्लादेश हिंसा: सांसद जगन्नाथ सरकार ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, कहा- जल्द से जल्द CAA लागू करें
20-Oct-2021 1:36 PM (35)

कोलकाता : बांग्लादेश के हिंदू अल्पसंख्यकों पर पिछले कुछ दिनों से क्रूर अत्याचार हो रहा है. देश के कई हिस्सों में पूजा पंडालों, मंदिरों, घरों और व्यवसायों में तोड़फोड़ के मामले में अब तक 71 मामले दर्ज किए गए हैं. राणाघाट के सांसद जगन्नाथ सरकार ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बांग्लादेश में भाई-बहनों की स्थिति पर दुख व्यक्त किया है.

पत्र में लिखा है, ''मैं आपको बड़े दुख के साथ सूचित करना चाहता हूं कि बांग्लादेश में मेरे हिंदू. भाई-बहन गंभीर संकट में हैं, उन्हें जिहादी ताकतों द्वारा गंभीर उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है.'' उन्होंने यह भी कहा कि कैसे सनातन धर्म की मूर्तियों को तोड़ा गया. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कैसे हिंदुओं को मारा गया है, माताओं और बहनों का सम्मान लूटा गया है.

प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया के सभी हिंदू समाज का रक्षक बताते हुए उन्होंने आगे कहा, ''इस कठिन समय में बांग्लादेश के हिंदुओं से उनकी मदद की और उनसे एक साथ खड़े होने और उनकी रक्षा करने का भी आग्रह किया. उन्होंने दुनिया भर के हिंदुओं की रक्षा के लिए भारत में सीएए कानून को जल्द लागू करने के लिए भी कहा.''

हिंसा पर बीजेपी ने क्या कहा?
भाजपा ने रविवार को आरोप लगाया कि बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा धार्मिक अल्पसंख्यक समूहों पर एक व्यवस्थित हमले का हिस्सा है. वर्तमान स्थिति में पश्चिम में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लागू करने की आवश्यकता है.

उन्होंने आगे कहा, ''पूरा सनातन समाज मदद मांग रहा है. अगर अभी सही और सख्त कदम नहीं उठाए गए तो बंगाल में जिहादी ताकतों का मनोबल बढ़ेगा और उन्हें यहां भी परेशान किया जाएगा.'' पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस संबंध में ट्वीट किया.

उन्होंने पहले भी प्रधान मंत्री को पत्र लिखा था और उनसे गृह मंत्री के साथ इस मुद्दे को बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ कूटनीतिक रूप से उठाने का आग्रह किया था. (abplive)

ईंट तक न लगाई, कैंची-मिठाई लाए भाजपाई : कुशीनगर एयरपोर्ट पर अखिलेश यादव का तंज
20-Oct-2021 1:05 PM (43)

नई दिल्ली : यूपी के कुशीनगर में पीएम मोदी ने आज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन कर दिया और पहली इंटरनेशनल फ्लाइट भी यहां लैंड कर चुकी है.. सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इसे सपा सरकार का काम बताते हुए मोदी सरकार पर तंज किया है. उन्होंने ट्वीट किया है कि जबकि शिलान्यास की एक ईंट तक भी इन्होंने न लगाई… तब भी सपा के कामों का उद्घाटन करने आ गए भाजपाई… लेकर अपनी कैंची, फ़ीता, माला, मिठाई, भाजपाई ये याद रखें कि ‘पायलट बनने से प्लेन आपका नहीं हो जाता' और ये भी कि जिस रनवे से आप उड़ान भर रहे हैं उसकी ज़मीन ‘किसी और' ने तैयार की थी।

इससे पहले वाले ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि सपा की सरकार में शुरू हुए ‘कुशीनगर एयरपोर्ट' के आरंभ होने से इस क्षेत्र में पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को बहुत बढ़ावा मिलेगा. भाजपा को सपा के जनहितकारी कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए, सिर्फ सपा के कामों का उद्घाटन करने का कीर्तिमान नहीं बनाना चाहिए. बता दें कि कुशीनगर एयरपोर्ट  को पर्यटन को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. कुशीनगर का क्षेत्र बौद्ध सर्किट के तहत आता है. बौद्ध सर्किट में नेपाल के लुंबिनी जहां गौतम बुद्ध का जन्म हुआ से लेकर बिहार के बोध गया तक का क्षेत्र शामिल है, जहां उन्हें बौद्ध प्राप्त हुआ. इसमें सारनाथ और कुशीनगर भी शामिल है जहां क्रमश बुद्ध ने पहला उपदेश दिया और महापरिनिर्वाण प्राप्त किया. इसे लेकर यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है कि

कुशीनगर में एयरपोर्ट के विकास से इस क्षेत्र में सांस्कृतिक विकास में मदद मिलेगी.  

