सरगुजा
अंबिकापुर, 21 अप्रैल। स्वरंग किड्स एकेडमी के संचालन के संबंध में हाल ही में हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अभिभावकों ने कलेक्टर को सामूहिक प्रतिवेदन सौंपकर विद्यालय के संचालन पर पुनर्विचार करने की मांग की है। अभिभावकों ने बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और संवेदनशील निर्णय लेने का आग्रह किया है।
अभिभावकों ने अपने प्रतिवेदन में स्पष्ट किया कि यह आवेदन पूरी तरह से अभिभावकों की ओर से बच्चों के हित को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है और इसमें विद्यालय प्रबंधन की कोई संलिप्तता नहीं है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में बच्चों को सुरक्षित और पारिवारिक वातावरण प्रदान किया जाता है, जहां वे सहज और भावनात्मक रूप से सुरक्षित महसूस करते हैं।
प्रतिवेदन में अभिभावकों ने उल्लेख किया है कि विद्यालय में भारतीय संस्कृति आधारित नैतिक शिक्षा, पौष्टिक एवं संतुलित भोजन की व्यवस्था तथा बच्चों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। साथ ही अभिभावकों को सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से बच्चों की गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
अभिभावकों ने यह भी बताया कि विद्यालय में ‘नो स्क्रीन टाइम’ नीति लागू है, जिससे बच्चों को आपसी संवाद और व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिलता है। इसके अलावा कार्यरत माताओं के लिए डे-केयर सुविधा भी काफी उपयोगी साबित हो रही है।
प्रतिवेदन में कहा गया है कि हाल ही में विद्यालय की दैनिक गतिविधियां स्थगित होने से अभिभावकों और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अचानक दिनचर्या बाधित होने से बच्चों के सीखने और भावनात्मक जुड़ाव पर असर पड़ रहा है।
अभिभावकों ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि इस मामले की समीक्षा करते समय अभिभावकों के दृष्टिकोण को भी प्रमुखता दी जाए और बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाए। उन्होंने प्रशासन के निष्पक्ष और न्यायसंगत निर्णय पर विश्वास जताया है।


