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माइनिंग के लिए केन्द्रीय भू-अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार चार गुना मुआवजा नहीं दे रही सरकार-अमरजीत
04-Dec-2025 9:42 PM
माइनिंग के लिए केन्द्रीय भू-अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार चार गुना मुआवजा नहीं दे रही सरकार-अमरजीत

पूर्व मंत्री ने कहा जनता सरकार के किस कार्य के लिए उत्सव मनाए

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर, 4 दिसंबर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने अंबिकापुर बौरीपारा स्थित अपने निवास में पत्रकारों से वार्ता करते हुए राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने दो वर्ष के कार्यकाल के उपलक्ष्य में कार्यक्रम कर रही है, लेकिन कई मुद्दों पर जनता संतोष नहीं जता रही है।

श्री भगत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल की बिजली बिल हाफ योजना को संशोधित किया गया है और अब इसका लाभ केवल 200 यूनिट तक सीमित है। उन्होंने कहा कि अनेक किसानों का रकबा पंजीयन के दौरान कम हो गया है तथा माइनिंग से प्रभावित क्षेत्रों में केन्द्रीय भू-अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार चार गुना मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।

श्री भगत ने कहा कि सरगुजा जिले के मैनपाट में बिना ग्राम सभा की सहमति के माइनिंग की तैयारी की जा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों में असंतोष है। उनका कहना है कि माइनिंग शुरू होने से पर्यटन पर प्रभाव पड़ सकता है और सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि दोनों गतिविधियों को साथ-साथ कैसे संचालित किया जाएगा।

उनका कहना है कि माइनिंग गतिविधियों से धूल प्रदूषण और क्षेत्रीय जल स्रोतों को नुकसान का खतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरण संरक्षण संबंधी पहलुओं को पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

मुआवजा और अधिग्रहण संबंधी आरोप

पूर्व मंत्री ने कहा कि माइनिंग क्षेत्रों में केन्द्रीय अधिग्रहण अधिनियम के तहत निर्धारित मुआवजा प्रदान नहीं किया जा रहा है, जिसे उन्होंने ग्रामीणों के साथ अन्याय बताया।

धान खरीदी व पंजीयन पर सवाल

श्री भगत ने कहा कि धान खरीदी प्रारंभ हो चुकी है, लेकिन कई किसानों का पंजीयन और एग्रीस्टैक से संबंधित कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ है। इसके चलते किसानों को धान बेचने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि वन अधिकार पट्टा धारियों के लिए खरीदी की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है।

अमेरा माइंस की घटना पर टिप्पणी

अमेरा माइंस में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प पर उन्होंने कहा कि बिना सहमति और रोजगार उपलब्ध कराए खनन नहीं किया जाना चाहिए।

हाथी मानव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही

श्री भगत ने कहा कि सरगुजा, रायगढ़ और कोरबा के इलाकों में माइनिंग और जंगलों में कमी से हाथी मानव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को अधिक मुआवजा देने की मांग की—फसल नुकसान पर लागत का दुगुना, मकान क्षति पर तीन कमरों का पक्का मकान,  जनहानि पर 25 लाख रुपये।

सीतापुर की घटना पर टिप्पणी

सीतापुर में हुई झड़प और उसके बाद विधायक रामकुमार टोप्पो के आंदोलनकारियों के साथ बैठने पर उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र की स्थिति स्पष्ट होती है।

प्रेस वार्ता में दीपक मिश्रा, लक्ष्मी गुप्ता और अन्य मौजूद रहे।


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