    कुशीनगर बौद्ध धार्मिक यात्रा के चार महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है. यह हवाई अड्डा बुद्धिस्ट सर्किट में कुशीनगर को महत्व दिलाएगा.
    मूल बौद्ध केंद्र के रूप में भारत का विकास जहां से दुनिया भर में बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार हुआ
    इससे देश विदेश के बौद्ध धर्म के अनुयायियों को कुशीनगर आने में मदद मिलेगी
    इससे बुद्धिस्ट थीम पर आधारित सर्किट के विकास में मदद मिलेगी
     बौद्ध धर्म के महत्वपूर्ण स्थानों तक आम लोगों की पहुंच बढ़ेगी और बौद्ध धर्म से जुड़े मूल्यों का प्रचार होगा
     बौद्ध धर्म से जुड़े स्थानों के संरक्षण में मदद मिलेगी और इस तरह भारतीय स्मारकों और संस्कृति का संरक्षण भी हो सकेगा
     भारत की श्रेष्ठ आर्किटेक्चर को दुनिया के सामने दिखाया जा सकेगा
    भारत की मूल्य व्यवस्था का केंद्रीय विचार पंथनिरपेक्षता तथा असहिष्णुता को दुनिया के सामने रखा जा सकेगा
    विचारों तथा मूल्यों के आदान-प्रदान से एक भारत श्रेष्ठ भारत की थीम का प्रमोशन हो सकेगा

इसके साथ ही कुशीनगर एयरपोर्ट के उद्घाटन से एयर कनेक्टिविटी में सुधार होगा. कुशीनगर सीधे जहाज पहुंचने से राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को यहां पहुंचने में आसानी होगी. इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित होंगे. कुशीनगर तथा अन्य बौद्ध स्थलों के आर्थिक विकास में मदद मिलेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार सुबह 10 बजे कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे. इसके बाद वे महापरिनिर्वाण मंदिर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. एक बजे कुशीनगर में विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे (ndtv.in)
 

दशकों की आशाओं और अपेक्षाओं का परिणाम है कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट : नरेंद्र मोदी
20-Oct-2021 1:02 PM (45)

कुशीनगर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कर दिया है.  बौद्ध भिक्षुओं को श्रीलंका से लेकर अंतरराष्ट्रीय विमान कुशीनगर की धरती पर उतर चुका है. उद्घाटन करते हुए यहां पीएम मोदी ने कहा कि भारत विश्व भर के बौद्ध समाज की प्रेरणा का केंद्र है. उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट से सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा ही नहीं मिलेगा बल्कि इससे किसान और पशुपालकों को भी फायदा होगा. रोजगार बढ़ेगा. आने वाले 3 सालों में देश में 200 से अधिक एयरपोर्ट का नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश है. यह पूर्वांचल और बौद्ध धर्म के अनुयायिकों के लिए कई मायनों में खास है. भारत बौद्ध धर्म की आस्था का केंद्र है. भारत, विश्वभर के बौद्ध समाज की श्रद्धा का, आस्था का, केंद्र है. आज कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ये सुविधा, उनकी श्रद्धा को अर्पित पुष्पांजलि है. भगवान बुद्ध के ज्ञान से लेकर महापरिनिर्वाण तक की संपूर्ण यात्रा का साक्षी ये क्षेत्र आज सीधे दुनिया से जुड़ गया है.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि भगवान बुद्ध से जुड़े स्थानों को विकसित करने के लिए, बेहतर कनेक्टिविटी के लिए, श्रद्धालुओं की सुविधाओं के निर्माण पर भारत द्वारा आज विशेष ध्यान दिया जा रहा है. कुशीनगर का विकास, यूपी सरकार और केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में है. उड़ान योजना के तहत बीते कुछ सालों में 900 से अधिक नए रूट्स को स्वीकृति दी जा चुकी है, इनमें से 350 से अधिक पर हवाई सेवा शुरु भी हो चुकी है. 50 से अधिक नए एयरपोर्ट या जो पहले सेवा में नहीं थे, उनको चालू किया जा चुका है. देश का एविएशन सेक्टर प्रोफेशनली चले, सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता मिले, इसके लिए हाल में एयर इंडिया से जुड़ा बड़ा कदम देश ने उठाया है.

उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में पीएम गतिशक्ति- नेशनल मास्टर प्लान भी लॉन्च किया गया है. इससे गवर्नेंस में तो सुधार आएगा ही ये भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सड़क हो, रेल हो, हवाई जहाज़ हो, ये एक दूसरे को सपोर्ट करें, एक दूसरे की क्षमता बढ़ाएं.  ये कदम भारत के एविएशन सेक्टर को नई ऊर्जा देगा. ऐसा ही एक बड़ा रिफॉर्म डिफेंस एयरस्पेस को सिविल यूज़ के लिए खोलने से जुड़ा है. हाल ही में पीएम गतिशक्ति- नेशनल मास्टर प्लान भी लॉन्च किया गया है. इससे गवर्नेंस में तो सुधार आएगा ही ये भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सड़क हो, रेल हो, हवाई जहाज़ हो, ये एक दूसरे को सपोर्ट करें, एक दूसरे की क्षमता बढ़ाएं. (ndtv.in)
 

'आपका काम किसी को डराना नहीं, बल्कि मन से डर निकालना है', CBI और CVC अफसरों से बोले मोदी
20-Oct-2021 1:01 PM (40)

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और केंद्रीय सतर्कता आयोग के अधिकारियों की एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेन्स को संबोधित करते हुए कहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का काम किसी को डराना नहीं, बल्कि लोगों के मन से डर को निकालना है. पीएम ने कहा कि न्याय से ही 'सुराज' मुमकिन हो सकता है, इसलिए समाज से भ्रष्टाचार के अन्याय को खत्म करना है.

पीएम मोदी ने अपने रिकॉर्डेड वीडियो संबोधन में कहा, आज हम भारत की आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं. आने वाले 25 वर्ष, यानि इस अमृतकाल में आत्मनिर्भर भारत के विराट संकल्पों की सिद्धि की तरफ देश बढ़ रहा है. आज हम गुड गवर्नेंस- प्रो पीपल, प्रोएक्टिव गवर्नेंस को सशक्त करने में जुटे हैं."

