सरगुजा

लंबित महंगाई भत्ते की मांग, ज्ञापन
02-Jul-2021 4:24 PM
लंबित महंगाई भत्ते की मांग, ज्ञापन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 2 जुलाई।
छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ सरगुजा के जिला अध्यक्ष एवं सभी ब्लॉक अध्यक्षों के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को कलेक्टर सरगुजा के माध्यम से ज्ञापन सौंपा है।

ज्ञापन में मांग किया गया है कि प्रदेश के शासकीय सेवकों को 1 जुलाई 2019 से मंहगाई भत्ता का भुगतान न किए जाने से प्रदेश के लोक सेवक मंहगाई भत्ते के 04 किश्तों से वंचित है। इसके फलस्वरूप प्रदेश के कर्मचारियों को प्रतिमाह महंगाई के मूल्य सूचकांक के आधार पर 5000 रू. की आर्थिक क्षति हो रही है।

छत्तीसगढ़ राज्य में कार्यरत केन्द्र सरकार के कर्मचारी 1 जुलाई 2019 से 17 प्रतिशत मंहगाई भत्ता प्राप्त कर रहे है, वहीं राज्य सरकार के कर्मचारी उसी महंगाई, उसी बाजार में 12 प्रतिशत मंहगाई भत्ता प्राप्त कर केन्द्रीय कर्मचारियों से 5 प्रतिशत कम प्राप्त करने के कारण क्रय शक्ति में कमी होने के कारण बेतहाशा महंगाई से जूझ रहे हैं। प्रतिदिन डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस, खाद्य सामग्री, सब्जियां, विशेषकर तेल पदार्थो, के दो गुने बढ़ते कीमतों के कारण समस्त जीवनोपयोगी वस्तुओं के मूल्यों में उत्तरोत्तर वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है। 

इस संबंध में केन्द्रीय नेतृत्व मनु सिंधवीं ने केन्द्र सरकार से मांग की है कि लंबित मंहगाई भत्ते का शीध्र भुगतान किया जावे। उनकी भावना का छत्तीसगढ़ राज्य में जहां उनकी सरकार है, तत्काल अनुपालन किया जाना चाहिए तथा मंहगाई भत्ता-मूल्य सूचकांक पर आधारित मंहगाई से हुई क्षति की प्रतिपूर्ति राशि के रूप में वेतन का हिस्सा है।

इसलिए प्रदेश के शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों के लंबित मंहगाई भत्ता क्रमश: 1 जुलाई 2019, 1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020, 1 जनवरी 2021 सहित आज 1 जुलाई 2021 को मूल्य सूचकांक के आधार पर बढ़े हुए बाजार मूल्य को समायोजित करने हेतु राज्य सरकार के शासकीय सेवकों के क्रय शक्ति को संतुलित करने हेतु देय मंहगाई भत्ता शीघ्र मांग की गई। 
 


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