सरगुजा
अब तक 62 सामुदायिक कूप बने
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 8 जुलाई। कलेक्टर संजीव कुमार झा के निर्देशानुसार जिले के दुर्गम बसाहटें, जिनमें बोर खनन मशीन की पहुंच संभव नहीं है वहां पेयजल की व्यवस्था हेतु सामुदायिक कूप खनन कराया जा रहा है। कुल 76 स्वीकृत सामुदायिक कूप निर्माण में से अब तक 62 पूर्ण हो चुका है। कूप निर्माण हो जाने से इन दुर्गम बसाहटों के लोगों को अब ग्रीष्म ऋतु में पेयजल की समस्या दूर होगी, वहीं बरसात में दूषित जल मिश्रित ढोढ़ी के पानी पीने की मजबूरी नहीं होगी, जिससे जलजनित बीमारियों से ग्रसित नहीं होंगे।
जिला पंचायत से प्राप्त जानकारी के अनुसार अम्बिकपुर जनपद में कुल 10 कूप स्वीकृत थे, जिनमें 7 पूर्ण हो गए है। इसी प्रकार बतौली जनपद में स्वीकृत 8 कूपों में से 7 पूर्ण, लखनपुर जनपद में 5 स्वीकृत कूपों में से 3 पूर्ण, लुण्ड्रा एवं सीतापुर जनपद में 9.9 में से सभी पूर्ण, उदयपुर में भी 7 में से सभी पूर्ण तथा मैनपाट जनपद में 28 में से 21 कूप निर्माण पूर्ण हो चुका है। कलेक्टर संजीव कुमार झा ने निर्माणधीन कूपों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए हंै।
उल्लेखनीय है कि जिले के कई दुर्गम एवं जनजातीय बाहुल्य ग्राम एवं बसाहटों में हैंडपंप नहीं होने के कारण लोगों को शुद्ध पेयजल की समस्या रहती है। दुर्गम होने के कारण बोर मशीन भी वहां तक नहीं पहुंच पाता, जिससे लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में इन गॉंव एवं बसाहटों में सामुदायिक कूप निर्माण से लोगों को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था जिला प्रशासन का एक सार्थक कदम हो सकता है। कलेक्टर ने परंपरागत पेयजल स्रोत ढोढ़ी को भी पक्का बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ढोढ़ी ग्रामीणों के आस्था से भी जुड़ा होता है। इसलिए संरचना में बिना परिवर्तन किए बाहरी दीवार के साथ जगत बनाए ताकि बारिश का दूषित पानी मिश्रित न हो।