उन्होंने कहा, "भ्रष्टाचार-करप्शन, छोटा हो या बड़ा, वो किसी ना किसी का हक छीनता है. ये देश के सामान्य नागरिक को उसके अधिकारों से वंचित करता है, राष्ट्र की प्रगति में बाधक होता है और एक राष्ट्र के रूप में हमारी सामूहिक शक्ति को भी प्रभावित करता है और आज देश को ये भी विश्वास हुआ है कि देश को धोखा देने वाले, गरीब को लूटने वाले, कितने भी ताकतवर क्यों ना हो, देश और दुनिया में कहीं भी हों, अब उन पर रहम नहीं किया जाता, सरकार उनको छोड़ती नहीं है."

पीएम मोदी ने कहा, "बीते 6-7 सालों के निरंतर प्रयासों से हम देश में एक विश्वास कायम करने में सफल हुए हैं कि बढ़ते हुए करप्शन को रोकना संभव है. आज देश को ये विश्वास हुआ है कि बिना कुछ लेन-देन के, बिना बिचौलियों के भी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है."

PM ने कहा, "न्यू इंडिया अब ये भी मानने को तैयार नहीं कि भ्रष्टाचार सिस्टम का हिस्सा है. उसे System Transparent चाहिए, Process Efficient चाहिए और Governance Smooth चाहिए." उन्होंने कहा, "आज 21वीं सदी का भारत, आधुनिक सोच के साथ ही टेक्नोलॉजी को मानवता के हित में इस्तेमाल करने पर बल देता है. न्यू इंडिया Innovate करता है, Initiate करता है और Implement करता है."

प्रधानमंत्री ने कहा, "आज देश में जो सरकार है, वो देश के नागरिकों पर ट्रस्ट करती है, उन्हें शंका की नजर से नहीं देखती. इस भरोसे ने भी भ्रष्टाचार के अनेकों रास्तों को बंद किया है. इसलिए दस्तावेज़ों की वैरीफिकेशन के लेयर्स को हटाकर, करप्शन और अनावश्यक परेशानी से बचाने का रास्ता बनाया है." उन्होंने कहा, हमने देशवासियों के जीवन से सरकार के दखल को कम करने को एक मिशन के रूप में लिया है. हमने सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए, मैक्सिमम गवर्नमेंट कंट्रोल के बजाय मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस  पर फोकस किया." (ndtv.in)
 

अमरिंदर सिंह बनाएंगे नई पार्टी, कहा - पंजाब चुनाव में BJP से सीटों के समझौते को तैयार
20-Oct-2021 12:59 PM (39)

नई दिल्ली : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को ऐलान किया कि वह नई पार्टी बनाएंगे. अगर किसान आंदोलन का समाधान उनके हित में हो जाता है तो पंजाब में भाजपा के साथ समझौते को लेकर भी वे विचार करेंगे. साथ ही अकाली समूहों से अलग हुए दलों सहित समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ गठबंधन करने का भी विचार करेंगे. बता दें, पिछले महीने अमरिंदर सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी, उसके बाद उन्होंने भाजपा में शामिल होने की संभावना को खारिज कर दिया था. उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने किसानों के आंदोलन पर चर्चा के लिए मुलाकात की थी.

मंगलवार शाम को कई ट्वीट करते हुए अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने उनके हवाले से लिखा है, 'जल्द ही पंजाब और उसके लोगों के हितों की सेवा करने के लिए अपनी खुद की पार्टी का ऐलान करेंगे. इन लोगों में हमारे किसान भी शामिल हैं जो करीब एक साल से अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं.'

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है, 'अगर किसानों के हित में किसान आंदोलन का समाधान हो जाता है तो 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में भाजपा के सीटों के समझौते की संभावना है. इसके अलावा अकाली समूहों से अलग हुए दलों सहित समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ गठबंधन करने का भी विचार करेंगे.'

79 वर्षीय अमरिंदर सिंह पिछले चार दशक से ज्यादा समय से कांग्रेस के साथ थे और पंजाब में कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता रहे हैं. सितंबर ने अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया था. इसके बाद अमरिंदर सिंह ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी ने उनका अपमान किया है. गौरतलब है कि अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू में काफी तनाव रहा था. सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उनके बीच तनाव ज्यादा बढ़ गया था. कांग्रेस नेतृत्व ने इस तनाव को खत्म करने की भी काफी कोशिश की, लेकिन सारी कोशिशें बेनतीजा रहीं. अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम बनाया है.

कांग्रेस छोड़ने के वक्त ही अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट कर दिया था कि वे राजनीतिक विकल्प तलाश करेंगे. उन्होंने कहा था, 'हमेशा एक विकल्प होता है, और समय आने पर मैं उस विकल्प का इस्तेमाल करूंगा.' साथ ही उन्होंने कहा था कि वह "दोस्तों" के साथ चर्चा के बाद अपने भविष्य के कदम पर फैसला करेंगे.

सितंबर महीने के अंत में गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक के बाद, अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया था कि उन्होंने "कृषि कानूनों के खिलाफ लंबे समय चले रहे किसान आंदोलन' पर चर्चा की. उन्होंने कहा था कि उन्होंने मंत्री से "कानूनों को निरस्त करने और एमएसपी की गारंटी के साथ संकट को तत्काल हल करने' अपील की थी.' (ndtv.in)

पंजाब: चीन, पाकिस्तान और इटली में बने पिस्टल, गोला-बारूद और चरस की बड़ी खेप बरामद
20-Oct-2021 12:56 PM (28)

नई दिल्ली : पंजाब पुलिस की खुफिया एजेंसी की जानकारी के आधार पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पंजाब पुलिस ने एक संयुक्त अभियान में कल (19 अक्टूबर) अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब फिरोजपुर में बड़ी मात्रा में हथियारों की खेप बरामद की है. इंटेलिजेंस ने इनपुट दिया था कि सीमा पर सुरक्षा गेट संख्या 159 और 160 के बीच हथियारों की खेप की तस्करी होनेवाली है.

