सरगुजा
भीषण गर्मी में पशुओं को लू से बचाने पशुपालन विभाग की सलाह
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता)
अंबिकापुर, 21 अप्रैल। सरगुजा जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी और लू के प्रभाव को देखते हुए पशुपालन विभाग ने पशुपालकों और किसानों के लिए विशेष एडवायजरी जारी की है। विभाग ने पशुओं को ‘हीट स्ट्रोक’ (लू) से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।
अतिरिक्त उपसंचालक पशुपालन डॉ. सी.के. मिश्रा ने बताया कि अत्यधिक तापमान के कारण पशुओं में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है, जिससे उनकी शारीरिक क्षमता और दुग्ध उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर पशुपालक अपने पशुओं को स्वस्थ रखने के साथ आर्थिक नुकसान से भी बच सकते हैं।
विभाग द्वारा जारी एडवायजरी में पशुओं के लिए ठंडी और हवादार जगह की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है। पशु शेड के ऊपर टाट या घास डालने अथवा सफेद पेंट कराने से तापमान कम रखा जा सकता है। शेड में पंखे या कूलर का उपयोग करने तथा दोपहर के समय पशुओं को सीधी धूप में नहीं बांधने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही शेड के आसपास छायादार वृक्ष लगाने को भी उपयोगी बताया गया है।
पशुओं को दिन में कम से कम तीन से चार बार ताजा और ठंडा पानी पिलाने की सलाह दी गई है। पानी में इलेक्ट्रोलाइट, नमक या गुड़ का घोल मिलाकर देने से लू से बचाव में मदद मिलती है। इसके अलावा दिन में एक से दो बार पशुओं को नहलाने तथा सुबह और शाम के ठंडे समय में ही चारा देने की बात कही गई है। आहार में हरा चारा शामिल करने को भी जरूरी बताया गया है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि यदि पशु तेज सांस लेने लगे, हांफे, मुंह खोलकर सांस ले या मुंह से लार टपकने लगे, तो इसे लू लगने के लक्षण माना जाना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर पशु को तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर उसके सिर और गर्दन पर ठंडा पानी डालना चाहिए तथा बिना देर किए नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
पशुपालन विभाग ने किसानों से अपील की है कि भीषण गर्मी के दौरान पशुओं की विशेष देखभाल करें, क्योंकि लापरवाही से पशुओं की उत्पादन क्षमता प्रभावित हो सकती है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।