इस सूचना पर संयुक्त अभियान में सुरक्षाबलों के हाथ एक बैग की बरामदगी हुई है.  उस बैग में 22 पिस्टल थे. उनमें से तीन पाकिस्तान, दो चीन और एक इटली निर्मित है. इनके अलावा तीन 7 शॉट विलियम्स (स्टार) पिस्टल, तीन आमिर स्पेशल (स्टार), एक स्पेशल गिफ्ट (स्टार), दो ब्लैक पैंथर (स्टार) और छह पिस्टल बिना किसी मार्क के हैं.

बैग से 44 मैग्जीन और गोला-बारूद भी भरामद हुए हैं.  इनके अलावा 934 ग्राम हेरोइन और 72 ग्राम अफीम की भी बरामदगी हुई है. सभी पिस्टल .30 बोर के हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि अधिकांश पाकिस्तान निर्मित हैं.

मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और विदेशी अधिनियम के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है. जब्त/बरामद वस्तुओं को अमृतसर में पंजाब पुलिस को सौंप दिया गया है.

यह जब्ती ऐसे समय में हुई है जब पंजाब के नेता पंजाब में बीएसएफ के बढ़े हुए अधिकार क्षेत्र के मुद्दे का विरोध कर रहे हैं. पंजाब में सभी दलों के नेताओं ने दावा किया था कि बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ने से राज्य पुलिस बिना शक्ति की हो जाएगी और सीमावर्ती क्षेत्रों में तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी में उनकी कम भूमिका हो जाएगी. हालांकि, यह संयुक्त ऑपरेशन है. (ndtv.in)
 

बिहार औऱ बंगाल के कई जिलों में भी उत्तराखंड जैसी रिकॉर्ड बारिश हुई, मौसम विभाग का अलर्ट
20-Oct-2021 12:54 PM (36)

नई दिल्ली : बिहार औऱ बंगाल के कई जिलों में भी उत्तराखंड जैसी रिकॉर्ड बारिश पिछले 24 घंटे में हुई है. इसको लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार, बिहार के फारबिसगंज में रिकॉर्ड 257 मिलीमीटर बरसात पिछले 24 घंटे में दर्ज की गई है. सुपौल में 111 और पूर्णिया में 75 मिलीमीटर बारिश हुई है. पश्चिम बंगाल की बात करें तो पहाड़ी इलाके दार्जिलिंग  में 234 मिलीमीटर और कलिमपोंग में 199 मिलीमीटर बरसात हुई है. बागडोगरा में 196, जलपाईगुड़ी में 151 और कूच बिहार में 61 मिलीमीटर वर्षा हुई है. सिक्किम की राजधानी गंगटोक में 130 मिलीमीटर बरसात हुई है. यह आंकड़ा सुबह 8.30 बजे तक की बारिश का है. जबकि उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में 87 मिमी बारिश दर्ज हुई है.

उधर, उत्तराखंड के नैनीताल, पिथौरागढ़ जैसे जिलों में तो हालात सामान्य हो रहे हैं, लेकिन रानीखेत-अल्मोड़ा का दूसरे दिन भी मैदानी इलाकों से संपर्क कटा रहा. उत्तराखंड में बारिश अब तक 47 लोग मारे जा चुके हैं. गृह मंत्री अमित शाह आज शाम उत्तराखंड जाएंगे और कल बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे करेंगे.उत्तराखंड में दो दिनों की रिकॉर्ड बारिश से सड़कें ध्वस्त हो गई हैं. पुल औऱ रेल पटरियां भी टूट चुकी हैं. (ndtv.in)
 

उत्तराखंड में भारी बारिश-भूस्खलन से सड़कें ध्वस्त, NDRF फंसे लोगों को महफूज स्थानों पर पहुंचाने में जुटी
20-Oct-2021 12:50 PM (32)

नई दिल्ली : उत्तराखंड में दो दिनों की भारी बारिश और भूस्खलन  से कुमाऊं क्षेत्र में भारी तबाही देखने को मिली है. सड़कों पर आए सैलाब से रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं. पुल टूट गए हैं और रेल पटरियां उखड़ गई हैं. इससे पर्यटक तो परेशान हैं ही, स्थानीय लोग भी अपने जरूरी कामकाज के लिए दूसरी जगह नहीं पा रहे हैं. हालांकि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) औऱ राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें इन खराब रास्तों से लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने के काम में जुटी हैं.
एनडीआरएफ के डीजी सत्य नारायण प्रधान ने ट्वीट कर आपदा बल के राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी भी दी है.

प्रधान ने कहा कि उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच एनडीआरएफ की टीमें दिन रात प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने में जुटी हैं. नैनीताल, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा जिलों में कई जगहों पर बाढ़ और भूस्खलन से आवाजाही बंद हो गई थी. इसके बाद एनडीआरएफ की 15 टीमों ने उन्हें सुरक्षित जगहों पर लाने का अभियान छेड़ा है. पर्यटकों और आम नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा रहा है. नैनीताल के छारा इलाके में भी एनडीआरएफ की टीम ऐसे ही राहत कार्य में जुटी है.

उत्तराखंड आपदा में अब तक 47 लोगों की जान जा चुकी है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार रात उच्चस्तरीय समीक्षा कर जानमाल के नुकसान का जायजा लिया था. उन्होंने मृतकों के पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है. जिनके घर ध्वस्त हुए हैं, उन्हें भी एक लाख रुपये दिए जाएंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सीएम से बात की है औऱ राज्य की हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है. वायुसेना भी तीन हेलीकॉप्टरों के जरिये नैनीताल और अन्य प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है. (ndtv.in)
 

सोने के दामों में उछाल जारी, लेकिन रिकॉर्ड हाई से 8,800 रुपये सस्ता, देख लें ताजा रेट
20-Oct-2021 12:48 PM (30)

नई दिल्ली : सोने के दामों में लगातार उछाल जारी है. बुधवार यानी 20 अक्टूबर, 2021 को घरेलू बाजार में सोने में अच्छी तेजी दर्ज हो रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना पिछले कारोबारी सत्र में 47,480 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. आज सुबह 9.35 पर 0.26 % या 122 रुपये की उछाल दर्ज हो रही थी और सोना 47,402 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज हो रहा था. वहीं, चांदी में आज 31 रुपये या 0.05 % की उछाल दर्ज हुई है और मेटल 64,481 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर था.

अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में देखें तो Goldprice.org के मुताबिक, सोने में 0.30 फीसदी की तेजी दर्ज हो रही थी और यह 1774.37 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर था. वहीं. चांदी 0.57 फीसदी की तेजी के साथ 23.78 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर था.

रिकॉर्ड हाई से लगभग 9,000 रुपये सस्ता सोना

सोना मौजूदा मजबूती के बावजूद अपने रिकॉर्ड हाई से काफी सस्ता चल रहा है. सोना पिछले साल अगस्त में 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था. लेकिन अभी यह 47,400 के आसपास है. यानी येलो मेटल अपने रिकॉर्ड हाई से लगभग 8,800 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता चल रहा है. अगले कुछ हफ्तों में सोने में और तेजी देखी जा सकती है.

स्थानीय हाजिर बाजार में दर्ज हुई थी उछाल

मंगलवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना 256 रुपये की तेजी के साथ 46,580 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया. इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 46,324 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. चांदी की कीमत भी 188 रुपये की तेजी के साथ 62,328 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई. पिछले कारोबारी सत्र में यह 62,140 रुपये प्रति किलो के भाव पर बंद हुई थी.

22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की कीमत

Good Returns वेबसाइट पर नजर डालें तो आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1 ग्राम पर 4,750, 8 ग्राम पर 38,000, 10 ग्राम पर 47,500 और 100 ग्राम पर 4,75,000 रुपये चल रही है. अगर प्रति 10 ग्राम देखें तो 22 कैरेट सोना 46,500 पर बिक रहा है.

अगर प्रमुख शहरों में गोल्ड की कीमतों पर नजर डालें तो दिल्ली में 22 कैरेट के सोने की कीमत 46,450 और 24 कैरेट सोने की कीमत 50,670 चल रही है. मुंबई में 22 कैरेट सोना 46,500 और 24 कैरेट सोना 47,500 पर चल रहा है. कोलकाता में 22 कैरेट सोना 46,840 रुपए है, वहीं 24 कैरेट सोना 49,540 रुपए है. चेन्नई में 22 कैरेट सोने की कीमत 44,640 और 24 कैरेट 48,700 रुपए पर है. ये कीमतें प्रति 10 ग्राम सोने पर हैं.

अगर चांदी की बात करें तो वेबसाइट के मुताबिक, प्रति किलोग्राम चांदी की कीमत 64,400 रुपए प्रति किलो है. दिल्ली में चांदी 64,400 रुपए प्रति किलो बिक रही है. मुंबई और कोलकाता में भी चांदी की कीमत यही है. चेन्नई में चांदी की कीमत 68,700 रुपए प्रति किलो है. (ndtv.in)
 

'कहा था सब साथ ही हैं' : कैप्टन अमरिंदर सिंह पर पंजाब के मंत्री ने साधा निशाना
20-Oct-2021 12:46 PM (29)

चंडीगढ़ : पंजाब में चुनाव से पहले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह  द्वारा नई पार्टी बनाने की घोषणा ने सभी को चौंका दिया है. इस बीच कैप्टन के फैसले पर पंजाब के मंत्री परगट सिंह ने निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि वह पिछले महीने बेवजह कांग्रेस से बाहर होने के बाद भाजपा और उसकी जैसी अन्य "समान विचारधारा वाली पार्टियों" के साथ साझेदारी करने के लिए तैयार हैं. कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रतिद्वंदी नवजोत सिंह सिद्धू के करीबी सहयोगी परगट सिंह को पंजाब में कांग्रेस की नई सरकार बनने के बाद कैबिनेट में शामिल किया गया है.परगट सिंह ने कहा, "मैंने हमेशा कहा था कि कैप्टन भाजपा और अकाली दल के साथ हैं. वह अपना एजेंडा भाजपा से लेते थे."

बता दें कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को ऐलान किया कि वह नई पार्टी बनाएंगे. अगर किसान आंदोलन का समाधान उनके हित में हो जाता है तो पंजाब में भाजपा के साथ समझौते को लेकर भी वे विचार करेंगे. साथ ही अकाली समूहों से अलग हुए दलों सहित समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ गठबंधन करने का भी विचार करेंगे. बता दें, पिछले महीने अमरिंदर सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी, उसके बाद उन्होंने भाजपा में शामिल होने की संभावना को खारिज कर दिया था. उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने किसानों के आंदोलन पर चर्चा के लिए मुलाकात की थी. मंगलवार शाम को कई ट्वीट करते हुए अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने उनके हवाले से लिखा है, 'जल्द ही पंजाब और उसके लोगों के हितों की सेवा करने के लिए अपनी खुद की पार्टी का ऐलान करेंगे. इन लोगों में हमारे किसान भी शामिल हैं जो करीब एक साल से अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं.' एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है, 'अगर किसानों के हित में किसान आंदोलन का समाधान हो जाता है तो 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में भाजपा के सीटों के समझौते की संभावना है. इसके अलावा अकाली समूहों से अलग हुए दलों सहित समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ गठबंधन करने का भी विचार करेंगे.' (ndtv.in)
 

केदारनाथ: 6 हजार श्रद्धालुओं में से चार हजार वापस लौटे, 2 हजार को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
19-Oct-2021 9:16 PM (111)

नई दिल्ली, 19 अक्टूबर | उत्तराखंड में लगातार आ रही तेज बारिश के बीच केदारनाथ में चारधाम यात्रा के लिए 06 हजार श्रद्धालु मौजूद थे। इनमें से चार हजार श्रद्धालु वापस आ गये हैं। शेष 2 हजार श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। उतराखंड के नैनीताल, हल्द्वानी, काठगोदाम, रानीखेत, पौड़ी, लैंसडाउन, चमोली आदि क्षेत्रों में भी बीते तीन दिन से लगातार तेज बारिश हो रही। काठगोदाम में तो तेज बारिश के कारण रेलवे ट्रैक की पटरी भी उखड़ गई। जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग ने जानकारी दी कि श्री केदारनाथ में कुल 06 हजार श्रद्धालु थे। इनमें से चार हजार वापस आ गये हैं। शेष दो हजार सुरक्षित स्थानों पर हैं। अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में सेना से तीन हेलीकॉप्टर लगाये जा रहे हैं। जिलाधिकारी चमोली एवं रुद्रप्रयाग को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा मार्गों पर फंसे यात्रियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।


सीएम पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग में जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग से जिले की स्थिति व यात्रा की जानकारी ली है। अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया है। आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धनसिंह रावत व डीजीपी अशोक कुमार भी उनके साथ थे।

जिलाधिकारी पौड़ी के मुताबिक तहसील लैंसडाउन के क्षेत्रान्तर्गत छप्पर गिरने से 03 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि 02 लोग घायल हो गये थे। घायलों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। रूद्रप्रयाग में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है। उत्तराखंड के कई अन्य स्थानों पर पर्यटकों के भी फंसे होने की सूचना है। पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार शाम उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नैनीताल ने जिले के आपदाग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण किया है।

वहीं तेज बारिश और तूफान के कारण नैनीताल जिले के कई हिस्से सड़क यातायात से पूरी तरह कट गए हैं। अत्यधिक बारिश के कारण उत्तराखंड स्थित काठगोदाम के गोलापार इलाके में सड़क मार्ग टूटकर नदी में बह गया। काठगोदाम में ट्रेनों का आवागमन भी प्रभावित हुआ है। कई ट्रेनों को स्थगित करना पड़ा है। जबकि कई ट्रेनों को शार्ट टर्मिनेट कर दिया गया है। वहीं रानीखेत को सड़क परिवहन से जोड़ने वाले एक मुख्य पुल के ऊपर तक नदी का पानी पहुंच गया, जिससे यहां यातायात व्यवस्था ठप हो गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाय कि बारिश के कारण यदि कोई राजमार्ग बाधित होता है, तो उनमें आवगमन जल्द सुचारू करने के लिए पूरी व्यवस्था हो। जिन क्षेत्रों में अधिक वर्षा हो रही हैं, वहां विशेष सतर्कता बरती जाय।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अतिवृष्टि से जानमाल का जो नुकसान हुआ है। प्रभावितों को मानकों के अनुसार जल्द अनुमन्य सहायता राशि उपलब्ध कराई जाय।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि धैर्य बनाकर रखें। अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार द्वारा तेजी से प्रयास किये जा रहे हैं। सभी जरूरी इंतजाम सरकार द्वारा किये जा रहे हैं।(आईएएनएस)

जोमैटो विवाद के बाद द्रमुक नेता ने कहा, ग्राहकों को उनकी स्थानीय भाषा में सर्विस दी जानी चाहिए
19-Oct-2021 9:15 PM (46)

चेन्नई, 19 अक्टूबर | द्रमुक सांसद कनिमोझी और अन्य ने मंगलवार को फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो के भाषाई विवाद में फंसने के बाद कंपनियों के लिए अपने ग्राहकों को उनकी स्थानीय भाषा में सर्विस देना अनिवार्य करने की वकालत की है। द्रमुक सांसद का यह बयान तब सामने आया है, जब जोमैटो के एक कस्टमर केयर एजेंट ने एक ग्राहक शिकायतकर्ता से कहा कि हिंदी 'राष्ट्रीय भाषा' है और हर किसी को इसके बारे में थोड़ा-बहुत पता होना चाहिए।

कनिमोझी ने लिस्टेड कंपनी जोमैटो का नाम लिए बिना ट्वीट करते हुए कहा, "कुछ कंपनियों का कस्टमर केयर केवल चुनिंदा भाषाओं में ही काम करता है। कंपनियों के लिए अपने ग्राहकों को उनकी स्थानीय भाषा में सेवा देना अनिवार्य किया जाना चाहिए। एक ग्राहक को हिंदी या अंग्रेजी जानने की जरूरत नहीं है।"

दरअसल चेन्नई के एक ग्राहक ने आरोप लगाया है कि उसे हिंदी न जानने के लिए 'झूठा' करार दिया गया। ग्राहक का कहना है कि कंपनी में काम करने वाले एक कर्मचारी ने उससे कहा कि उसे हिंदी तो थोड़ी बहुत आनी चाहिए, क्योंकि यह हमारी 'राष्ट्र भाषा' है।

इस विवाद के बारे में ग्राहक ने ट्वीट किया और कर्मचारी के साथ हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट साझा किया। विकास ने अपनी शिकायत में कहा कि उसने जो ऑर्डर दिया, उसमें से एक आइटम नहीं पहुंचा है।

जोमैटो के कस्टमर केयर एजेंट के साथ अपनी बातचीत के स्क्रीन शॉट्स पोस्ट करते हुए विकास ने कनिमोझी और अन्य को भी टैग किया था।

जोमैटो के कस्टमर केयर एजेंट, जिन्होंने विकास के साथ विनम्र तरीके से बात की थी, ने कहा कि भाषा को लेकर एक बाधा है। कर्मचारी ने कहा, "आपकी जानकारी के लिए हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा है। इसलिए यह बहुत आम है कि हर किसी को थोड़ी सी हिंदी जाननी चाहिए।"

कंपनी के कर्मचारी की ओर से ऐसा जवाब मिलने पर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने जोमैटो की जमकर आलोचना की। यही नहीं, कुछ लोगों ने तो ऐप को अनइंस्टॉल करने का दावा भी किया। कुछ लोगों ने द्रमुक पर भी निशाना साधा है और कहा है कि इसके कई नेता हिंदी पढ़ाने वाले स्कूल चलाते हैं।

जोमैटो ने विकास को जवाब देते हुए ट्वीट किया, "हम समझते हैं कि भोजन और भाषा किसी भी स्थानीय संस्कृति के मूल हैं और हम दोनों को गंभीरता से लेते हैं।"

हालांकि, जोमैटो ने विकास से माफी मांगते हुए कहा कि उसने उस एजेंट को निकाल दिया है और कहा कि वह एक तमिल ऐप बना रहे हैं और तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक तमिल कॉल/सपोर्ट सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया में है। हालांकि बाद में कंपनी ने कहा कि वह उक्त कर्मचारी को नहीं निकाल रहे हैं।

बता दें कि ऑनलाइन फूड डिलिवरी कंपनी ने विवाद बढ़ने के बाद एक स्पष्टीकरण भी जारी किया है।

सीईओ दीपिंदर गोयल ने लिखा, "एक खाद्य वितरण कंपनी के एक सहायता केंद्र में किसी की अनजाने में हुई गलती एक राष्ट्रीय मुद्दा बन गई। हमारे देश में सहिष्णुता और ठंडक बरतने का स्तर आजकल की तुलना में कहीं अधिक होना चाहिए। यहां किसे दोषी ठहराया जाए?।"

सीईओ ने कहा कि हम सभी को एक-दूसरे की खामियों को सहन करना चाहिए और हम एक दूसरे की भाषा और क्षेत्रीय भावनाओं की कद्र करते हैं।

गोयल ने यह भी कहा कि कंपनी के कॉल सेंटर एजेंट युवा हैं, जो अपने सीखने की अवस्था और करियर की शुरुआत में हैं। वे भाषाओं और क्षेत्रीय भावनाओं के विशेषज्ञ नहीं हैं।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जोमैटो तमिलनाडु से उतना ही प्यार करता है, जितना वह देश के बाकी हिस्सों से करता है।

उन्होंने कहा, "तमिलनाडु - हम आपसे प्यार करते हैं। जितना हम देश के बाकी हिस्सों से प्यार करते हैं। अधिक नहीं, कम नहीं। जितना हम अलग हैं, उतना ही हम सभी एक जैसे हैं।"

गोयल ने कहा कि कंपनी ने ग्राहक सेवा एजेंट को बर्खास्त नहीं किया है।

गोयल ने लिखा, "हम एजेंट को बहाल कर रहे हैं - यह अकेले ऐसी चीज नहीं है, जिसके लिए उसे निकाल दिया जाना चाहिए था। वह आसानी से सीख सकती हैं और आगे बढ़ने के बारे में बेहतर कर सकती हैं।"

बता दें कि तमिलनाडु में रहने वाले एक शख्स ने आरोप लगाया कि जोमैटो एक्जीक्यूटिव ने पैसे रिफंड करने के लिए हुई बातचीत में उससे हिंदी सीखने को कहा। स्क्रीनशॉट्स शेयर करते हुए विकास नाम के शख्स ने लिखा "कस्टमर केयर का कहना है कि मेरा रिफंड इसलिए नहीं किया क्योंकि मुझे हिंदी नहीं आती। उसने मुझे झूठा भी करार दे दिया।"(आईएएनएस)

झारखंड: गुमला में दो बहनों से गैंगरेप के नौ आरोपी गिरफ्तार, एक ने कर ली खुदकुशी
19-Oct-2021 9:14 PM (51)

रांची, 19 अक्टूबर | गुमला जिले के बिशुनपुर प्रखंड की गुरदरी थाना क्षेत्र में दो नाबालिग बहनों से सामूहिक बलात्कार के नौ आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी ने थाना में नामजद मामला दर्ज होने के अगले ही दिन फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। दोनों लड़कियां बीते शुक्रवार की शाम अपने भाई के साथ दशहरा मेला देखकर गांव लौट रही थीं तो रास्ते में दस युवकों ने उन्हें घेर लिया था। आरोपियों ने भाई को मारपीट कर भगा दिया और दोनों लड़कियों को पास के जंगल में ले जाकर उनसे सामूहिक दुष्कर्म किया।


शनिवार को थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने दबिश बढ़ायी तो इनमें से एक आरोपी ने अपने घर में फांसी लगा ली। आज सात आरोपियों को पुलिस ने तब गिरफ्तार किया, जब वे गुमला में एक वकील के घर उनसे मिलने पहुंचे थे। गुमला पुलिस ने बताया कि सातों अभियुक्त अदालत में आत्मसमर्पण करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन वकील के घर से निकलते ही पुलिस ने उन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। दो आरोपियों को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।

इधर, गोड्डा जिले के मेहरमा प्रखंड कार्यालय में तैनात दो होमगार्डस पर एक मूक बधिर महिला ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए रविवार को प्राथमिकी दर्ज करायी थी। उसने पुलिस को इशारों में बताया कि वह प्रखंड कार्यालय के पास बकरी चराने गयी थी, तभी दो होमगार्ड जवानों ने उसकी इज्जत लूटी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।(आईएएनएस)

एमनेस्टी: कोरोना के दौरान अभिव्यक्ति की आजादी पर अंकुश लगाने की कोशिश
19-Oct-2021 9:09 PM (40)

एमनेस्टी ने कहा है कि कई सरकारों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को और प्रतिबंधित करने के अवसर के रूप में महामारी का इस्तेमाल किया है. संस्था ने गलत सूचना के प्रसार में सोशल मीडिया की भूमिका पर भी जोर दिया.

(dw.com)  

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने चेतावनी दी है कि दुनिया भर की दमनकारी सरकारें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के लिए कोरोना वायरस को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं. इस संबंध में उसने कुछ सरकारों के कदम का भी जिक्र किया.

एमनेस्टी की रिपोर्ट का नाम "साइलेंट एंड मिसइनफॉर्मेड: फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन इन डेंजर ड्यूरिंग कोविड-19" है. अधिकार संस्था ने अपनी रिपोर्ट में दुनिया भर की सरकारों द्वारा घोषित उपायों का हवाला दिया, जिन्होंने 2020 के बाद से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर "अभूतपूर्व" अंकुश लगाया.

एमनेस्टी में अनुसंधान वकालत और नीति के वरिष्ठ निदेशक रजत खोसला ने कहा, "मीडिया चैनलों को लक्षित करने का प्रयास किया गया है, सोशल मीडिया को सेंसर किया गया और कई मीडिया आउटलेट बंद कर दिए गए हैं." साथ ही उन्होंने कहा उचित जानकारी के अभाव में कई लोगों की जान भी गई होगी.

एमनेस्टी ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "जिन सरकारों ने लंबे समय तक सार्वजनिक क्षेत्र में अत्यधिक प्रतिबंधात्मक कानून के साथ साझा किए जाने पर कड़ा नियंत्रण रखा है, उन्होंने महामारी का इस्तेमाल आलोचना, बहस और सूचनाओं को साझा करने के लिए कानूनों को लागू करने के लिए किया है."

रिपोर्ट में कहा गया है, "कुछ अन्य सरकारों ने महामारी के कारण उत्पन्न स्थिति और चिंताओं का उपयोग आपातकालीन उपायों को अपनाने और नए कानून बनाने के लिए किया है जो न केवल अनुपातहीन हैं बल्कि गलत सूचना जैसे मुद्दे भी हैं. इससे निपटने में भी अप्रभावी साबित हुए हैं."

चीन और रूस में स्वतंत्रता और भी सीमित

रिपोर्ट में कहा गया है चीन, जहां पहली बार 2019 में कोरोना वायरस का पता चला था, उसने फरवरी 2020 तक 5,115 लोगों के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू की थी. चीनी अधिकारियों के मुताबिक इन लोगों पर महामारी की प्रकृति की "झूठी और हानिकारक जानकारी गढ़ने और फिर जानबूझकर इसे फैलाने" का आरोप लगाया गया था.

एमनेस्टी ने कहा कि रूस ने अपने "फर्जी समाचार" कानून का विस्तार किया और आपातकाल के संदर्भ में "जानबूझकर झूठी जानकारी का सार्वजनिक प्रसार" कहे जाने वाले आपराधिक दंड को लागू करने वाले संशोधन पेश किए हैं.

संस्था के अनुसार रूस ने फर्जी समाचार प्रकाशित करने के नाम पर मीडिया आउटलेट्स के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए कानून भी बनाए हैं. एमनेस्टी ने कहा कि महामारी के मद्देनजर प्रतिबंध लगाए गए थे, लेकिन इस बात की अधिक संभावना है कि महामारी खत्म होने के बाद भी कार्रवाई जारी रहेगी.

अपनी रिपोर्ट में एमनेस्टी इंटरनेशनल ने सोशल मीडिया पर भी प्रकाश डाला कि कैसे वे गलत सूचना के प्रसार को सुविधाजनक बनाते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक इसका कारण यह है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट को इस तरह से बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जाता है कि यह यूजर्स का ध्यान खींच सके और उन्हें जोड़े रखें. इस संबंध में वे झूठी और भ्रामक जानकारी के प्रसार को रोकने के लिए लगन से काम नहीं करते हैं.

मानवाधिकार संस्था ने अपनी 38 पन्नों की रिपोर्ट में कहा,"गलत सूचनाओं का हमला... अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वास्थ्य के अधिकारों के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर रहा है." (dw.com)

एए/सीके (एएफपी, डीपीए)